कानपुर की आस्था सिंह का आरोपी को खुला चैलेंज: 'सामने आओ, सच दुनिया के सामने रखो'
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर की आस्था सिंह ने 5 जून 2026 को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट कहा कि जिस व्यक्ति पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, वह सामने आए और सीधा सामना करे, ताकि पूरी सच्चाई सार्वजनिक हो सके। उन्होंने महिला सुरक्षा, सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों और सरकारी दावों की ज़मीनी हकीकत पर भी खुलकर बात की।
आरोपी को खुली चुनौती
आस्था सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सच्चाई को सामने लाना है — न कोई राजनीतिक एजेंडा, न व्यक्तिगत दुश्मनी। उनके अनुसार, यदि आरोपी व्यक्ति सामने आता है और अपना पक्ष रखता है, तो न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और मामला पूरी तरह स्पष्ट हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न के मामलों में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
सोशल मीडिया की धमकियाँ और निडर रुख
आस्था सिंह ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर कई तरह की धमकियाँ मिल रही हैं, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने धमकी देने वालों को सीधे चुनौती दी कि जितना चाहें प्रयास कर लें, उनका इरादा नहीं बदलेगा। गौरतलब है कि उनके द्वारा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज हुई और प्रशासन ने तेज़ी से कार्रवाई की।
महिला सुरक्षा पर सरकारी दावों की ज़मीनी हकीकत
उन्होंने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चौराहों, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हेल्पलाइन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के वादे किए गए थे, लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। उनकी चिंता केवल अपने लिए नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए भी है जो सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करती हैं।
सोच और व्यवहार की समस्या
आस्था सिंह ने यह भी कहा कि गलत मानसिकता का संबंध केवल शिक्षा से नहीं होता — कई बार पढ़े-लिखे लोग भी आपत्तिजनक व्यवहार करते हैं, जैसा सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों से स्पष्ट होता है। उन्होंने एक व्यक्तिगत घटना का भी उल्लेख किया जब वह अकेली थीं और उन्हें किसी का समर्थन नहीं मिला — उन्होंने खुद स्थिति संभाली और वहाँ से निकल गईं।
आगे क्या होगा
आस्था सिंह ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ना चाहतीं और उनका एकमात्र लक्ष्य इस सामाजिक समस्या को उजागर करना है। उन्होंने दिल्ली में हुई एक समान घटना का भी हवाला दिया और कहा कि ऐसी घटनाएँ चिंताजनक हैं और इन पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। अब उनकी माँग है कि आरोपी सामने आए और न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े।