AAP का CJP प्रदर्शन को समर्थन: संजय सिंह बोले — 'शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार, कोई नहीं रोक सकता'
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 10 अक्टूबर 2026 को सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन देने की घोषणा की। AAP सांसद संजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पहुँचने की अपील करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार है और इसे दबाया नहीं जा सकता। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी आम जनता से जंतर-मंतर पहुँचने की अपील कथित तौर पर की है।
पार्टी का रुख और संजय सिंह का बयान
पत्रकारों से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा, 'आम आदमी पार्टी सीजेपी के विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही है। मैं अपने सभी साथियों से अपील करता हूँ कि वे इसमें पूरे उत्साह के साथ शामिल हों। हम जंतर-मंतर जाएंगे। शांतिपूर्ण विरोध हमारा लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है। आप हमें इसका इस्तेमाल करने से कैसे रोक सकते हैं? हम विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे, चाहे कोई भी कार्रवाई की जाए।' यह बयान उस समय आया है जब नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है।
दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्र को घेरा
संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए पूरे देश को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रोका गया है और राजधानी में आवाजाही बाधित की जा रही है, जिससे स्थिति उनके अनुसार 'आपातकाल से भी बदतर' हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार एक ऐसे व्यक्ति की रक्षा के लिए यह कदम उठा रही है जिसने कथित तौर पर वोटों की चोरी के ज़रिये कई सरकारें बनवाने में मदद की। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों की आवाज़ दबाने की कोशिश से जनाक्रोश बढ़ेगा और देशभर में विरोध और तेज़ हो सकता है।
सौरभ भारद्वाज का गांधी से तुलना वाला बयान
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी सरकार की तैयारियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से 'जेन जी' यानी युवा पीढ़ी के नागरिक अपने अधिकारों की माँग लेकर राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे हैं। महात्मा गांधी के दांडी मार्च का उदाहरण देते हुए भारद्वाज ने कहा कि ब्रिटिश शासन में भी गांधीजी को अपने अधिकारों के लिए मार्च करने की अनुमति दी गई थी। उनका तर्क था कि आज की सरकार उस औपनिवेशिक दौर से भी कहीं अधिक प्रतिबंधात्मक रवैया अपना रही है।
भारी पुलिस तैनाती पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती को लेकर व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, 'क्या पाकिस्तान ने हमला कर दिया है?' उनके अनुसार, एक शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए इतनी विशाल सुरक्षा व्यवस्था करना न तो उचित है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान अत्यधिक पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाए हैं।
आगे की स्थिति
AAP के इस कदम से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस आगामी घंटों में इस स्थिति को किस तरह संभालती है और क्या CJP के प्रदर्शन को अनुमति मिलती है अथवा नहीं।