8 जुलाई 2026
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जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत 20 कोच के साथ अपग्रेड, राजस्थान को ₹10,000 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स की सौगात

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जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत 20 कोच के साथ अपग्रेड, राजस्थान को ₹10,000 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स की सौगात

सारांश

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के जोधपुर दौरे में पश्चिमी राजस्थान को एक साथ कई बड़ी सौगातें मिलीं — जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत 20 कोच के साथ अपग्रेड, जैसलमेर-अहमदाबाद वंदे भारत की शुरुआत, और ₹400 करोड़ का कोचिंग टर्मिनल। ₹10,000 करोड़ के बजट के साथ 200 से अधिक नई ट्रेनों का वादा, राजस्थान की रेल तस्वीर बदलने का दावा।

मुख्य बातें

जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 8 कोचों से बढ़ाकर 20 कोचों तक अपग्रेड किया गया; सीटें 530 से बढ़कर 1,440 हुईं।
जैसलमेर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू; साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट का विस्तार जैसलमेर तक।
जालोर से भुज-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ।
भगत की कोठी स्टेशन पर ₹400 करोड़ की लागत से कोचिंग टर्मिनल विकसित होगा; जैसलमेर में नया कोचिंग केयर सेंटर भी शुरू।
राजस्थान के लिए ₹10,000 करोड़ का रेलवे बजट; भविष्य में 200 से अधिक नई ट्रेन सेवाएँ शुरू होने की संभावना।
हरिद्वार के लिए नई ट्रेन सेवा और जोधपुर में वंदे भारत स्लीपर टर्मिनल पर भी काम जारी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 22 मई 2026 को जोधपुर दौरे के दौरान पश्चिमी राजस्थान के लिए रेलवे विकास की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया। इनमें सबसे बड़ी घोषणा जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 8 कोचों से बढ़ाकर 20 कोचों तक अपग्रेड करना रही, जिससे यात्री क्षमता 530 सीटों से बढ़कर 1,440 सीटें हो गई। यह कदम जोधपुर, जैसलमेर और जालोर जिलों की रेल कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई देने की दिशा में उठाया गया है।

वंदे भारत अपग्रेड: क्षमता दोगुनी से भी अधिक

रेल मंत्री वैष्णव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यात्रियों की बढ़ती माँग को देखते हुए जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 8 कोचों से 20 कोचों तक विस्तारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'यात्रियों की भारी माँग को देखते हुए अब इसे 20 कोचों तक अपग्रेड किया गया है, इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और यात्रा अधिक आरामदायक होगी।' उल्लेखनीय है कि इस ट्रेन का मूल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 डिब्बों के साथ किया था।

नई ट्रेन सेवाएँ और विस्तार

इस अवसर पर साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक किया गया और जालोर से भुज-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ भी हुआ। इसके अतिरिक्त, जैसलमेर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा भी शुरू की गई, जिससे पश्चिमी राजस्थान को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी। वैष्णव ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जोधपुर से चेन्नई, पुणे और हैदराबाद के लिए नई ट्रेन सेवाएँ पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।

बुनियादी ढाँचे में बड़ा निवेश

रेल मंत्री ने बताया कि जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन पर लगभग ₹400 करोड़ की अनुमानित लागत से एक विशाल कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिससे भविष्य में यहाँ से कई नई ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। जैसलमेर में भी नया कोचिंग केयर सेंटर शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही जोधपुर में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के टर्मिनल पर भी काम चल रहा है।

स्टेशनों का आधुनिकीकरण

वैष्णव ने बताया कि जोधपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास यहाँ की ऐतिहासिक स्थापत्य कला, संस्कृति और विरासत को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। जैसलमेर स्टेशन का आधुनिकीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि जयपुर, पाली और गंगानगर सहित कई अन्य स्टेशनों पर भी निर्माण कार्य तेज़ गति से जारी है।

राजस्थान के लिए आगे की राह

रेल मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में रेलवे विकास के लिए लगभग ₹10,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है। आने वाले समय में राजस्थान से 200 से अधिक नई ट्रेन सेवाएँ शुरू होने की संभावना है और हरिद्वार के लिए भी नई ट्रेन सेवा शुरू करने पर काम चल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन की माँग लगातार बढ़ रही है और बेहतर कनेक्टिविटी की ज़रूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

नई ट्रेनें और ₹10,000 करोड़ के बजट का ऐलान — यह घोषणाओं की बहुतायत राजनीतिक कैलेंडर से बेपरवाह नहीं लगती। असली सवाल यह है कि '200 से अधिक नई ट्रेनें' और 'हरिद्वार के लिए नई सेवा' जैसी घोषणाएँ कब तक ठोस समयसीमा में बदलती हैं। भगत की कोठी कोचिंग टर्मिनल जैसे बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्ट्स दीर्घकालिक लाभ देंगे, लेकिन ₹400 करोड़ की परियोजना की पूर्णता-तिथि अभी स्पष्ट नहीं है। पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन की बढ़ती माँग को देखते हुए कनेक्टिविटी सुधार ज़रूरी है, पर क्रियान्वयन की गति ही इन वादों को विरासत में बदलेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस में 20 कोच अपग्रेड से क्या बदलेगा?
ट्रेन की यात्री क्षमता 530 सीटों से बढ़कर 1,440 सीटें हो जाएगी, जिससे जोधपुर-दिल्ली मार्ग पर अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। यह अपग्रेड यात्रियों की बढ़ती माँग के जवाब में किया गया है।
जैसलमेर को कौन-कौन सी नई रेल सुविधाएँ मिली हैं?
जैसलमेर को दो बड़ी सुविधाएँ मिली हैं — साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक और जैसलमेर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस की नई शुरुआत। इसके अलावा जैसलमेर में नया कोचिंग केयर सेंटर भी शुरू किया जा रहा है।
भगत की कोठी कोचिंग टर्मिनल क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन पर लगभग ₹400 करोड़ की लागत से एक बड़ा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जाएगा। इससे भविष्य में पश्चिमी राजस्थान से देश के विभिन्न शहरों के लिए कई नई ट्रेन सेवाएँ शुरू करना संभव हो सकेगा।
राजस्थान के रेलवे बजट में कितना आवंटन हुआ है?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, राजस्थान में रेलवे विकास के लिए लगभग ₹10,000 करोड़ का बजट दिया गया है। इस बजट के तहत राज्यभर में स्टेशनों के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
जालोर को रेलवे से क्या नई सुविधा मिली है?
जालोर से भुज-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ किया गया है, जिससे जालोर जिले की रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यह सेवा जालोर को गुजरात और दिल्ली से सीधे जोड़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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