क्या अल्मोड़ा के स्कूल के पास जंगल में मिली 161 जिलेटिन रॉड?
सारांश
Key Takeaways
- 161 जिलेटिन रॉड का जंगल में मिलना संदेहास्पद है।
- पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया।
- जांच में बम डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वायड शामिल हैं।
- स्थानीय निवासियों से पूछताछ जारी है।
- पुलिस ने अफवाह फैलाने से बचने की अपील की है।
अल्मोड़ा, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के अल्मोड़ा के थाना सल्ट क्षेत्र में बुधवार की शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डबरा के प्रधानाचार्य ने पुलिस को सूचित किया कि स्कूल के पास खेल रहे बच्चों ने जंगल की ओर कुछ संदिग्ध सामग्री देखी।
पुलिस को सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया। जांच के दौरान, पुलिस ने जंगल से कुल 161 जिलेटिन रॉड बरामद की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना के आधार पर बम डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वायड की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। विशेषज्ञों ने पूरे क्षेत्र की गहन जांच की और बरामद की गई सभी जिलेटिन रॉड के सैंपल सुरक्षित रूप से कलेक्ट किए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिलेटिन की रॉड का आमतौर पर उपयोग सड़क निर्माण और पत्थर तोड़ने के कार्य में किया जाता है, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में इनका जंगल में पाया जाना संदेह पैदा करता है।
इस मामले में थाना सल्ट में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये रॉड कौन लेकर आया और इन्हें जंगल में रखने का उद्देश्य क्या था। आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और संभावित सीसीटीवी फुटेज की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और इस घटना को लेकर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचने का आग्रह किया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से सहयोग करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
अल्मोड़ा के एसएसपी देवेन्द्र पिंचा ने बताया कि स्कूल के पास जंगल में 161 जिलेटिन रॉड मिली थी, पूरे इलाके की जांच की गई, लेकिन और कोई सामग्री बरामद नहीं हुई। सामान्य रूप से जिलेटिन रॉड का प्रयोग चट्टान और बड़ी चीजों को तोड़ने के लिए किया जाता है। जांच जारी है, इसको यहां कौन लाया और क्यों लाया गया, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।