अहमदाबाद नगर निगम का गिनीज रिकॉर्ड: एक घंटे में 3.61 लाख पौधे, मियावाकी पद्धति से नया इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 12 जुलाई 2025 को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। भाड़ज क्षेत्र में मात्र एक घंटे में मियावाकी पद्धति के तहत 3.61 लाख पौधे लगाकर यह विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया। यह अभियान न केवल एक संख्यात्मक उपलब्धि है, बल्कि शहरी हरित विकास की दिशा में अहमदाबाद की वैश्विक पहचान का प्रतीक भी बन गया है।
महाअभियान का विस्तार और तकनीक
भाड़ज में 91,006 वर्गमीटर क्षेत्र में आयोजित इस महाअभियान के दौरान 76,000 वर्गमीटर भूमि पर जापानी मियावाकी तकनीक का उपयोग करते हुए 35 से अधिक स्वदेशी प्रजातियों के पौधे रोपे गए। मियावाकी पद्धति घने, बहु-स्तरीय जंगल बनाने की एक त्वरित और पर्यावरण-अनुकूल विधि है, जो परंपरागत वृक्षारोपण की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी मानी जाती है।
इस रिकॉर्ड अभियान में 25,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। AMC के विभिन्न विभागों के साथ-साथ स्कूल बोर्ड, BAPS संस्था, CREDAI, पुलिस विभाग, NCC कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और हजारों आम नागरिकों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया।
राजनीतिक संकल्प से जुड़ा हरित लक्ष्य
यह अभियान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा गांधीनगर लोकसभा सांसद अमित शाह के गांधीनगर संसदीय क्षेत्र को 'हरित लोकसभा क्षेत्र' बनाने के संकल्प का हिस्सा बताया जा रहा है। इस व्यापक अभियान के तहत गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 1.25 करोड़ और अहमदाबाद नगर निगम क्षेत्र में 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब देश के कई बड़े शहर वायु प्रदूषण और शहरी ताप द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect) की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अहमदाबाद भी गर्मियों में अत्यधिक तापमान के लिए जाना जाता है, ऐसे में यह हरित अभियान दीर्घकालिक जलवायु अनुकूलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शहरी विकास एवं आवास मंत्री, महापौर, मुख्य सचिव और नगर आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस बड़े पैमाने पर राजनीतिक और प्रशासनिक भागीदारी ने अभियान को सरकारी प्राथमिकता का स्पष्ट संकेत दिया।
पर्यावरणीय प्रभाव और भविष्य की संभावनाएँ
अभियान में रोपे गए सभी पौधे स्थानीय और पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के हैं। AMC के अनुसार, ये पौधे भविष्य में जैव विविधता को बढ़ावा देने, वायु प्रदूषण कम करने, कार्बन अवशोषण बढ़ाने, तापमान नियंत्रण और शहर के हरित क्षेत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। AMC ने इस उपलब्धि को 'पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत शहरी विकास के प्रति शहर की प्रतिबद्धता का प्रतीक' बताया है।
आगे की योजना के तहत शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए वृक्षारोपण अभियान जारी रहेगा, और अहमदाबाद इस हरित मॉडल को देश के अन्य शहरों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।