अहमदाबाद को मिलेगा ₹62.26 करोड़ का हाई-टेक आरटीओ, एआई टेस्टिंग ट्रैक से ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी पारदर्शी

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अहमदाबाद को मिलेगा ₹62.26 करोड़ का हाई-टेक आरटीओ, एआई टेस्टिंग ट्रैक से ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी पारदर्शी

सारांश

अहमदाबाद को मिलने वाला नया आरटीओ कॉम्प्लेक्स महज एक सरकारी दफ्तर नहीं — यह एआई-संचालित ड्राइविंग टेस्ट और डिजिटल सेवाओं के साथ परिवहन प्रशासन का नया मानक है। ₹62.26 करोड़ की इस परियोजना में 230 लोगों की क्षमता वाला वेटिंग एरिया और दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं भी शामिल हैं।

मुख्य बातें

अहमदाबाद के सुभाष ब्रिज के पास ₹62.26 करोड़ की लागत से नया आरटीओ कॉम्प्लेक्स तैयार।
परिसर 12,787 वर्ग मीटर में फैला; बेसमेंट सहित कुल पाँच स्तर ।
एक साथ 230 लोगों के बैठने की क्षमता वाला वेटिंग एरिया, दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और रैंप ।
एआई आधारित ऑटोमैटिक टेस्टिंग ट्रैक — दोपहिया और चारपहिया दोनों के लिए — ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर निर्मित; गुजरात की तकनीक-आधारित शासन योजना का हिस्सा।

अहमदाबाद के सुभाष ब्रिज के निकट निर्मित नया क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) कॉम्प्लेक्स शीघ्र ही नागरिकों के लिए खुलने वाला है। गुजरात सरकार ने ₹62.26 करोड़ की लागत से यह अत्याधुनिक परिसर तैयार किया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ऑटोमैटिक टेस्टिंग ट्रैक और डिजिटल सेवा सुविधाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य परिवहन से जुड़े आवेदनों की प्रोसेसिंग को तेज, पारदर्शी और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त बनाना है।

भवन की संरचना और क्षमता

सरकार के अनुसार, यह पूरी तरह वातानुकूलित परिसर 12,787 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन ऊपरी मंजिलें हैं। बड़ी संख्या में आने वाले नागरिकों को ध्यान में रखते हुए एक विशाल वेटिंग एरिया बनाया गया है, जहाँ एक साथ लगभग 230 लोग बैठ सकते हैं। दिव्यांगजनों की सुगम आवाजाही के लिए भवन में लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था भी की गई है।

एआई आधारित टेस्टिंग ट्रैक — सबसे अहम सुविधा

इस नए आरटीओ की सबसे उल्लेखनीय विशेषता इसका एआई-संचालित ऑटोमैटिक टेस्टिंग ट्रैक है, जो दोपहिया और चारपहिया दोनों प्रकार के वाहनों के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह आधुनिक टेस्टिंग सिस्टम और संबद्ध कंट्रोल रूम ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षण में मानवीय दखल को न्यूनतम करेंगे। इससे न केवल आवेदकों का समय बचेगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी भी बनेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुआ निर्माण

यह परिसर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर पुराने आरटीओ कार्यालय की जगह बनाया गया है। मुख्यमंत्री पटेल ने इससे पहले कहा था कि शहर केवल सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की रीढ़ भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य के शहरी विकास को नई दिशा दी, जिसके परिणामस्वरूप आज शहरों में जीवनशैली पहले से अधिक सुगम हुई है।

आम नागरिकों पर असर

भवन में आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम और व्यापक डिजिटल सेवा सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं। सरकार का कहना है कि यह नया कॉम्प्लेक्स नागरिकों को पारदर्शी डिजिटल सेवाएं देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। कार्यालय के चालू होने के बाद अहमदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को वाहन पंजीकरण, लाइसेंस नवीनीकरण और अन्य परिवहन-संबंधी कार्यों के लिए काफी कम प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।

व्यापक तकनीकी शासन योजना का हिस्सा

यह नया आरटीओ कॉम्प्लेक्स गुजरात सरकार की उस व्यापक रणनीति का अंग है, जिसके तहत राज्य में तकनीक-आधारित सरकारी सेवाओं और आधुनिक प्रशासनिक ढाँचे को बढ़ावा दिया जा रहा है। गौरतलब है कि गुजरात देश के उन अग्रणी राज्यों में से एक रहा है जिसने ई-गवर्नेंस को जमीनी स्तर पर लागू करने में पहल की है। यह परियोजना उसी दिशा में एक और कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि भारत के कई राज्यों में डिजिटल आरटीओ सुधारों की घोषणाएं जमीन पर उतरने में वर्षों लग जाती हैं। ₹62.26 करोड़ का यह निवेश तब सार्थक होगा जब एआई प्रणाली वास्तव में दलालों और मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त करे — न कि केवल भवन का रूप बदले। गुजरात की ई-गवर्नेंस साख मजबूत है, लेकिन परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं; तकनीक तभी परिवर्तनकारी होगी जब पारदर्शिता का दावा डेटा से सिद्ध हो।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद का नया आरटीओ कॉम्प्लेक्स कहाँ बनाया गया है?
नया आरटीओ कॉम्प्लेक्स अहमदाबाद के सुभाष ब्रिज के पास पुराने आरटीओ कार्यालय की जगह पर बनाया गया है। यह 12,787 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला पाँच-स्तरीय वातानुकूलित भवन है।
नए आरटीओ में एआई टेस्टिंग ट्रैक क्या है और यह कैसे काम करेगा?
एआई आधारित ऑटोमैटिक टेस्टिंग ट्रैक दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षण को स्वचालित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली मानवीय हस्तक्षेप को कम करेगी और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगी।
इस नए आरटीओ भवन की लागत कितनी है?
नए आरटीओ कॉम्प्लेक्स का निर्माण करीब ₹62.26 करोड़ की लागत से हुआ है। यह परियोजना मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर गुजरात सरकार द्वारा तैयार की गई है।
नए आरटीओ में दिव्यांगजनों के लिए क्या सुविधाएं हैं?
भवन में दिव्यांगजनों की सुगम आवाजाही के लिए लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 230 लोगों की क्षमता वाला विशाल वेटिंग एरिया भी बनाया गया है।
यह नया आरटीओ कब से आम नागरिकों के लिए खुलेगा?
सरकार ने इसे जल्द खोलने की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक उद्घाटन तिथि घोषित नहीं की गई है। कार्यालय चालू होने के बाद अहमदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को परिवहन सेवाएं तेज और बेहतर मिलेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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