क्या अदरक सर्दियों में सेहत का असली पहरेदार है?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में सर्दी-जुकाम, खांसी और अन्य शारीरिक समस्याएं तेजी से फैलने लगती हैं। इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, लेकिन नियमित रूप से थोड़ी सी अदरक का सेवन शरीर को कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। आयुर्वेद में अदरक को ‘विश्वभेषज’ के नाम से जाना जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, प्रतिदिन थोड़ी सी अदरक का सेवन शरीर को कई रोगों से लड़ने की ताकत देता है। यह सर्दियों में होने वाली सभी बीमारियों को दूर रखने में सहायक है।
आयुर्वेद में अदरक को ‘विश्वभेषज’ अर्थात विश्व की औषधि माना गया है। यह ठंड से सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। अदरक के विशेष गुणों में तीन मुख्य तत्व शामिल हैं। जिंजरॉल जो सूजन और दर्द को तुरंत कम करता है। शोओगॉल, जो सूखी अदरक में पाया जाता है, शरीर को भीतर से गर्म रखता है। जिंजरोन, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है। इसके अलावा, अदरक में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो सर्दी-जुकाम और संक्रमण से होने वाली बीमारियों को दूर भगाते हैं।
सर्दियों में अदरक के सेवन से अनेक बड़े फायदे होते हैं। यह इम्यूनिटी को मजबूत करता है, सांस की नलियों को खोलता है, बलगम और घरघराहट में राहत देता है। इसके साथ ही, यह रक्त संचार बढ़ाकर हाथ-पैर को गर्म रखता है। यह जोड़ों की अकड़न और गठिया के दर्द में प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करता है और डायबिटीज और खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है।
जो लोग अपच की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह अद्भुत साबित होता है। यह अपच, गैस और मितली को दूर करता है। अदरक गले की खराश और खांसी में तुरंत राहत देने में भी प्रभावी है।
सर्दियों में अदरक का सेवन कैसे करना है, इस पर आयुर्वेद में निर्देश दिए गए हैं। सुबह खाली पेट 1-2 ग्राम कच्ची अदरक और एक चुटकी काला नमक लेने से पूरे दिन मेटाबॉलिज्म तेज रहता है। अदरक-तुलसी-काली मिर्च का काढ़ा पीने से सर्दी-खांसी में अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं। दिनभर अदरक वाला पानी पीने से शरीर हाइड्रेट और गर्म रहता है। रात को सौंठ (सूखी अदरक) वाला गर्म दूध पीने से जोड़ों का दर्द और कंपकंपी दूर होती है। हर सब्जी-दाल में थोड़ी घिसी अदरक पेट को हल्का रखती है।
अदरक को सर्दियों का सुपरस्टार कहा जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ कुछ सावधानियों का पालन करने की सलाह देते हैं। ज्यादा पित्त वाले लोगों को अदरक का सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, पाइल्स के रोगियों और रक्त को हल्का करने वाली दवाएं लेने वाले व्यक्तियों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।