जॉर्जिया में 12 दिनों से लापता अहमदाबाद का मेडिकल छात्र ध्वनित राजदीप, परिवार ने PM मोदी से माँगी मदद
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के विराट नगर निवासी ध्वनित राजदीप (23 वर्ष), जो जॉर्जिया की कॉकेशस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में मेडिकल के नौवें सेमेस्टर में पढ़ रहे थे, 14 मई 2026 से लापता हैं। परिवार का आरोप है कि उनके किराये के फ्लैट के रूममेट्स ने उन्हें धमकाया, कमरे में बंद किया और कथित तौर पर उनके बैंक खाते से लगभग 6,500 डॉलर जबरन ट्रांसफर करवाए। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की माँग की है।
घटनाक्रम: कैसे टूटा संपर्क
परिवार के अनुसार, 13 मई को माँ धर्मिष्ठा राजदीप ने और 14 मई को पिता डॉ. मयूर कुमार राजदीप ने आखिरी बार ध्वनित से बात की थी। उस बातचीत में ध्वनित ने बताया था कि वह अपना सामान नए फ्लैट में शिफ्ट कर चुका है। इसके बाद उनका फोन अचानक बंद हो गया और तब से कोई संपर्क नहीं हो पाया।
डॉ. मयूर कुमार राजदीप ने बताया कि ध्वनित ने एक स्थानीय व्यक्ति का फ्लैट किराये पर लिया था, जहाँ रूममेट्स उसका टिफिन छीन लेते थे और पढ़ाई में बाधा डालते थे। जब ध्वनित ने दूसरी जगह रहने का फैसला किया और आधा सामान नए फ्लैट में भेज दिया, तब विवाद और बढ़ गया।
धमकी और कथित जबरन वसूली के आरोप
डॉ. राजदीप के अनुसार, अनिल नाम के फ्लैटमेट ने ध्वनित को मैसेज के ज़रिये जान से मारने की धमकियाँ दीं और पैसों की माँग की। परिवार का आरोप है कि पुराने फ्लैट में बाकी सामान और चाबियाँ लौटाने गए ध्वनित को एक कमरे में बंद कर दिया गया, उसका फोन छीन लिया गया और दबाव बनाकर उसके खाते से कथित तौर पर लगभग 6,500 डॉलर ट्रांसफर करवाए गए।
डॉ. राजदीप ने कहा, "ध्वनित ने मुझे फोन करके बताया था कि पैसे देने के बाद भी उसे परेशान किया जा रहा है।" यह उनसे हुई आखिरी बातचीत थी।
परिवार की कोशिशें और सरकार से अपील
संपर्क टूटते ही परिवार ने तुरंत भारतीय दूतावास और कॉकेशस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन को सूचित किया। ध्वनित के बड़े भाई मिहिर राजदीप कनाडा से जॉर्जिया पहुँचे और वहाँ पुलिस तथा यूनिवर्सिटी अधिकारियों के साथ मिलकर तलाश में जुटे हैं।
माँ धर्मिष्ठा राजदीप ने भावुक होकर कहा, "मैं सरकार से अपील करती हूँ कि इस मामले को जॉर्जिया सरकार के सामने उठाया जाए और मेरे बेटे को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए। वह एक होनहार छात्र था और सितंबर में पढ़ाई पूरी कर घर लौटने वाला था।"
जॉर्जिया पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
परिवार का आरोप है कि दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद जॉर्जिया की स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है। भारतीय दूतावास की मदद और स्थानीय नेताओं की पहल के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
यह ऐसे समय में आया है जब विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में जॉर्जिया भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना है, और यह मामला उस देश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या होगा
परिवार ने केंद्र और गुजरात सरकार से माँग की है कि जॉर्जिया सरकार से कूटनीतिक स्तर पर संपर्क किया जाए और तलाश अभियान तेज किया जाए। मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय का हस्तक्षेप अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है।