फ्री ऑनलाइन कोचिंग पर अलख पांडे का PM मोदी को समर्थन: 'हर बच्चे को मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
फिजिक्सवाला के संस्थापक अलख पांडे ने 15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा का खुलकर स्वागत किया, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने का संकल्प लिया गया। पांडे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए सरकार को 'बिना शर्त समर्थन' देने की घोषणा की और स्पष्ट किया कि इसके बदले उन्हें किसी व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा नहीं है।
अलख पांडे ने क्या कहा
पांडे ने एक्स पर लिखा, 'मैं सभी जरूरतमंद छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के प्रधानमंत्री की घोषणा की सराहना करता हूं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि दूर-दराज के कस्बों और गांवों तक अच्छी शिक्षा पहुंचाने का एकमात्र जरिया ऑनलाइन माध्यम ही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि क्रियान्वयन ही इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होगा।
प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को टैग करते हुए पांडे ने लिखा, 'मैं इस पहल के लिए सरकार को अपना बिना शर्त समर्थन देता हूं। इसके बदले मुझे कोई लाभ नहीं चाहिए। भारत के हर बच्चे के लिए अच्छी शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए।'
PM मोदी की लाल किले से घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कोचिंग उद्योग के बढ़ते आर्थिक बोझ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'कोचिंग क्लासिस की स्पर्धा हमारे मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने एक बहुत बड़ा बोझ बन चुका है।' मोदी ने घोषणा की कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के श्रेष्ठ शिक्षकों का उपयोग करते हुए युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग का एक पूरा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस कदम का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को घर के पास रहते हुए गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर देना है, ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा क्षेत्र पर संभावित असर
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों की फीस को लेकर बहस तेज है। गौरतलब है कि कोटा जैसे शहरों में छात्रों पर मानसिक और आर्थिक दबाव की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। सरकारी फ्री कोचिंग प्लेटफॉर्म इस दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
फिजिक्सवाला जैसे एडटेक प्लेटफॉर्म पहले से किफायती ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अलख पांडे का यह समर्थन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि वे खुद एक ऐसे उद्यमी हैं जिनका व्यवसाय इसी क्षेत्र में है — फिर भी उन्होंने सरकारी पहल को प्रतिस्पर्धा के रूप में नहीं, बल्कि पूरक के रूप में देखा।
क्या होगा आगे
सरकार ने अभी तक इस फ्री कोचिंग नेटवर्क के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की है। अलख पांडे ने खुद इस पर जोर देते हुए कहा कि 'इसे लागू करना ही सबसे जरूरी हिस्सा है।' शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना की सफलता इसके डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की गुणवत्ता और ग्रामीण इंटरनेट पहुंच पर निर्भर करेगी।