सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मार्च, AAP के छात्र संगठन ASAP ने किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के छात्र संगठन, एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) ने 6 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि वह 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध विरोध मार्च में हिस्सा लेगा। यह ऐलान उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कथित तौर पर CEC की जानकारी के बिना लिए गए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के कई फैसलों पर लिखित रूप से आपत्ति दर्ज कराई थी।
ASAP की मांगें
ASAP की सह-प्रभारी ईश्ना गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि देशभर में हजारों लोग चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने तीन प्रमुख मांगें रखीं — CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उन पर मुकदमा, विशेष सूचना निर्देश (SIR) की वापसी, तथा ECI में व्यापक सुधार।
संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 10 अक्टूबर को ASAP, अन्य छात्र संगठनों, लोकतांत्रिक समूहों और उन व्यक्तियों के साथ मिलकर जंतर-मंतर तक मार्च करेगा जो इन मांगों के प्रति एकजुट हैं।
पुलिस कार्रवाई पर चिंता
गुप्ता ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के खिलाफ पुलिस की मारपीट और यौन उत्पीड़न की बार-बार की घटनाओं के बावजूद, लोकतांत्रिक जवाबदेही का यह आंदोलन लगातार विस्तार पा रहा है। ASAP ने लोकतांत्रिक संगठनों, छात्र समूहों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध व्यक्तियों से इस विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है।
इंडिया ब्लॉक का मार्च और अवरोध
6 अक्टूबर को ही विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने भी CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली स्थित ECI मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने नेताओं को बीच रास्ते में ही रोक दिया और मार्च आगे नहीं बढ़ सका।
पिछले सप्ताह का घटनाक्रम
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह आम आदमी पार्टी, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) सहित कई वामपंथी छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता और कार्यशैली को लेकर विपक्षी दलों व नागरिक समाज संगठनों की चिंताएँ लगातार गहरी होती जा रही हैं।
आने वाले दिनों में 10 अक्टूबर का विरोध प्रदर्शन यह संकेत देगा कि ECI के खिलाफ यह आंदोलन कितनी व्यापकता और ताकत हासिल कर चुका है।