4 अक्टूबर 2026
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AAP विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना की प्राथमिक सदस्यता निलंबित, स्कूल मुद्दा उठाने के कुछ घंटे बाद कार्रवाई

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AAP विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना की प्राथमिक सदस्यता निलंबित, स्कूल मुद्दा उठाने के कुछ घंटे बाद कार्रवाई

सारांश

AAP ने मौर विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना की प्राथमिक सदस्यता उसी दिन निलंबित कर दी, जिस दिन उन्होंने फेसबुक लाइव पर अपने क्षेत्र के स्कूलों और मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात न हो पाने का मुद्दा उठाया था — पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष का खुला संकेत।

मुख्य बातें

AAP ने 3 अक्टूबर 2026 को मौर विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित की।
निलंबन का आधार पार्टी विरोधी गतिविधियाँ , अनुशासनहीनता और गलत जानकारी फैलाना बताया गया है।
निलंबन से कुछ घंटे पहले मैसरखाना ने फेसबुक लाइव पर अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की दशा और शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था।
विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात का समय नहीं मिला।
AAP का कहना है कि जिस स्कूल का ज़िक्र था, वहाँ पहले से ही 25 शिक्षक कार्यरत हैं।
मैसरखाना 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP टिकट पर मौर सीट से जीते थे।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 3 अक्टूबर 2026 को मौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई उस दिन हुई जब मैसरखाना ने फेसबुक लाइव के ज़रिए अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की दशा और शिक्षकों की कमी का मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया था।

निलंबन का आधार क्या है

पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक निलंबन पत्र में मैसरखाना पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, पार्टी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने संगठन के खिलाफ गलत जानकारी फैलाई और उसकी छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू बताया गया है।

फेसबुक लाइव से शुरू हुआ विवाद

निलंबन से कुछ घंटे पहले ही विधायक मैसरखाना ने फेसबुक लाइव के ज़रिए अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता की स्थिति चिंताजनक है। मैसरखाना ने यह भी कहा कि क्षेत्र की शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा और उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात का समय तक नहीं मिल पाया।

फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे भविष्य में भी अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे।

पार्टी का पलटवार

AAP ने मैसरखाना के स्कूल संबंधी दावों को खारिज करते हुए कहा कि जिस स्कूल का विधायक ने उल्लेख किया था, वहाँ पहले से ही 25 शिक्षक कार्यरत हैं। पार्टी का तर्क है कि विधायक ने तथ्यों की जाँच किए बिना भ्रामक जानकारी जनता के बीच फैलाई, जिससे संगठन की साख को नुकसान हुआ।

विपक्ष ने उठाए सवाल

विधायक के बयानों के बाद पंजाब की राजनीति में तत्काल प्रतिक्रिया देखी गई। विपक्षी नेताओं ने सरकारी स्कूलों की स्थिति और पार्टी नेतृत्व पर लगाए गए आरोपों को आधार बनाते हुए AAP सरकार को घेरना शुरू कर दिया। आलोचकों का कहना है कि यदि एक निर्वाचित विधायक ही मुख्यमंत्री से मिलने में असमर्थ है, तो आम नागरिक की बात कौन सुनेगा।

पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि सुखवीर सिंह मैसरखाना 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP के टिकट पर मौर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब AAP पंजाब में अपनी सरकार की उपलब्धियों को लेकर लगातार प्रचार में जुटी है। पार्टी के भीतर से इस तरह की असहमति की आवाज़ें नेतृत्व के लिए असहज स्थिति पैदा करती हैं। अब यह देखना होगा कि मैसरखाना इस निलंबन को चुनौती देते हैं या पार्टी से अलग रास्ता अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह संदेश देता है कि पार्टी आंतरिक असहमति को लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अनुशासन-भंग मानती है। AAP ने पंजाब में शिक्षा सुधार को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है — ऐसे में एक विधायक का खुद पार्टी के खिलाफ स्कूल की दशा उजागर करना उस कथा को कमज़ोर करता है। विपक्ष के लिए यह प्रसंग एक तैयार-शुदा हथियार बन गया है। असली सवाल यह नहीं कि 25 शिक्षक हैं या नहीं — सवाल यह है कि एक विधायक को अपनी ही पार्टी की सरकार तक पहुँचने के लिए फेसबुक लाइव का सहारा क्यों लेना पड़ा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखवीर सिंह मैसरखाना की AAP सदस्यता क्यों निलंबित की गई?
AAP ने मैसरखाना पर पार्टी विरोधी गतिविधियों, अनुशासनहीनता और गलत जानकारी फैलाकर संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने 3 अक्टूबर 2026 को तत्काल प्रभाव से उनकी प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी।
मैसरखाना ने फेसबुक लाइव में क्या कहा था?
विधायक मैसरखाना ने अपने मौर विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और क्षेत्र की अनसुलझी समस्याओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात का समय नहीं मिल पाया।
AAP ने स्कूलों पर मैसरखाना के दावों का क्या जवाब दिया?
पार्टी ने दावा किया कि जिस सरकारी स्कूल का विधायक ने उल्लेख किया, वहाँ पहले से ही 25 शिक्षक कार्यरत हैं। पार्टी के अनुसार मैसरखाना ने भ्रामक जानकारी फैलाई।
सुखवीर सिंह मैसरखाना कौन हैं?
सुखवीर सिंह मैसरखाना 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर मौर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक हैं। वे पार्टी की पंजाब इकाई के नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बोलने वाले पहले AAP विधायकों में से एक बने।
इस निलंबन का पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
विधायक के बयानों के बाद विपक्षी दलों ने AAP सरकार को स्कूलों की दशा और आंतरिक संवाद की कमी पर घेरना शुरू कर दिया है। निलंबन से पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें और तेज़ हो सकती हैं, जिससे सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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