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24 मई 2026 पंचांग: पुरुषोत्तम मास के नौवें दिन अभिजीत व विजय मुहूर्त का शुभ संयोग, जानें राहुकाल

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24 मई 2026 पंचांग: पुरुषोत्तम मास के नौवें दिन अभिजीत व विजय मुहूर्त का शुभ संयोग, जानें राहुकाल

सारांश

24 मई 2026 को पुरुषोत्तम मास के नौवें दिन अभिजीत और विजय मुहूर्त एक साथ बन रहे हैं — धार्मिक कार्यों के लिए दुर्लभ संयोग। राहुकाल सायं 5:27 से 7:10 बजे तक; इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं।

मुख्य बातें

24 मई 2026 (रविवार) को पुरुषोत्तम मास का नौवाँ दिन है — ज्येष्ठ शुक्ल नवमी तिथि ।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 से 12:46 बजे और विजय मुहूर्त दोपहर 2:35 से 3:30 बजे तक।
राहुकाल सायं 5:27 से 7:10 बजे — इस दौरान शुभ कार्य और यात्रा वर्जित।
सूर्योदय प्रातः 5:26 बजे , सूर्यास्त सायं 7:10 बजे ; नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी (2:51 बजे तक), फिर उत्तराफाल्गुनी ।
अमृत काल सायं 8:16 से 9:54 बजे ; ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:04 से 4:45 बजे ।

पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के नौवें दिन, 24 मई 2026 (रविवार) को ज्येष्ठ शुक्ल नवमी तिथि पर एक साथ अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग बन रहा है। सनातन परंपरा में यह दोनों मुहूर्त धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

पुरुषोत्तम मास का महत्व

सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास को भगवान विष्णु का सर्वाधिक प्रिय मास माना जाता है। इसे अधिक मास, मल मास और लोंद मास के नाम से भी जाना जाता है। यह विशेष मास लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आता है, इसलिए इसके धार्मिक महत्व को असाधारण माना जाता है। इस मास में भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की विशेष पूजा का विधान है। व्रत-उपवास रखने और श्री हरि का भजन-कीर्तन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

शुभ मुहूर्त और योग

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 बजे से 12:46 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:35 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:04 बजे से 4:45 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए उत्तम समय है।

सर्वार्थ सिद्धि योग देर रात 2:51 बजे से रविवार प्रातः 5:26 बजे तक, तथा अमृत काल सायं 8:16 बजे से 9:54 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में किया गया कोई भी शुभ कार्य फलदायी माना जाता है। गोधूलि मुहूर्त सायं 7:09 बजे से 7:29 बजे तक रहेगा।

अशुभ काल — राहुकाल और अन्य वर्जित समय

रविवार को राहुकाल सायं 5:27 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ कार्य या यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यमगंड दोपहर 12:18 बजे से 2:01 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 3:44 बजे से 5:27 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सायं 5:20 बजे से 6:15 बजे तक रहेगा।

नक्षत्र, तिथि और करण

रविवार को सूर्योदय प्रातः 5:26 बजे और सूर्यास्त सायं 7:10 बजे होगा। नवमी तिथि पर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रातः 2:51 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र आरंभ होगा। हर्षण योग प्रातः 3:45 बजे तक और करण बालव सायं 4:23 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात कौलव करण प्रभावी होगा।

क्या करें इस दिन

पुरुषोत्तम मास के इस नौवें दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। अभिजीत और विजय मुहूर्त में धार्मिक अनुष्ठान, नई योजनाओं की शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है। राहुकाल और दुर्मुहूर्त में शुभ कार्य टालने की परंपरा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर पुरुषोत्तम मास जैसे दुर्लभ अवसरों पर जब धार्मिक गतिविधियाँ चरम पर होती हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि पंचांग की समय-गणना क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है, इसलिए स्थानीय पंडित या विश्वसनीय पंचांग से पुष्टि करना उचित रहता है। पुरुषोत्तम मास का धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व इसे मंदिरों और घरों में विशेष आयोजनों का केंद्र बनाता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 मई 2026 को कौन-से शुभ मुहूर्त हैं?
24 मई 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 से 12:46 बजे और विजय मुहूर्त दोपहर 2:35 से 3:30 बजे तक है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:04 से 4:45 बजे और अमृत काल सायं 8:16 से 9:54 बजे तक रहेगा।
24 मई 2026 को राहुकाल कब है?
रविवार 24 मई 2026 को राहुकाल सायं 5:27 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य, नई शुरुआत या यात्रा करने से बचना चाहिए।
पुरुषोत्तम मास क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
पुरुषोत्तम मास (अधिक मास या मल मास) लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आने वाला अतिरिक्त हिंदू चंद्र मास है। इसे भगवान विष्णु का सर्वाधिक प्रिय मास माना जाता है और इसमें व्रत, पूजा व भजन-कीर्तन का विशेष धार्मिक महत्व है।
24 मई 2026 को कौन-सा नक्षत्र रहेगा?
24 मई 2026 को प्रातः 2:51 बजे तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रभावी हो जाएगा। हर्षण योग प्रातः 3:45 बजे तक और करण बालव सायं 4:23 बजे तक रहेगा।
पुरुषोत्तम मास में क्या करना चाहिए?
पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना, व्रत-उपवास और श्री हरि के भजन-कीर्तन का विधान है। शुभ मुहूर्त में धार्मिक कार्य करने और राहुकाल जैसे अशुभ समय में शुभ कार्य टालने की परंपरा है।
राष्ट्र प्रेस
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