बंगाल में गठबंधन की आवश्यकता पर बोले अभिषेक मनु सिंघवी, ममता बनर्जी को किया सराहा
सारांश
Key Takeaways
- बंगाल में कांग्रेस का गठबंधन अनिवार्य है।
- ममता बनर्जी की राजनीति की सराहना की गई।
- भाजपा के चुनावी माहौल पर सवाल उठाए गए।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में गठबंधन के महत्व पर जोर देते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में कांग्रेस का गठबंधन होना अनिवार्य है। सही आंकड़े पर गठबंधन के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या बंगाल में कांग्रेस को अकेले लड़ना चाहिए या गठबंधन में, इस पर अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया, "यह मेरा व्यक्तिगत विचार है कि बंगाल में गठबंधन होना चाहिए। लेकिन कई कारणों से गठबंधन नहीं हो पाते हैं। यह सिर्फ हमारा या कुछ नेताओं का निर्णय नहीं हो सकता। कांग्रेस में तीन-चार लोग इस फैसले को लेते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा, "चुनाव का समय निकट है, इसलिए सही आंकड़े पर गठबंधन के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। मैं दोबारा कहता हूँ कि यह मेरा व्यक्तिगत मत है।"
इसी दौरान, सिंघवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की सराहना की। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में एक ऐसा नेता है जो जनता के दिल में बसा हुआ है, वह ममता बनर्जी हैं। उनकी नसों में बंगाल की संस्कृति और विरासत का प्रवाह है।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि ममता बनर्जी में ऊर्जा, ताकत, दिशा और गति है। वह बंगाल की जड़ों को समझती हैं। भारत के नेताओं में विशेषकर महिलाओं के साथ मिलकर इनसे बेहतर राजनीति कोई नहीं कर सकता।
भाजपा के चुनावी प्रचार पर भी अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि भाजपा केवल एक माहौल बना रही है। हर किसी की निजी जिंदगी एक न एक दिन समाप्त होती है। लेकिन यह समझना कि भाजपा के लिए अब सही समय आ गया है, यह बिल्कुल गलत है।"
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "हल्ला शोरगुल रहेगा, जैसे पिछली बार किया गया था। उस समय माहौल बना दिया गया था कि वह (भाजपा) जीत रहे हैं और 202, 225 और 250 जैसे आंकड़े दिए गए थे। लेकिन यह 'खोदा पहाड़ और निकला चूहा' वाली कहावत साबित हुई। इसलिए बंगाल की जनता को घबराना नहीं चाहिए, यह भाजपा की बिगुल बजाने की प्रवृत्ति है।"
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में धन का दुरुपयोग होगा, और यह निश्चित रूप से होगा। इस मामले में भाजपा अन्य पार्टियों से सैकड़ों कोस आगे है। भाजपा के मूल ढांचे को पूरी तरह से बदल दिया गया है।