1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहोई अष्टमी 2026: देशभर के नेताओं ने दी शुभकामनाएं, संतान की दीर्घायु की कामना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहोई अष्टमी 2026: देशभर के नेताओं ने दी शुभकामनाएं, संतान की दीर्घायु की कामना

सारांश

अहोई अष्टमी 2026 पर देशभर के नेताओं ने एक्स पर संदेश साझा किए। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राजस्थान CM भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी, UP उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने माताओं की संतान-भक्ति को नमन किया।

मुख्य बातें

अहोई अष्टमी 2026 पर 1 नवंबर को देशभर के राजनेताओं ने एक्स पर शुभकामनाएं साझा कीं।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने माताओं-बहनों को बधाई दी।
राजस्थान CM भजनलाल शर्मा और उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने संतान की दीर्घायु और सफलता की कामना की।
UP उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य , राजस्थान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा दिल्ली और बिहार के मंत्रियों ने भी संदेश साझा किए।
अहोई अष्टमी कार्तिक कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता है — दीपावली से आठ दिन पहले — और मुख्यतः उत्तर भारत का पर्व है।

अहोई अष्टमी के पावन पर्व पर 1 नवंबर 2026 को देशभर के राजनेताओं ने माताओं एवं बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित कीं। संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि को समर्पित इस व्रत-पर्व पर केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्रियों और राज्य मंत्रियों तक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर अहोई माता से परिवारों पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

केंद्रीय मंत्री एवं सांसदों की शुभकामनाएं

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'संतान के दीर्घायु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के पावन पर्व अहोई अष्टमी की समस्त माताओं-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अहोई माता सभी के परिवार में सुख, समृद्धि और शांति बनाए रखें।'

राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने भी एक्स पोस्ट में समस्त माताओं-बहनों को अहोई अष्टमी की बधाई देते हुए परिवार में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों का संदेश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में कहा, 'संतान के सुदीर्घ जीवन, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय भविष्य के लिए माताओं के अटूट विश्वास, त्याग और समर्पण के पावन व्रत अहोई अष्टमी की सभी माताओं व प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई। माता अहोई की कृपा से सभी संतानों को दीर्घायु, यश और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त हो।'

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'मातृशक्ति के प्रेम, त्याग एवं संतान के सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना के पावन पर्व अहोई अष्टमी की हार्दिक बधाई। माता अहोई से सभी के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि एवं दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करता हूं।'

उत्तर प्रदेश और राजस्थान के उपमुख्यमंत्रियों का संदेश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'संतान की दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि को समर्पित पावन पर्व अहोई अष्टमी की समस्त माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। माता अहोई की कृपा से सभी संतानों का जीवन सुख, स्वास्थ्य, सफलता और खुशहाली से परिपूर्ण रहे।'

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा, 'मातृशक्ति के त्याग, प्रेम और संतान के प्रति अटूट स्नेह को समर्पित अहोई अष्टमी के पावन पर्व की सभी माताओं एवं बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं।'

दिल्ली और बिहार के मंत्रियों की कामनाएं

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश सिंह ने कहा, 'माता अहोई की कृपा से सभी बच्चों का जीवन सुख, स्वास्थ्य और खुशियों से परिपूर्ण हो। माता अहोई सभी परिवारों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।' दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मां का प्रेम, ममता और आशीर्वाद संतान के जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है, और अहोई अष्टमी इसी मातृत्व के अटूट स्नेह का प्रतीक है।

बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम ने भी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'यह पर्व माँ के निस्वार्थ प्रेम, अटूट विश्वास और वात्सल्य का प्रतीक है। माता अहोई से प्रार्थना है कि सभी बच्चों पर उनका आशीर्वाद बना रहे तथा प्रत्येक परिवार सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण रहे।'

अहोई अष्टमी का महत्व

अहोई अष्टमी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाने वाला व्रत है, जो मुख्यतः उत्तर भारत में माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। गौरतलब है कि यह पर्व दीपावली से ठीक आठ दिन पहले आता है और मातृत्व की भावना को केंद्र में रखता है। राजनेताओं द्वारा इस अवसर पर शुभकामनाएं देना सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव की परंपरा का हिस्सा है जो भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में व्यापक रूप से दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह संकेत देती हैं कि ये व्यक्तिगत अभिव्यक्ति कम, राजनीतिक उपस्थिति-पंजीकरण अधिक हैं। यह घटना अपने आप में भारतीय राजनीति की उस विशेषता को दर्शाती है जहाँ त्योहारी कैलेंडर और जनसंपर्क का चक्र लगभग एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहोई अष्टमी 2026 कब है?
अहोई अष्टमी 2026 का पर्व 1 नवंबर को मनाया गया। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है और दीपावली से ठीक आठ दिन पहले आता है।
अहोई अष्टमी का व्रत क्यों रखा जाता है?
अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। यह पर्व मुख्यतः उत्तर भारत में प्रचलित है और मातृत्व के निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
किन नेताओं ने अहोई अष्टमी 2026 पर शुभकामनाएं दीं?
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, राज्यसभा सांसद संजय भाटिया तथा दिल्ली और बिहार सरकार के कई मंत्रियों ने एक्स पर शुभकामनाएं साझा कीं।
अहोई अष्टमी और दीपावली का क्या संबंध है?
अहोई अष्टमी दीपावली से ठीक आठ दिन पहले आती है और इसे दीपावली उत्सव पर्व-श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। दोनों पर्व कार्तिक मास में मनाए जाते हैं।
नेताओं ने अहोई अष्टमी की शुभकामनाएं कहाँ साझा कीं?
सभी नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अपनी शुभकामनाएं साझा कीं। इन पोस्टों में माताओं एवं बहनों को संबोधित करते हुए अहोई माता से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले