नीट विवाद: कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक की चेतावनी — छात्रों की समस्या हल हो वरना हर राज्य में जनआंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने 20 जून 2026 को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के संचालन में हो रही अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्र सरकार पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं किया, तो देश के हर राज्य में बड़े स्तर पर जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
नागपुर के छात्र को अबू धाबी केंद्र आवंटन का मामला
नागपुर के एक छात्र को नीट पुनर्परीक्षा के लिए परीक्षा से महज एक दिन पहले अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने की घटना ने बड़ा विवाद खड़ा किया है। रागिनी नायक ने कहा कि उस छात्र के पास न पासपोर्ट था और न ही विदेश यात्रा की आर्थिक क्षमता, जिससे उसके सामने परीक्षा में शामिल होने का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एनटीए की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है और एजेंसी छात्रों की परेशानियों को लेकर गंभीर नहीं दिखती। उनके अनुसार, यह महज लापरवाही नहीं बल्कि संवेदनहीनता है, क्योंकि परीक्षा से जुड़े निर्णयों का सीधा असर लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ता है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
रागिनी नायक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, सरकार ने मूल समस्याओं के समाधान की बजाय केवल सतही कदम उठाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरकर छात्रों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। रागिनी नायक ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में राजस्थान के कोटा में बड़ी भीड़ जुटी, वैसा ही दृश्य देश के हर राज्य में देखने को मिल सकता है यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए।
बिहार गैंगरेप मामले पर भाजपा-आरएसएस पर हमला
बिहार में सामने आए एक कथित गैंगरेप मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रागिनी नायक ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में भाजपा का रवैया सवालों के घेरे में रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल राजनीतिक नारेबाजी का विषय नहीं हो सकती — इसके लिए प्रभावी कानून व्यवस्था, त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने की बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्र संगठन सक्रिय हो रहे हैं और विपक्षी दल एनटीए की कार्यप्रणाली पर संसद से लेकर सड़क तक सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि नीट से जुड़े विवाद पिछले कई वर्षों से चले आ रहे हैं और इस बार अबू धाबी केंद्र आवंटन जैसी घटनाओं ने आंदोलन को नई धार दी है। कांग्रेस के अनुसार, यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो छात्रों का असंतोष व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।