अमरनाथ यात्रा 2025: 9 जुलाई तक ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण टोकन फुल, बिना रजिस्ट्रेशन वाले श्रद्धालु न आएं जम्मू
सारांश
मुख्य बातें
अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए जम्मू में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी है, जिसके चलते 9 जुलाई तक के ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण के सभी टोकन वितरित हो चुके हैं। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने 4 जुलाई को स्पष्ट किया कि जिन श्रद्धालुओं का पूर्व-पंजीकरण नहीं हुआ है, वे 9 जुलाई से पहले जम्मू न आएं, अन्यथा उन्हें निराश लौटना पड़ सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
3 जुलाई से श्री अमरनाथ यात्रा का संचालन आरंभ हुआ है और देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू पहुँच रहे हैं। इस वर्ष अनरजिस्टर्ड श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक रही, जिसके कारण ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण केंद्रों पर भारी दबाव बना।
डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित है। पहले से पंजीकृत श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जाती है और उसके बाद बची हुई निर्धारित संख्या के अनुसार ही मौके पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
प्रशासन की अपील
डिविजनल कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जिन श्रद्धालुओं का प्री-रजिस्ट्रेशन पहले से हो चुका है और जिन्हें यात्रा की निर्धारित तिथि आवंटित की जा चुकी है, वे बिना किसी चिंता के अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पुलिस उनके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन श्रद्धालुओं का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें भी सुविधा दी जाएगी, लेकिन पहले से मौजूद यात्रियों के पंजीकरण के बाद ही उनकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उच्चस्तरीय निरीक्षण
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक के बाद मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने भगवती नगर स्थित श्री अमरनाथ यात्री निवास बेस कैंप और तवी रिवरफ्रंट का दौरा किया। उन्होंने ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण केंद्रों, यात्री सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आम श्रद्धालुओं पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में अमरनाथ यात्रा के प्रति आस्था और उत्साह चरम पर है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दैनिक सीमा पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तय की गई है, इसलिए इसे शिथिल करना संभव नहीं है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले पंजीकरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
आगे क्या
9 जुलाई के बाद ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की स्थिति पर प्रशासन की ओर से अपडेट जारी किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र रखें और यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं, ताकि बाबा बर्फानी के दर्शन की उनकी आस्था बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।