15 अगस्त 2026
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मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना: PM मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐलान का छात्रों ने किया स्वागत

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मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना: PM मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐलान का छात्रों ने किया स्वागत

सारांश

लाल किले से PM मोदी का यह ऐलान कोचिंग उद्योग की जड़ों को हिलाने वाला है — गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को अब हज़ारों रुपये खर्च किए बिना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा। छात्रों ने इसे शिक्षा में समान अवसर की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना की घोषणा की।
योजना का लक्ष्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को समान शैक्षिक अवसर देना है।
वडोदरा के अधिवक्ता एवं छात्र शालव मजूमदार सहित देशभर के छात्रों ने इस फैसले को सराहा।
सरकार एक व्यापक डिजिटल नेटवर्क तैयार करेगी; विस्तृत रूपरेखा अभी घोषित होनी बाकी है।
मोदी ने कहा कि इससे परिवारों पर हज़ारों-करोड़ रुपये का कोचिंग खर्च बचेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस फैसले को देशभर के छात्रों ने सराहा है और इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक निर्णायक कदम बताया है।

क्या है योजना

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ बन चुकी है। उन्होंने कहा, "कोचिंग क्लासेस की स्पर्धा हमारे मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने एक बहुत बड़ा बोझ बन चुका है। हर मां-बाप को लग रहा है कि कोचिंग क्लास में बच्चे को नहीं भेजा, तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं।" इस समस्या के समाधान के लिए सरकार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग के लिए एक व्यापक नेटवर्क तैयार करेगी।

मोदी ने यह भी कहा कि इस योजना से न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि बच्चे अपने घर के पास रहकर पढ़ाई कर सकेंगे और परिवार की देखभाल भी कर सकेंगे।

छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया

वडोदरा निवासी अधिवक्ता एवं छात्र शालव मजूमदार ने इस घोषणा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला विशेष रूप से उन क्षेत्रों के बच्चों के लिए फायदेमंद होगा जहाँ कोचिंग की सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

मजूमदार ने कहा, "कई प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक तंगी के कारण कोचिंग नहीं कर पाते। ऐसे बच्चों को फ्री ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलने से आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में जब युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होंगे, तो यह योजना उनकी सफलता में मील का पत्थर साबित होगी।

देशभर के छात्रों ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच एक बड़ी चुनौती है और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग इस खाई को पाटने में सहायक होगी।

आम जनता पर असर

यह योजना उन अभिभावकों के लिए विशेष रूप से राहत लेकर आई है जो अपने बच्चों को कोचिंग संस्थान भेजना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से ऐसा नहीं कर पाते। गौरतलब है कि देश में कोचिंग उद्योग का आकार हज़ारों करोड़ रुपये का है, और निजी कोचिंग की फीस अक्सर गरीब व निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों की पहुँच से बाहर होती है।

यह ऐसे समय में आया है जब कोटा जैसे कोचिंग हब में छात्रों पर मानसिक दबाव और आर्थिक बोझ को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। मुफ्त ऑनलाइन विकल्प उन छात्रों को घर से ही तैयारी करने का अवसर देगा।

क्या होगा आगे

सरकार के अनुसार, एक व्यापक डिजिटल नेटवर्क तैयार किया जाएगा ताकि हर प्रतिभावान युवा को समान अवसर मिल सके। हालाँकि, योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा, पाठ्यक्रम का दायरा और लॉन्च की तिथि अभी घोषित की जानी बाकी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की सफलता इसके तकनीकी ढाँचे, इंटरनेट पहुँच और शिक्षकों की गुणवत्ता पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — पाठ्यक्रम का दायरा, शिक्षकों की गुणवत्ता और ग्रामीण इंटरनेट पहुँच जैसे सवाल अभी अनुत्तरित हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी डिजिटल शिक्षा पहलों — जैसे दीक्षा और स्वयं पोर्टल — की पहुँच और उपयोग दर को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कोचिंग उद्योग की जड़ें गहरी हैं और केवल एक डिजिटल विकल्प उन्हें रातोंरात नहीं बदल सकता। बिना जवाबदेही ढाँचे और स्वतंत्र मूल्यांकन के, यह योजना एक और सुविचारित लेकिन अधूरे वादे की सूची में जुड़ने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना क्या है?
यह 15 अगस्त 2026 को लाल किले से घोषित एक सरकारी पहल है, जिसके तहत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एक व्यापक डिजिटल नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इस योजना से किसे फायदा होगा?
यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए लाभकारी होगी जो आर्थिक तंगी के कारण निजी कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाते, और उन क्षेत्रों के बच्चों के लिए जहाँ कोचिंग सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। इससे अभिभावकों पर पड़ने वाला हज़ारों रुपये का कोचिंग खर्च भी बचेगा।
यह योजना कब से लागू होगी?
अभी तक सरकार ने योजना के लॉन्च की सटीक तिथि और विस्तृत रूपरेखा घोषित नहीं की है। घोषणा के अनुसार एक व्यापक डिजिटल नेटवर्क तैयार किया जाएगा, लेकिन क्रियान्वयन की समयसीमा स्पष्ट नहीं है।
क्या यह योजना सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को कवर करेगी?
PM मोदी ने 'विभिन्न परीक्षाओं' का उल्लेख किया है, लेकिन किन परीक्षाओं को शामिल किया जाएगा, इसकी विस्तृत सूची अभी जारी नहीं हुई है। माना जा रहा है कि UPSC, SSC, बैंकिंग और राज्यस्तरीय परीक्षाएँ इसमें शामिल हो सकती हैं।
छात्रों ने इस घोषणा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
वडोदरा के अधिवक्ता एवं छात्र शालव मजूमदार सहित देशभर के छात्रों ने इस फैसले को सराहा है। उनका कहना है कि यह योजना शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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