ABVP की चेतावनी: NEET क्रियान्वयन में खामियों की हो गहन जाँच, शिक्षा सुधारों पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने भुवनेश्वर में संपन्न तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली के क्रियान्वयन में सामने आईं खामियों की गहन जाँच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सुधारात्मक कदमों को ज़मीन पर सही ढंग से लागू करना अनिवार्य है।
भुवनेश्वर बैठक के मुख्य बिंदु
संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक 29 से 31 मई के बीच ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित हुई, जिसमें देशभर से 450 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें प्रदेश स्तर के पदाधिकारी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि और छात्र नेता शामिल रहे। इससे पूर्व 27 मई को केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई थी, जिसमें लगभग सौ से अधिक प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शिक्षा सुधार और NEET पर ABVP का रुख
डॉ. सोलंकी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए कई सुधारात्मक कदमों की ज़रूरत है, परन्तु कई स्थानों पर इनके क्रियान्वयन में खामियाँ देखी जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली समान अवसर और एकरूपता के उद्देश्य से लागू की गई थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन में कई समस्याएँ सामने आई हैं।’ उन्होंने माँग की कि ऐसी गड़बड़ियों की गहन जाँच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
दिल्ली अग्निकांड पर संवेदना
प्रेस वार्ता की शुरुआत में डॉ. सोलंकी ने दिल्ली में हाल ही में हुए एक अग्निकांड का जिक्र किया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ बेहद दुखद हैं और प्रशासन को इनकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए, क्योंकि अनेक बार सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही ही ऐसे हादसों की जड़ बनती है।
नागरिक अभिनंदन और व्यापक एजेंडा
बैठक से पूर्व 28 मई को भुवनेश्वर में नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें ओडिशा के मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने ABVP को ‘व्यक्तित्व निर्माण से राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने वाला महत्वपूर्ण छात्र संगठन’ बताया। बैठक के एजेंडे में शिक्षा की गुणवत्ता, महिला सुरक्षा, वैश्विक परिस्थितियों में भारत की भूमिका तथा नक्सलवाद से मुक्त भारत जैसे विषय शामिल थे।
आगे की रणनीति
डॉ. सोलंकी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी परिषद देशभर के छात्रों के हितों और शिक्षा सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा भविष्य में इस दिशा में संगठन की भूमिका और सशक्त की जाएगी। आने वाले महीनों में संगठन परीक्षा प्रणाली, परिसर सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अभियान तेज़ करने की तैयारी में है।