10 अगस्त 2026
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वंदे भारत एक्सप्रेस में चलते-चलते योगाभ्यास: अहमदाबाद रेलवे डिवीजन की देश में पहली अनोखी पहल

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वंदे भारत एक्सप्रेस में चलते-चलते योगाभ्यास: अहमदाबाद रेलवे डिवीजन की देश में पहली अनोखी पहल

सारांश

देश में पहली बार चलती वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों ने अपनी सीट पर बैठे-बैठे योगाभ्यास किया। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अहमदाबाद रेलवे डिवीजन की यह अनोखी पहल चार ट्रेन मार्गों पर एक साथ हुई — रेलवे यात्रा और वेलनेस के संगम की नई मिसाल।

मुख्य बातें

वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन ने 21 जून 2026 को देश में पहली बार चलती वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को योगाभ्यास कराया।
यह पहल चार वंदे भारत सेवाओं — गांधीनगर कैपिटल–मुंबई सेंट्रल, साबरमती–जोधपुर, असरवा–उदयपुर और अहमदाबाद–ओखा — पर एक साथ हुई।
यात्रियों ने 10 से 20 मिनट तक सीट पर बैठे-बैठे माइक्रो योग किया, जिसमें गर्दन, कंधे, कलाई का घुमाव, ओम जाप और ध्यान शामिल था।
मुख्य कार्यक्रम साबरमती के कम्युनिटी हॉल में हुआ; प्रशिक्षक अल्पेश त्रिवेदी और हंसा चाग ने सेशन संचालित किए।
इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' रही; DRM वेद प्रकाश की देखरेख में पूरे डिवीजन में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन ने 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश में पहली बार चलती वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों को योगाभ्यास कराया। डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) वेद प्रकाश की देखरेख में यह पहल चार वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाओं पर एक साथ संचालित की गई।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन में सवार यात्रियों को ऑनबोर्ड ऑडियो सिस्टम के माध्यम से योग निर्देश प्रसारित किए गए। प्रत्येक कोच में स्वयंसेवकों ने यात्रियों को अपनी सीट पर बैठे-बैठे माइक्रो योग करने में सहायता की। यात्रियों ने 10 से 20 मिनट तक हल्के व्यायाम किए, जिनमें गर्दन, कंधे, कलाई और हाथों का घुमाव, 'ओम' का जाप तथा संक्षिप्त ध्यान-अभ्यास शामिल थे।

यह सेशन विशेष रूप से इस प्रकार तैयार किए गए थे कि यात्री अपनी सीट छोड़े बिना, यात्रा के दौरान सहजता से इनमें भाग ले सकें।

किन ट्रेनों पर हुई यह पहल

ऑनबोर्ड योगाभ्यास चार वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाओं पर आयोजित किया गया — गांधीनगर कैपिटल–मुंबई सेंट्रल, साबरमती–जोधपुर, असरवा–उदयपुर और अहमदाबाद–ओखा। यह चारों मार्ग पश्चिम भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ते हैं, जिससे हजारों यात्रियों तक यह पहल एक साथ पहुँची।

ज़मीनी योग कार्यक्रम

मुख्य योग कार्यक्रम साबरमती के कम्युनिटी हॉल में आयोजित हुआ, जहाँ योग प्रशिक्षकों अल्पेश त्रिवेदी और हंसा चाग ने रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवानों, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा सिविल डिफेंस संगठन के सदस्यों को प्रशिक्षित किया। सेशन में कॉमन योग प्रोटोकॉल का पालन किया गया, जिसमें आसन, प्राणायाम और ध्यान तकनीकें शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त, साबरमती ओल्ड रेलवे इंस्टीट्यूट, कांकरिया रेलवे इंस्टीट्यूट और गांधीधाम तथा वीरमगाम के कम्युनिटी हॉल में भी योग सेशन आयोजित किए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिजन विभिन्न रेलवे केंद्रों से इस कार्यक्रम से जुड़े।

DRM का बयान

DRM वेद प्रकाश ने कहा कि डिवीजन ने इस अवसर को दो स्तरों पर मनाया — पहले सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को योग से जोड़ा गया, और दूसरे आधुनिक ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को भी इस अभ्यास में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत में ऑनबोर्ड ऑडियो सिस्टम ने इस पहल को व्यावहारिक बनाया।

आम जनता पर असर

इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' को केंद्र में रखते हुए पूरे डिवीजन में गतिविधियाँ आयोजित की गईं। गौरतलब है कि अहमदाबाद, मेहसाणा, पालनपुर और गांधीधाम जैसे बड़े स्टेशनों पर पहले भी योग कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं, परंतु चलती ट्रेन में यह पहल देश में पहली बार हुई। वेस्टर्न रेलवे ने स्टाफ और यात्रियों से अपील की है कि वे बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली महत्व इस बात में है कि रेलवे अब यात्रा को महज परिवहन नहीं, बल्कि वेलनेस अनुभव के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि यह पहल सराहनीय है, सवाल यह भी उठता है कि क्या यह एकदिवसीय आयोजन से आगे नियमित अभ्यास बन पाएगा। यदि वंदे भारत के ऑनबोर्ड ऑडियो सिस्टम का उपयोग केवल योग दिवस तक सीमित रहा, तो यह एक खोया हुआ अवसर होगा। रेलवे के पास ढाँचा है — ज़रूरत है इसे कैलेंडर इवेंट से रोज़मर्रा की सुविधा में बदलने की इच्छाशक्ति की।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चलती वंदे भारत एक्सप्रेस में योगाभ्यास की यह पहल कब और कहाँ हुई?
यह पहल 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन द्वारा की गई। देश में यह पहली बार था जब चलती ट्रेन में यात्रियों को योगाभ्यास कराया गया।
किन वंदे भारत ट्रेनों में यह योग सेशन आयोजित किए गए?
यह सेशन चार वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाओं — गांधीनगर कैपिटल–मुंबई सेंट्रल, साबरमती–जोधपुर, असरवा–उदयपुर और अहमदाबाद–ओखा — पर एक साथ आयोजित किए गए।
ट्रेन में यात्रियों ने किस तरह का योगाभ्यास किया?
यात्रियों ने अपनी सीट पर बैठे-बैठे 10 से 20 मिनट तक माइक्रो योग किया। इसमें गर्दन, कंधे, कलाई और हाथों का घुमाव, 'ओम' का जाप और संक्षिप्त ध्यान-अभ्यास शामिल थे। ऑनबोर्ड ऑडियो सिस्टम से निर्देश प्रसारित किए गए और प्रत्येक कोच में स्वयंसेवकों ने सहायता की।
इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम क्या थी?
इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' थी। अहमदाबाद डिवीजन ने इसी थीम को केंद्र में रखते हुए रेलवे कर्मचारियों, उनके परिजनों और यात्रियों के बीच वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियाँ आयोजित कीं।
अहमदाबाद डिवीजन ने योग दिवस पर और क्या कार्यक्रम आयोजित किए?
साबरमती के कम्युनिटी हॉल में मुख्य योग सेशन आयोजित हुआ, जहाँ प्रशिक्षकों अल्पेश त्रिवेदी और हंसा चाग ने प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा कांकरिया रेलवे इंस्टीट्यूट, गांधीधाम और वीरमगाम के कम्युनिटी हॉल में भी सेशन हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहमदाबाद, मेहसाणा, पालनपुर और गांधीधाम के स्टेशनों पर भी कर्मचारी जुड़े।
राष्ट्र प्रेस
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