अदाणी एयरपोर्ट्स का ₹20,000 करोड़ का ऐलान: 5 राज्यों में 655 एकड़ में बनेंगी एयरपोर्ट सिटी
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने 25 जून 2026 को देश के 6 प्रमुख हवाई अड्डों के इर्द-गिर्द एकीकृत एयरपोर्ट सिटी विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की, जिसके पहले चरण में ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। यह परियोजना 5 राज्यों में 655 एकड़ से अधिक भूमि पर फैली होगी और इसमें कुल 2.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र का विकास किया जाएगा।
परियोजना का दायरा और स्थान
AAHL की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड (AACL) के अनुसार, यह विकास मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी के हवाई अड्डों के आसपास होगा। इनमें से अकेले मुंबई और नवी मुंबई में लगभग 440 एकड़ भूमि शामिल है, जो कुल प्रस्तावित निवेश का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा अपने पास समेटती है। यह मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की देश के प्रमुख वाणिज्यिक, वित्तीय और विमानन केंद्र के रूप में केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
एयरपोर्ट सिटी मॉडल: क्या होगा खास
पारंपरिक रियल एस्टेट परियोजनाओं से अलग, इन एयरपोर्ट सिटी को एकीकृत और पैदल चलने योग्य शहरी क्षेत्रों के रूप में डिज़ाइन किया जाएगा। इनमें होटल, कार्यालय परिसर, खुदरा दुकानें, रेस्तराँ, मनोरंजन केंद्र और सम्मेलन सुविधाएँ एक ही सुनियोजित ढाँचे में जुड़ी होंगी। यात्री, कारोबारी और स्थानीय समुदाय — तीनों — एयरपोर्ट, मेट्रो और शहर के परिवहन नेटवर्क से जुड़े इस वातावरण का लाभ उठा सकेंगे।
कंपनी के अनुसार, यह विकास मॉडल सिंगापुर के चांगी, दुबई इंटरनेशनल, एम्स्टर्डम के शिफोल और सियोल के इंचियोन जैसे विश्व-स्तरीय एयरपोर्ट क्षेत्रों से प्रेरणा लेता है — जो व्यापार, पर्यटन और शहरी विकास के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।
साझेदारी और होटल समझौते
इस पहल के तहत AAHL ने IHG होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ 5 लक्जरी और प्रीमियम होटलों के लिए प्रबंधन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही भारत में पहली बार किम्पटन ब्रांड की भी शुरुआत की जाएगी। कंपनी हॉस्पिटैलिटी, खाद्य एवं पेय, खुदरा और मनोरंजन क्षेत्रों में देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों के साथ अतिरिक्त साझेदारी की दिशा में भी काम कर रही है।
जीत अदाणी का नज़रिया
AAHL के निदेशक जीत अदाणी ने कहा, "दुनिया भर में सबसे सफल एयरपोर्ट क्षेत्र व्यापार, पर्यटन और शहरी विकास के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। जैसे-जैसे भारत का विमानन बाज़ार विस्तार कर रहा है, हवाई अड्डों के पास विमानन सेवाओं से कहीं अधिक मूल्य सृजित करने का अवसर है।" उन्होंने आगे कहा कि इन परियोजनाओं को वैश्विक स्तर की डिज़ाइन और इंजीनियरिंग कंपनियों के सहयोग से तैयार किया जा रहा है, और हॉस्पिटैलिटी, खुदरा, कार्यस्थलों तथा मनोरंजन क्षेत्र के उभरते रुझानों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत का विमानन क्षेत्र तेज़ी से विस्तार कर रहा है और देश में हवाई यात्रियों की संख्या नए रिकॉर्ड छू रही है। गौरतलब है कि AAHL भारत की सबसे बड़ी निजी हवाई अड्डा संचालक कंपनी है। एयरपोर्ट सिटी मॉडल के ज़रिये कंपनी न केवल रोज़गार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का लक्ष्य रखती है, बल्कि आसपास के समुदायों के लिए दीर्घकालिक मूल्य निर्माण की भी परिकल्पना करती है। परियोजनाओं की विस्तृत समय-सीमा और क्रियान्वयन योजना आने वाले महीनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।