अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने मनाया राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह 2026, 32 लाख उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने 26 जून से 2 जुलाई 2026 के बीच अपने सभी कार्यालयों और विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों में राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह 2026 का आयोजन किया। इस वर्ष की थीम 'दक्षता, अनुपालन और सावधानी — विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करना' रही, जिसके तहत कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यशालाएँ और कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सुरक्षा सप्ताह में क्या हुआ
सप्ताह भर चले इस आयोजन में मुंबई स्थित कंपनी के विभिन्न कार्यालयों और वितरण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। इनमें सुरक्षित कार्यप्रणालियों, अनुपालन प्रक्रियाओं और सतर्कता के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने सुरक्षित कार्यप्रणालियों, कुशल कार्यबल और सतर्क अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रत्येक घर और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी के साथ ऊर्जा आपूर्ति करने का संकल्प व्यक्त किया।'
मानसून के लिए आपदा प्रबंधन तैयारियाँ
सुरक्षा सप्ताह के साथ-साथ अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने मानसून सीजन के मद्देनज़र अपनी आपदा प्रबंधन तैयारियों को भी मजबूत किया है। कंपनी के 32 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधान से सुरक्षित रखने के लिए सेंट्रल डिजास्टर कंट्रोल सेंटर (CDCC) को सक्रिय कर दिया गया है, जो चौबीसों घंटे संचालित होगा।
गौरतलब है कि मुंबई में मानसून के दौरान जलभराव और बिजली व्यवधान की घटनाएँ पहले भी गंभीर चुनौती बनती रही हैं। यह तैयारी उसी संदर्भ में एक संरचनात्मक प्रतिक्रिया है।
तकनीकी अवसंरचना और त्वरित प्रतिक्रिया दल
बिजली वितरण नेटवर्क में सात क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) रणनीतिक रूप से तैनात की गई हैं। इन्हें मानसून से जुड़ी आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई, रिकवरी और सेवा बहाली के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
बाढ़ की स्थिति पर नज़र रखने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर 98 अत्याधुनिक जल स्तर सेंसर स्थापित किए गए हैं। ये सेंसर एडवांस्ड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (ADMS) से जुड़े हैं, जिससे जलभराव से संबंधित विद्युत समस्याओं का पूर्वानुमान लगाकर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
संचार और समन्वय व्यवस्था
CDCC अत्याधुनिक सैटेलाइट और वायरलेस तकनीकों, वॉकी-टॉकी तथा रिमोट डिवाइसेज की मदद से विभिन्न विभागों और बाहरी एजेंसियों के साथ निर्बाध संचार सुनिश्चित करेगा। इसका उद्देश्य सेवा बाधित होने की अवधि को न्यूनतम करना और घटनाओं का प्रभावी प्रबंधन करना है।
मानसून-पूर्व रखरखाव और तैयारी
मानसून से पहले कंपनी ने व्यापक निरीक्षण और रखरखाव कार्य पूरे कर लिए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थित उपकरणों को ऊँचे स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा आवश्यक सामग्री, आपातकालीन वाहन और डीजल जनरेटर विभिन्न स्थानों पर पहले से तैनात किए जा चुके हैं। यह समग्र तैयारी इस बात का संकेत है कि कंपनी इस मानसून में सेवा निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।