राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 'AAP' का देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान, सिसोदिया-केजरीवाल ने दोषियों को सजा की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 12 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की माँग को लेकर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली में सुंदरकांड पाठ के साथ इस अभियान की शुरुआत की और सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
सिसोदिया का एक्स पोस्ट और धार्मिक अपील
मनीष सिसोदिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज दिल्ली में पवित्र सुंदरकांड का पाठ किया और हनुमान जी महाराज से प्रार्थना की कि जिन पापियों ने राम मंदिर में डाका डाला और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया, उन्हें कठोर से कठोर सज़ा मिले ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा महापाप दोबारा करने का साहस न कर सके।' उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई 'भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संवारे॥' भी साझा की।
सिसोदिया ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, 'मोदी जी, आप स्वयं को प्रभु श्रीराम का भक्त बताते हैं। अगर आपकी आस्था सच्ची है, तो सच सामने लाइए। दोषियों को बचाइए मत, उन्हें सजा दिलाइए। इसी संकल्प के साथ आज पूरे देश में हमारा हस्ताक्षर अभियान शुरू हो रहा है।'
केजरीवाल के आरोप और अभियान का विस्तार
अरविंद केजरीवाल ने इस अवसर पर कहा, 'राम मंदिर में चोरी की गई है। जो लोग वहाँ चढ़ावा चढ़ाकर आते थे, वो सब चोरी कर लिया गया है, लेकिन चोरों को बचाने की कोशिश की जा रही है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीनों के कथित घोटाले की जाँच नहीं हो रही, एक 'फर्जी एसआईटी' बनाई गई और 'फर्जी एफआईआर' दर्ज की गई।
केजरीवाल ने घोषणा की कि यह अभियान अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा — देशभर के मोहल्लों, सोसाइटियों और गाँवों में राम भक्त एकत्रित होकर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे और हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं किसी पार्टी के पास नहीं जाऊंगा, बल्कि देशभर के राम भक्तों के पास जाऊंगा।'
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक निहितार्थ
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तनाव बना हुआ है। AAP ने इस मुद्दे को धार्मिक आस्था और जवाबदेही दोनों के नज़रिए से उठाया है। गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और भूमि आवंटन के मामले पहले भी राजनीतिक विवाद का विषय रहे हैं।
केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि सभी राम भक्तों ने शपथ ली है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
आगे की राह
आम आदमी पार्टी के अनुसार, यह हस्ताक्षर अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाया जाएगा। पार्टी का दावा है कि इससे सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनेगा। हालाँकि, सरकार या BJP की ओर से इस अभियान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।