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पुरुषोत्तम मास एकादशी 26 मई: अभिजीत-विजय मुहूर्त और रवि योग का दुर्लभ संयोग, जानें राहुकाल

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पुरुषोत्तम मास एकादशी 26 मई: अभिजीत-विजय मुहूर्त और रवि योग का दुर्लभ संयोग, जानें राहुकाल

सारांश

26 मई को पुरुषोत्तम मास की एकादशी पर अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त और रवि योग का दुर्लभ त्रिसंयोग बन रहा है — भगवान विष्णु की उपासना के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है। राहुकाल दोपहर 3:45 से 5:28 बजे तक रहेगा।

मुख्य बातें

26 मई 2025 (मंगलवार) को पुरुषोत्तम मास का ग्यारहवाँ दिन और ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी का संयोग है।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 से 12:46 बजे और विजय मुहूर्त दोपहर 2:36 से 3:31 बजे तक रहेगा।
पूरे दिन रवि योग प्रभावी रहेगा; योग सिद्धि 27 मई सुबह 3:11 बजे तक।
राहुकाल दोपहर 3:45 से शाम 5:28 बजे तक — इस दौरान नए कार्य न करें।
भद्रा शाम 5:42 बजे से 27 मई सुबह 5:25 बजे तक रहेगी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मास में किए गए पुण्य का लाख गुना फल मिलता है।

पुरुषोत्तम मास का ग्यारहवाँ दिन 26 मई 2025 (मंगलवार) को विशेष धार्मिक महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त और रवि योग का एकसाथ मिलना इस दिन को भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी बनाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास में किए गए पुण्य कर्मों का फल सामान्य महीनों की तुलना में लाख गुना अधिक मिलता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय

26 मई को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 11 मिनट पर। चंद्रोदय दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त 27 मई की देर रात 2 बजकर 32 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि और हस्त नक्षत्र दोनों पूर्ण रात्रि तक प्रभावी रहेंगे।

पंचांग विवरण

योग सिद्धि पूरे दिन रहेगा और 27 मई की सुबह 3 बजकर 11 मिनट तक चलेगा। करण वणिज शाम 5 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। पूरे दिन रवि योग का प्रभाव रहेगा, जिसे कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:03 बजे से 4:44 बजे तक रहेगा। प्रातः संध्या सुबह 4:24 बजे से 5:25 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:36 बजे से 3:31 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 7:10 बजे से 7:30 बजे तक रहेगा।

अमृत काल रात 11:29 बजे से 27 मई की दोपहर 1:13 बजे तक और निशिता मुहूर्त रात 11:58 बजे से 12:39 बजे तक रहेगा। अभिजीत और विजय मुहूर्त के साथ रवि योग का यह त्रिसंयोग इस एकादशी को विशेष रूप से उपासना के लिए उत्तम बनाता है।

अशुभ समय — राहुकाल और अन्य

राहुकाल दोपहर 3:45 बजे से शाम 5:28 बजे तक रहेगा — इस अवधि में नए या महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है। यमगंड सुबह 8:52 बजे से 10:35 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12:18 बजे से 2:02 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 8:11 बजे से 9:06 बजे तक प्रभावी रहेगा। विडाल योग पूरे दिन और भद्रा मंगलवार शाम 5:42 बजे से 27 मई की सुबह 5:25 बजे तक रहेगी।

धार्मिक महत्व और क्या करें

पुरुषोत्तम मास की एकादशी व्रत, जप, ध्यान और दान के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और शास्त्रों के अनुसार इस मास में किया गया हर पुण्य कर्म विशेष फलदायी होता है। श्रद्धालु इस दिन विष्णु सहस्रनाम पाठ, तुलसी अर्पण और ब्राह्मण भोज का आयोजन कर सकते हैं। आगामी 27 मई को द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे सामान्य एकादशियों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। अभिजीत, विजय मुहूर्त और रवि योग का एकसाथ पड़ना खगोलीय दृष्टि से भी उल्लेखनीय है। हालाँकि पंचांग आधारित समय-सारणी धार्मिक आस्था पर टिकी है, इसका व्यावहारिक पक्ष यह है कि ये मुहूर्त लाखों श्रद्धालुओं की दिनचर्या और निर्णयों को प्रभावित करते हैं — विवाह, गृहप्रवेश और व्यापारिक शुरुआत से लेकर व्रत और दान तक। राहुकाल और भद्रा जैसे अशुभ काल की जानकारी समाज में सावधानी और अनुशासन का भाव जगाती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरुषोत्तम मास की एकादशी 26 मई 2025 को क्यों विशेष है?
26 मई 2025 को पुरुषोत्तम मास के ग्यारहवें दिन ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी, रवि योग, अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पुरुषोत्तम मास में किए गए पुण्य का फल सामान्य महीनों से लाख गुना अधिक होता है।
26 मई को अभिजीत और विजय मुहूर्त कब-कब हैं?
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:36 बजे से 3:31 बजे तक रहेगा। ये दोनों मुहूर्त महत्वपूर्ण कार्यों, पूजा और जप के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
26 मई 2025 को राहुकाल कितने बजे से कितने बजे तक है?
मंगलवार 26 मई को राहुकाल दोपहर 3:45 बजे से शाम 5:28 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी नया या शुभ कार्य आरंभ करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
रवि योग का क्या महत्व है और यह कब तक रहेगा?
रवि योग को कार्यों में सफलता और शुभ फल देने वाला माना जाता है। 26 मई को यह योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा। इसके साथ योग सिद्धि भी 27 मई की सुबह 3:11 बजे तक बनी रहेगी।
एकादशी व्रत का पारण 27 मई को कब होगा?
एकादशी तिथि 26 मई को पूर्ण रात्रि तक रहेगी, इसलिए व्रत का पारण 27 मई को द्वादशी तिथि पर किया जाएगा। भद्रा 27 मई की सुबह 5:25 बजे तक रहेगी, अतः पारण उसके बाद करना उचित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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