6 अगस्त 2026
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अभिषेक बनर्जी के करीबी मैदुल इस्लाम गिरफ्तार, 2022 पंचायत उप-प्रमुख की संदिग्ध मौत से जुड़ा मामला

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अभिषेक बनर्जी के करीबी मैदुल इस्लाम गिरफ्तार, 2022 पंचायत उप-प्रमुख की संदिग्ध मौत से जुड़ा मामला

सारांश

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी और शिक्षक विंग नेता मैदुल इस्लाम को डायमंड हार्बर पुलिस ने 2022 में पंचायत उप-प्रमुख देबब्रत भट्टाचार्य की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार किया — जिस दिन अभिषेक बनर्जी खुद ED दफ्तर में पूछताछ का सामना कर रहे थे।

मुख्य बातें

मैदुल इस्लाम — TMC शिक्षक विंग नेता और अभिषेक बनर्जी के करीबी — को 16 जून 2026 को डायमंड हार्बर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी 2022 में बोलसिद्धि कालीनगर ग्राम पंचायत के उप-प्रमुख देबब्रत भट्टाचार्य (उर्फ निमाई) की संदिग्ध मौत से जुड़ी है।
जाँच में मिले सुसाइड नोट में मैदुल का नाम था, जो गिरफ्तारी का आधार बना।
गिरफ्तारी से एक दिन पहले अभिषेक बनर्जी साल्टलेक ED दफ्तर में पूछताछ के लिए गए थे और मैदुल उनके साथ गेट तक गए थे।
मैदुल ने गिरफ्तारी से पहले सोशल मीडिया पर STF उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
उन्हें दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाना था, जहाँ पुलिस कस्टडी की माँग की जानी थी।

डायमंड हार्बर पुलिस ने मंगलवार, 16 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शिक्षक विंग के प्रमुख नेता मैदुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया। मैदुल TMC महासचिव और डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। दक्षिण 24 परगना जिले के नेत्रा इलाके में उनके घर से पहले हिरासत में लिया गया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तारी दर्ज की गई।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

सूत्रों के अनुसार, मैदुल इस्लाम की गिरफ्तारी 2022 में दक्षिण 24 परगना जिले की बोलसिद्धि कालीनगर ग्राम पंचायत के उप-प्रमुख देबब्रत भट्टाचार्य (उर्फ निमाई) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले से जुड़ी है। जाँच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें मैदुल का नाम उल्लिखित था।

जाँच टीम के एक सदस्य ने कहा, 'हम मैदुल से पूछताछ करके मौत के रहस्य को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।' पुलिस का कहना है कि इस सुसाइड नोट के आधार पर ही मैदुल से पूछताछ ज़रूरी हो गई थी।

अभिषेक बनर्जी के ईडी दफ्तर दौरे से कनेक्शन

गौरतलब है कि सोमवार को जब अभिषेक बनर्जी कोलकाता के साल्टलेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर में स्कूल नौकरी घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए पहुँचे, तब मैदुल इस्लाम उनके साथ दफ्तर के गेट तक गए थे। इसके अगले ही दिन उनकी गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।

मैदुल की राजनीतिक पृष्ठभूमि

मैदुल इस्लाम पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — के कार्यकर्ता थे। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए और अल्प समय में ही अभिषेक बनर्जी के विश्वस्त सहयोगी के रूप में उभरे। वह TMC के शिक्षक विंग में अहम पद पर थे।

सोशल मीडिया पोस्ट और पुलिस कार्रवाई

गिरफ्तारी से एक दिन पहले सोमवार को मैदुल इस्लाम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दावा किया था कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उन्हें परेशान कर रही है और उन्हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी लिखा कि वह हमेशा अभिषेक बनर्जी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ खड़े रहेंगे।

अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद मैदुल इस्लाम को मंगलवार शाम दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाना था। सरकारी वकील इस मामले में पुलिस कस्टडी की माँग करने वाले थे। यह मामला पश्चिम बंगाल में TMC के भीतरी राजनीतिक समीकरणों और पंचायत स्तर पर हिंसा की जाँच के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनके करीबी को हत्या के मामले में हिरासत में लिया गया। यह पश्चिम बंगाल में पंचायत स्तर की राजनीतिक हिंसा की उस गहरी जड़ की ओर इशारा करता है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा में है। 2022 की यह मौत तब से फाइलों में दबी थी — सुसाइड नोट में नाम होने के बावजूद कार्रवाई में इतनी देरी खुद सवाल खड़े करती है। TMC के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या पार्टी इस मामले में पारदर्शी जाँच का समर्थन करती है या अपने नेताओं की ढाल बनती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैदुल इस्लाम को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
मैदुल इस्लाम को 2022 में दक्षिण 24 परगना की बोलसिद्धि कालीनगर ग्राम पंचायत के उप-प्रमुख देबब्रत भट्टाचार्य (उर्फ निमाई) की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया है। जाँच में मिले सुसाइड नोट में उनका नाम था।
मैदुल इस्लाम का अभिषेक बनर्जी से क्या संबंध है?
मैदुल इस्लाम TMC के शिक्षक विंग के प्रमुख नेता हैं और पार्टी महासचिव व डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। वह पहले CPI(M) के कार्यकर्ता थे और बाद में TMC में शामिल होकर अभिषेक के विश्वस्त बन गए।
देबब्रत भट्टाचार्य की मौत कब और कैसे हुई थी?
देबब्रत भट्टाचार्य (उर्फ निमाई) की मौत 2022 में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। वह दक्षिण 24 परगना जिले की बोलसिद्धि कालीनगर ग्राम पंचायत के उप-प्रमुख थे। जाँच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था जिसमें मैदुल इस्लाम का नाम था।
गिरफ्तारी के बाद मैदुल इस्लाम को कहाँ पेश किया जाएगा?
गिरफ्तारी के बाद मैदुल इस्लाम को मंगलवार शाम दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाना था। सरकारी वकील उनकी पुलिस कस्टडी की माँग करने वाले थे।
क्या मैदुल इस्लाम ने गिरफ्तारी से पहले कोई बयान दिया था?
हाँ, गिरफ्तारी से एक दिन पहले मैदुल इस्लाम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उन्हें परेशान कर रही है और उन्हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के साथ हमेशा खड़े रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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