लाहौर गैंगरेप केस: मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार निकला पाक उप-PM इशाक डार का रिश्तेदार, क्रिप्टो फिरौती का नया खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जाँच एजेंसियों को एक बड़ा सुराग मिला है — मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार का रिश्तेदार बताया जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ सूत्रों ने आरोपी को इशाक डार का पोता भी बताया है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। 29 जून को हुई इस वारदात की जाँच में अब क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विवाद का एक नया आयाम भी सामने आया है।
मामले का मुख्य घटनाक्रम
नीदरलैंड और वेनेजुएला की रहने वाली दोनों महिलाओं को कथित तौर पर 29 जून को लाहौर में अपहरण कर एक घर में बंधक बनाया गया था। पीड़िता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में आरोप लगाया कि हथियारबंद लोगों ने उन्हें घर में बंद कर दिया और आरोपी मुहम्मद रजा डार ने लगातार कंप्यूटर तथा क्रिप्टोकरेंसी फंड की जानकारी माँगी।
पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपियों ने उनसे कहा — 'पैसों वाला कंप्यूटर कहाँ है?' — जिस पर उसने बताया कि वह हरे रंग के बैग में है। पीड़िता ने यह भी दावा किया कि उसके सिर पर किसी वस्तु से वार किया गया और बंधक अवस्था में दो आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया, जबकि एक तीसरा आरोपी बाहर पहरा देता रहा।
क्रिप्टोकरेंसी और फिरौती का कोण
जाँचकर्ताओं के अनुसार, मुख्य आरोपी की दोनों महिलाओं से पिछले वर्ष सिंगापुर में मुलाकात हुई थी और तीनों एक क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से जुड़े थे। आरोपी ने ही दोनों महिलाओं के लिए पाकिस्तान का बिजनेस वीजा मुहैया कराया था।
पीड़िता ने बयान में दावा किया कि मुख्य आरोपी ने उसकी रिहाई के बदले 1 लाख डॉलर (100,000 डॉलर) वसूले। आरोपियों ने धमकी दी थी कि पैसे देने पर छोड़ा जाएगा, अन्यथा जान से मार दिया जाएगा। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसके मोबाइल फोन से उसके संपर्कों को पैसे भेजने के संदेश भी भेजे। बाद में साथी महिला की माँ ने 1 लाख डॉलर की व्यवस्था की पुष्टि की, जिसके बाद आरोपी ने रकम मिलने की बात स्वीकार की।
बचाव और गिरफ्तारी
पीड़िता के अनुसार, आरोपी उन्हें एयरपोर्ट ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रास्ते में मुख्य आरोपी की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसी दौरान दोनों महिलाओं को बचा लिया गया। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पाँच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
राजनीतिक संवेदनशीलता
यह मामला इसलिए और पेचीदा हो गया है क्योंकि मुख्य आरोपी का संबंध पाकिस्तान के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से जोड़ा जा रहा है। उप-प्रधानमंत्री इशाक डार के रिश्तेदार का नाम सामने आने से पाकिस्तान में इस मामले पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों में जब सत्ता के करीबी लोगों का नाम आता है, तो जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान पहले से ही कानून-व्यवस्था और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रों में है। जाँच एजेंसियाँ अब क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के डिजिटल सुराग खंगालने में जुटी हैं, और आगामी सुनवाई में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।