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6 अप्रैल का पंचांग: बैशाख कृष्ण की चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग और विजय मुहूर्त

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6 अप्रैल का पंचांग: बैशाख कृष्ण की चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग और विजय मुहूर्त

सारांश

6 अप्रैल को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसमें सर्वार्थ सिद्धि योग और विजय मुहूर्त का महत्व है। इस दिन के विशेष समय और अशुभ कालों की जानकारी जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं।

मुख्य बातें

चतुर्थी तिथि का महत्व कार्यों में सफलता के लिए जानें।
सर्वार्थ सिद्धि योग का समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है।
अशुभ समय की जानकारी से कार्यों की योजना बनाएं।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में दिन की शुरुआत या शुभ-अशुभ समय की जानकारी के लिए पंचांग के पांच अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि शुभ समय में किए गए कार्य फलदायी होते हैं जबकि अशुभ समय में कार्य में बाधाएं आती हैं और सफलता नहीं मिलती।

6 अप्रैल को सोमवार को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन चतुर्थी तिथि का ही मान रहेगा।

नक्षत्र की बात करें तो अनुराधा नक्षत्र 6 अप्रैल की रात 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव होगा। सूर्योदय 6 अप्रैल को 6 बजकर 6 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 42 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 10 बजकर 55 मिनट पर और चंद्रास्त अगली सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर होगा।

दृक पंचांग के अनुसार, 6 अप्रैल को सिद्धि योग दोपहर 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। बालव करण दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, उसके बाद कौलव करण लगेगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 6 मिनट से अगली रात 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 34 मिनट से 5 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। सायाह्न सन्ध्या शाम 6 बजकर 42 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक होगी। अमृत काल दोपहर 3 बजकर 19 मिनट से 5 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। निशिता मुहूर्त 7 अप्रैल की रात 12 बजे से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय के संदर्भ में, राहुकाल सुबह 7 बजकर 40 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, इसलिए इस दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ न करें। यमगण्ड दोपहर 10 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक होगा। गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से 1 बजकर 39 मिनट तक और दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से 4 बजकर 11 मिनट तक होगा। गण्ड मूल 7 अप्रैल की सुबह 2 बजकर 57 मिनट से 6 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। बाण रज सुबह 6 बजकर 9 मिनट से पूर्ण रात्रि तक रहेगा और विंछुड़ो पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दैनिक जीवन में कार्यों की योजना बनाने में भी सहायक होता है। शुभ और अशुभ समय का ज्ञान व्यक्ति को उचित निर्णय लेने में मदद करता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 अप्रैल को कौन सी तिथि है?
6 अप्रैल को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है।
सर्वार्थ सिद्धि योग कब तक रहेगा?
सर्वार्थ सिद्धि योग 6 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 6 मिनट से रात 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।
राहुकाल का समय क्या है?
राहुकाल सुबह 7 बजकर 40 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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