8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस का पूरा ब्योरा तलब किया, बृजभूषण-राजा भैया समेत कई नाम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस का पूरा ब्योरा तलब किया, बृजभूषण-राजा भैया समेत कई नाम

सारांश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के 19 बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस का पूरा ब्योरा तलब किया है। सरकारी हलफनामे में खुलासा हुआ कि प्रदेश में 6,062 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को लाइसेंस मिले हैं और 20,960 परिवारों के पास एक से अधिक लाइसेंस हैं — आँकड़े जिन पर खुद कोर्ट ने हैरानी जताई।

मुख्य बातें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 22 मई को 19 बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस का विस्तृत ब्योरा राज्य सरकार से तलब किया।
बृजभूषण शरण सिंह , राजा भैया , धनंजय सिंह समेत कई प्रमुख नामों की आपराधिक कुंडली और सुरक्षा विवरण माँगे गए।
सरकारी हलफनामे के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 10 लाख 893 शस्त्र लाइसेंसधारक हैं।
6,062 ऐसे व्यक्तियों को लाइसेंस दिए गए हैं जिन पर दो या अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
20,960 परिवारों के पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं; 23,407 लाइसेंस अभी लंबित।
यह आदेश जस्टिस विनोद दिवाकर ने संतकबीर नगर निवासी जयशंकर की याचिका पर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 22 मई को उत्तर प्रदेश के 19 बाहुबलियों को जारी किए गए शस्त्र लाइसेंस का विस्तृत ब्योरा राज्य सरकार से तलब किया है। इनमें बृजभूषण शरण सिंह, राजा भैया, धनंजय सिंह, सुशील सिंह और विनीत सिंह जैसे नाम शामिल हैं। यह आदेश जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने संतकबीर नगर निवासी जयशंकर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

मुख्य घटनाक्रम

कोर्ट ने राज्य सरकार और सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को लाइसेंस जारी किए जाने और हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सभी लाइसेंसधारियों के सही पते, दर्ज आपराधिक मामले, लाइसेंस का विवरण और उन्हें दी गई सरकारी सुरक्षा का पूरा ब्योरा भी माँगा गया है।

सरकारी हलफनामे में चौंकाने वाले आँकड़े

अपर मुख्य सचिव गृह की ओर से दाखिल हलफनामे के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 10 लाख 893 शस्त्र लाइसेंसधारक हैं। इनमें से 23,407 लाइसेंस अभी भी लंबित हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 6,062 ऐसे व्यक्तियों को लाइसेंस दिए गए हैं जिन पर दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा 20,960 परिवारों के पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस मौजूद हैं।

इन आँकड़ों पर हाईकोर्ट ने गहरी हैरानी जताई और स्पष्ट किया कि सरकारी हलफनामों में जिन बाहुबलियों के नाम छिपाए गए थे, उनकी आपराधिक कुंडली भी अदालत के सामने रखी जाए।

किन बाहुबलियों का ब्योरा माँगा गया

कोर्ट ने जिन प्रमुख नामों का विवरण तलब किया है, उनमें राजा भैया, अब्बास अंसारी, बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह, विनीत सिंह, बृजेश सिंह, खान मुबारक, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, संजय सिंह सिंगला, अतुल वर्मा, मोहम्मद साहब, सुधाकर सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह, लल्लू यादव, बच्चू यादव और जुगनू वालिया शामिल हैं।

हथियारों की संस्कृति पर कोर्ट की चिंता

हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में प्रदेश में फैली 'हथियारों की संस्कृति' पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने सरकार से शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया, उनके नवीनीकरण और नियमों की अनदेखी के संबंध में भी जवाब माँगा है। यह याचिका संतकबीर नगर के निवासी जयशंकर ने दायर की थी, जिसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने पर सवाल उठाया गया था।

आगे क्या होगा

अदालत के इस आदेश के बाद राज्य सरकार और संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा। यह मामला उत्तर प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस नीति और कानून-व्यवस्था के बड़े सवालों से सीधे जुड़ा है, और अगली सुनवाई में सरकार के जवाब पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

062 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के पास वैध शस्त्र लाइसेंस हैं — यह आँकड़ा अपने आप में नीतिगत विफलता की स्वीकारोक्ति है। असली सवाल यह है कि इन लाइसेंसों का नवीनीकरण किसकी अनुमति से होता रहा, जबकि आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक थे। हाईकोर्ट का यह हस्तक्षेप ज़रूरी है, लेकिन न्यायिक दबाव के बिना यह जानकारी कभी सामने नहीं आती — यही कार्यपालिका की जवाबदेही की असली परीक्षा है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शस्त्र लाइसेंस मामले में क्या आदेश दिया?
हाईकोर्ट ने 19 बाहुबलियों को जारी शस्त्र लाइसेंस का पूरा विवरण, उनकी आपराधिक कुंडली और उन्हें दी गई सरकारी सुरक्षा का ब्योरा राज्य सरकार व पुलिस अधिकारियों से तलब किया है। यह आदेश जस्टिस विनोद दिवाकर ने दिया।
उत्तर प्रदेश में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कितने लोगों के पास शस्त्र लाइसेंस हैं?
सरकारी हलफनामे के अनुसार प्रदेश में 6,062 ऐसे व्यक्तियों को शस्त्र लाइसेंस दिए गए हैं जिन पर दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह जानकारी सामने आने पर हाईकोर्ट ने गहरी हैरानी जताई।
यह याचिका किसने और क्यों दायर की?
यह याचिका संतकबीर नगर के निवासी जयशंकर ने दायर की थी। इसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने और हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर सवाल उठाया गया था।
किन प्रमुख बाहुबलियों का ब्योरा कोर्ट ने माँगा है?
कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह, राजा भैया, अब्बास अंसारी, धनंजय सिंह, विनीत सिंह, बृजेश सिंह, खान मुबारक, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही समेत कुल 19 बाहुबलियों का विवरण माँगा है। इनके आपराधिक मामले, लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी तलब की गई है।
उत्तर प्रदेश में कुल कितने शस्त्र लाइसेंस हैं और आगे क्या होगा?
प्रदेश में कुल 10 लाख 893 शस्त्र लाइसेंसधारक हैं, जिनमें 23,407 लाइसेंस लंबित हैं। अदालत के आदेश के बाद राज्य सरकार को निर्धारित समयसीमा में विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले