तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने सीपीआई-एम और कांग्रेस को भाजपा की 'बी टीम' कहा
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कोलकाता, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले के जलांगी में एक जनसभा का आयोजन किया और विपक्षी कांग्रेस और सीपीआई-एम पर कठोर हमले किए।
जालांगी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल के उम्मीदवार बाबर अली के समर्थन में बोलते हुए, बनर्जी ने कहा कि हमारा उम्मीदवार बेहद पारदर्शी और समर्पित है। उन्होंने सीपीआई-एम और कांग्रेस को 'भाजपा की बी टीम' के रूप में निरूपित करते हुए मतदाताओं को चेतावनी दी।
बनर्जी ने कहा कि सीपीआई-एम अब अतीत की बात हो गई है, और कांग्रेस को वोट देना अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की सहायता करना है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए, हमें तृणमूल कांग्रेस के चिन्ह पर वोट देना चाहिए और पार्टी को जीतना चाहिए।
बनर्जी ने विपक्षी नेताओं मुस्तफिजुर रहमान और युनुस अली सरकार पर भी हमला किया। उनके अनुसार, सीपीआई-एम के उम्मीदवार मुस्तफिजुर रहमान पर उनकी पार्टी के ही नेताओं ने हमला किया है।
उन्होंने कहा कि मुस्तफिजुर रहमान को उनकी ही पार्टी के नेता स्वीकार नहीं करते। 2021 में उन्हें लगभग 48,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। बनर्जी ने कहा कि उस पार्टी को वोट देकर मतदाता अपना वोट बर्बाद न करें। हमारे उम्मीदवार की छवि बेदाग है। उनका जन्म 1993 में हुआ था, और उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया तथा मुफ्त शिक्षा वाले स्कूल स्थापित किए। मुर्शिदाबाद समेत बंगाल के अनेक क्षेत्रों में उन्होंने लोगों के हित में शिक्षा के प्रसार और प्रगति के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया।
भाजपा पर तीखे शब्दों में हमला करते हुए बनर्जी ने कहा कि अब समय आ गया है कि उन लोगों को सबक सिखाया जाए जिन्होंने आपकी 100 दिन की मजदूरी और आवास योजना की राशि रोक रखी है। भाजपा शासित राज्य में लोगों के अधिकारों की कोई कद्र नहीं है। केवल ममता बनर्जी ही सर्वोच्च न्यायालय में आपके लिए लड़ रही हैं।
उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के बाद बंगाल की मतदाता सूची से नाम हटाए गए लोगों को आश्वासन दिया।
बनर्जी ने कहा कि जिनके नाम जबरन सूची से हटाए गए हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। हमारे प्रतिनिधियों से संपर्क करें, हम न्यायाधिकरण में अपील करने की व्यवस्था कर रहे हैं। भाजपा शासित राज्य में लोगों के अधिकारों के लिए कोई नहीं लड़ा। केवल ममता बनर्जी ही सर्वोच्च न्यायालय में लड़ रही हैं।