राम मंदिर चढ़ावा चोरी: AAP पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने PM मोदी से कड़ी सजा की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने 19 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की माँग की। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के एक लाख से अधिक राम भक्तों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जवाबदेही और न्याय की अपील की है।
मुख्य घटनाक्रम
अमन अरोड़ा ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों से आए पत्रों के बंडल प्रदर्शित करते हुए बताया कि ये पत्र राज्य के लगभग 22,000 मतदान केंद्रों से संकलित किए गए हैं। उन्होंने घोषणा की कि इन पत्रों को प्रधानमंत्री को भक्तों की सामूहिक अपील के रूप में सौंपा जाएगा। पत्रों में नारा लिखा गया है — 'राम भक्तों की एक पुकार, चंदा चोरों को सजा इस बार।'
अरोड़ा ने चढ़ावा चोरी की 105 घटनाओं का हवाला देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी की गहन जाँच की माँग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जवाबदेही केवल कनिष्ठ कर्मचारियों तक सीमित क्यों रहनी चाहिए, जबकि संस्था की देखरेख करने वालों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
अरोड़ा के बयान की मुख्य बातें
अरोड़ा ने कहा, 'लाखों राम भक्तों ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण में अटूट आस्था और भक्ति के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की। यदि भक्तों द्वारा दान की गई धनराशि का दुरुपयोग हुआ है, तो यह उनकी आस्था के साथ विश्वासघात है।'
उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैं यह मुद्दा AAP नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक राम भक्त के रूप में उठा रहा हूँ, जो पंजाब भर के लाखों लोगों के दर्द को समझता है।' गौरतलब है कि अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा और कहा कि जो दल राम मंदिर से जुड़ी भावनाओं के आधार पर सत्ता में आया, उसे भक्तों की आस्था के साथ विश्वासघात करने वालों को संरक्षण नहीं देना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों पर जाँच की माँग
अरोड़ा ने कहा कि यदि चोरी की बार-बार घटनाएँ हुई हैं, तो संस्था की देखरेख करने वालों की जिम्मेदारी की भी जाँच होनी चाहिए। उनका तर्क है कि 105 घटनाओं की श्रृंखला महज संयोग नहीं हो सकती और यह प्रबंधन स्तर पर चूक की ओर इशारा करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने की माँग की।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। AAP का यह कदम राजनीतिक रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि पार्टी हिंदू आस्था के मुद्दे पर BJP को सीधे घेरने की रणनीति अपना रही है — एक ऐसा क्षेत्र जिसे BJP पारंपरिक रूप से अपना राजनीतिक आधार मानती है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की माँगें चुनावी दृष्टि से भी प्रासंगिक हो सकती हैं।
आगे क्या होगा
अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि संकलित पत्रों को जल्द प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपा जाएगा। यह देखना अब बाकी है कि केंद्र सरकार इस सामूहिक अपील पर क्या रुख अपनाती है और क्या राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन स्तर पर किसी जाँच के आदेश दिए जाते हैं।