7 अगस्त 2026
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राहुरी उपचुनाव 2026: BJP के अक्षय कर्डिले ने NCP-SP को 1.12 लाख वोटों से हराया

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राहुरी उपचुनाव 2026: BJP के अक्षय कर्डिले ने NCP-SP को 1.12 लाख वोटों से हराया

सारांश

राहुरी उपचुनाव में BJP के अक्षय कर्डिले ने 1.12 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की — यह अंतर उनके दिवंगत पिता की जीत से तीन गुना से भी अधिक है। महायुति के लिए यह नतीजा ग्रामीण महाराष्ट्र में पार्टी की मजबूती का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

अक्षय कर्डिले (BJP) ने राहुरी उपचुनाव में 1,40,093 वोट हासिल कर NCP-SP के गोविंद मोकाटे (27,506 वोट) को 1.12 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया।
यह उपचुनाव वरिष्ठ BJP नेता शिवाजी भानुदास कर्डिले के अक्टूबर 2025 में निधन के कारण हुआ।
23 अप्रैल को हुए मतदान में 54.80% वोटिंग दर्ज हुई, जो 2024 के 74.97% से कम है।
NCP-SP नेता प्राजक्त तानपुरे ने CM देवेंद्र फडणवीस के विकास आश्वासन के बाद नाम वापस लिया।
जीत का अंतर 2024 में शिवाजी कर्डिले की 34,487 वोट की जीत से कहीं अधिक है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अक्षय शिवाजीराव कर्डिले ने 4 मई 2026 को राहुरी विधानसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार गोविंद मोकाटे को 1.12 लाख से अधिक वोटों के विशाल अंतर से पराजित कर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्षय कर्डिले को 1,40,093 वोट मिले, जबकि मोकाटे केवल 27,506 वोट ही हासिल कर सके।

मुख्य घटनाक्रम

राहुरी सीट पर यह उपचुनाव वरिष्ठ BJP नेता शिवाजी भानुदास कर्डिले के अक्टूबर 2025 में अचानक निधन के कारण आवश्यक हुआ था। BJP ने दिवंगत नेता के पुत्र अक्षय कर्डिले को प्रत्याशी बनाया, जिन्होंने मतगणना के पहले दौर से ही बढ़त बनाए रखी। 23 अप्रैल को हुए मतदान में 54.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2024 के 74.97 प्रतिशत से काफी कम था — फिर भी मतदान करने वालों ने एकतरफा समर्थन दिया।

गौरतलब है कि यह जीत का अंतर उनके पिता शिवाजी कर्डिले द्वारा 2024 के चुनाव में हासिल 34,487 वोटों की जीत से कहीं अधिक है, जो क्षेत्र में BJP की गहरी होती पकड़ को रेखांकित करता है।

तानपुरे का नाम वापसी और फडणवीस का आश्वासन

चुनाव प्रचार के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पूर्व मंत्री और NCP-SP नेता प्राजक्त तानपुरे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। तानपुरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बातचीत की, जिसमें फडणवीस ने राहुरी विधानसभा क्षेत्र में तानपुरे के सुझाए विकास कार्यों को लागू करने हेतु सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। तानपुरे ने कहा कि वह अपने समर्थकों से विचार-विमर्श के बाद आगे का निर्णय लेंगे।

महायुति गठबंधन के लिए राजनीतिक संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुरी उपचुनाव का परिणाम ग्रामीण महाराष्ट्र में BJP की पकड़ की एक महत्वपूर्ण परीक्षा था। यह जीत महायुति गठबंधन के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब बारामती उपचुनाव में भी सुनेत्रा पवार बढ़त बनाए हुए थीं, जो गठबंधन की स्थिति को और मजबूत करती है।

कर्डिले परिवार का राजनीतिक भविष्य

अक्षय कर्डिले के लिए यह जीत महाराष्ट्र की राजनीति में एक औपचारिक और सशक्त प्रवेश है। अहमदनगर जिले की राजनीति में कर्डिले परिवार का प्रभाव इस परिणाम के साथ और सुदृढ़ हो गया है। आने वाले समय में अक्षय की भूमिका राज्य विधानसभा में किस दिशा में आकार लेती है, यह देखना राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी का विषय रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सहानुभूति लहर को संगठन की ताकत से जोड़ा गया। 54.80% मतदान के बावजूद 1.12 लाख का अंतर बताता है कि विपक्ष का आधार बिखरा हुआ है। तानपुरे की नाम वापसी और फडणवीस के आश्वासन की कहानी यह भी दर्शाती है कि सत्तारूढ़ गठबंधन चुनावी मैदान से पहले ही विपक्ष को कमजोर करने में सफल रहा — जो एक सुनियोजित रणनीति है, न कि संयोग।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुरी उपचुनाव 2026 में किसने जीत हासिल की?
BJP के उम्मीदवार अक्षय शिवाजीराव कर्डिले ने राहुरी विधानसभा उपचुनाव जीता। उन्हें 1,40,093 वोट मिले और उन्होंने NCP-SP के गोविंद मोकाटे को 1.12 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया।
राहुरी में उपचुनाव क्यों हुआ?
राहुरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव वरिष्ठ BJP नेता शिवाजी भानुदास कर्डिले के अक्टूबर 2025 में अचानक निधन के कारण कराना पड़ा। वे इस सीट के विधायक थे।
राहुरी उपचुनाव में मतदान प्रतिशत कितना रहा?
23 अप्रैल को हुए मतदान में 54.80 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो 2024 के विधानसभा चुनाव के 74.97 प्रतिशत से काफी कम है। फिर भी मतदान करने वालों ने BJP को एकतरफा समर्थन दिया।
प्राजक्त तानपुरे ने राहुरी उपचुनाव से नाम क्यों वापस लिया?
NCP-SP नेता प्राजक्त तानपुरे ने CM देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बातचीत के बाद नाम वापस लिया। फडणवीस ने राहुरी क्षेत्र में तानपुरे के सुझाए विकास कार्यों को लागू करने हेतु सरकारी मदद का आश्वासन दिया था।
इस जीत का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह जीत महायुति गठबंधन की ग्रामीण महाराष्ट्र में मजबूत पकड़ को दर्शाती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम BJP के लिए अहमदनगर जिले में और व्यापक स्तर पर महाराष्ट्र में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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