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7 मई पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी पर अभिजित-विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग, जानें राहुकाल और शुभ समय

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7 मई पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी पर अभिजित-विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग, जानें राहुकाल और शुभ समय

सारांश

7 मई को ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी पर अभिजित और विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग बन रहा है — नए कार्यों, यात्रा और पूजा के लिए दोपहर का समय सर्वोत्तम है। लेकिन राहुकाल दोपहर 1:58 से 3:39 बजे तक रहेगा, जिससे बचना ज़रूरी है।

मुख्य बातें

ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी तिथि गुरुवार 7 मई को सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक; उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन पंचमी का मान।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:51 से 12:45 और विजय मुहूर्त दोपहर 2:32 से 3:25 बजे — नए कार्यों के लिए शुभ संयोग।
राहुकाल दोपहर 1:58 से 3:39 बजे तक; इस दौरान शुभ कार्य वर्जित।
पूर्वाषाढा नक्षत्र शाम 6:46 तक, इसके बाद उत्तराषाढा ; योग साध्य , करण तैतिल ।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:11 से 4:53 ; अमृत काल दोपहर 1:23 से 3:11 बजे तक।

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि बुधवार, 7 मई 2025 (गुरुवार) को सूर्योदय के साथ प्रारंभ होगी। पंचांग के अनुसार यह तिथि सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा। उदयातिथि की परंपरा के अनुसार, पूरे दिन पंचमी का ही मान माना जाएगा। सनातन परंपरा में यह दिन विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि इस दिन अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त का दुर्लभ संयोग बन रहा है — जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और मुख्य पंचांग विवरण

गुरुवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजे होगा। नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाषाढा नक्षत्र शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात उत्तराषाढा नक्षत्र प्रभावी हो जाएगा। इस दिन योग साध्य एवं करण तैतिल रहेगा — दोनों ही शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त — कब करें कौन-सा कार्य

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार 7 मई को निम्नलिखित शुभ मुहूर्त रहेंगे:

ब्रह्म मुहूर्त — सुबह 4 बजकर 11 मिनट से 4 बजकर 53 मिनट तक। यह समय ध्यान, योग और प्रातःकालीन पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

अभिजित मुहूर्त — दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक। यह दिन का सबसे शक्तिशाली शुभ काल है, जो हर प्रकार के महत्त्वपूर्ण कार्यों — जैसे नई व्यावसायिक शुरुआत, गृह प्रवेश या यात्रा — के लिए उपयुक्त है।

विजय मुहूर्त — दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक। इस मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक मानी जाती है।

गोधूलि मुहूर्त — शाम 6 बजकर 59 मिनट से 7 बजकर 20 मिनट तक। विवाह और गृह प्रवेश जैसे संस्कारों के लिए यह विशेष रूप से शुभ है।

अमृत काल — दोपहर 1 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक। निशिता मुहूर्त — रात 11 बजकर 56 मिनट से देर रात 12 बजकर 39 मिनट तक।

राहुकाल और अन्य अशुभ समय — इनसे बचें

गुरुवार के अशुभ काल इस प्रकार हैं। राहुकाल — दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 39 मिनट तक। ज्योतिष परंपरा में इस समय किसी भी शुभ कार्य का आरंभ वर्जित माना जाता है।

यमगण्ड — सुबह 5 बजकर 36 मिनट से 7 बजकर 16 मिनट तक। गुलिक काल — सुबह 8 बजकर 57 मिनट से 10 बजकर 37 मिनट तक।

दुर्मुहूर्त — सुबह 10 बजकर 4 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक। विडाल योग — शाम 6 बजकर 46 मिनट से अगले दिन सुबह 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार राहुकाल एवं अन्य अशुभ कालखंडों में महत्त्वपूर्ण निर्णय और नए कार्यों का आरंभ टालना उचित रहता है।

अभिजित और विजय मुहूर्त का संयोग क्यों है विशेष

सनातन ज्योतिष में अभिजित मुहूर्त को 'सर्वकार्यसिद्धि' का काल कहा गया है। गौरतलब है कि जिस दिन अभिजित के साथ विजय मुहूर्त का संयोग हो, वह दिन दोगुना शुभ माना जाता है। यह संयोग 7 मई को दोपहर में बन रहा है, जो पूजा-पाठ, यात्रा, नई योजनाओं की शुरुआत और महत्त्वपूर्ण फैसलों के लिए उत्तम अवसर प्रदान करता है।

कुल मिलाकर, 7 मई 2025 का दिन ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी के रूप में धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अनुकूल है — बशर्ते राहुकाल और अन्य अशुभ कालों से बचते हुए शुभ मुहूर्त का सदुपयोग किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

गृह प्रवेश, व्यापार या यात्रा जैसे महत्त्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ मुहूर्त पर निर्भर रहते हैं। 7 मई को अभिजित और विजय मुहूर्त का एकसाथ पड़ना ज्योतिषीय दृष्टि से उल्लेखनीय है, क्योंकि ऐसे संयोग प्रतिदिन नहीं बनते। हालाँकि, राहुकाल और अमृत काल का आंशिक ओवरलैप यह भी दर्शाता है कि समय का सावधानीपूर्वक चयन आवश्यक है — केवल तिथि देखना पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 मई 2025 को कौन-सी तिथि है?
7 मई 2025 को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। यह तिथि सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी आरंभ होगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन पंचमी का मान रहेगा।
7 मई को अभिजित मुहूर्त कितने बजे है?
7 मई को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ काल माना जाता है और नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम है।
गुरुवार 7 मई को राहुकाल कब से कब तक है?
7 मई (गुरुवार) को राहुकाल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
विजय मुहूर्त का क्या महत्त्व है?
विजय मुहूर्त को ज्योतिष में सफलता दिलाने वाला काल माना जाता है। 7 मई को यह दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा और अभिजित मुहूर्त के साथ इसका संयोग इस दिन को विशेष रूप से शुभ बनाता है।
7 मई को कौन-सा नक्षत्र रहेगा?
7 मई को पूर्वाषाढा नक्षत्र शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र प्रभावी होगा। इस दिन योग साध्य और करण तैतिल रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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