अमरनाथ यात्रा सुरक्षा पर सत शर्मा: पीएम की चिंता जायज, पाक समर्थित आतंकवाद बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने 3 जुलाई को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा, भारत-पाकिस्तान संबंध, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग और राम मंदिर चंदा विवाद सहित कई अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरनाथ यात्रियों को लेकर जताई गई चिंता पूरी तरह स्वाभाविक और जायज है, और केंद्र सरकार ने यात्रा को सुरक्षित एवं सफल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
अमरनाथ यात्रा सुरक्षा व्यवस्था
सत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा धार्मिक यात्राओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा, 'आतंकवादी हमेशा ऐसी यात्राओं को बाधित करने और माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं — ऐसे में पीएम की चिंता स्वाभाविक है।' उनके अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर यात्रा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा ढाँचा तैयार किया है। यात्रा के दौरान सुबह से लेकर श्रद्धालुओं का काफिला पूरी तरह आगे निकलने तक सामान्य वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रखी जाती है। शर्मा ने आम नागरिकों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन का पूरा सहयोग करें ताकि यह यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
पाकिस्तान और भारत-पाक संबंधों पर कड़ा रुख
भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत बहाल करने की अपीलों और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी पर सत शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर की गई निर्मम हत्याओं के समय ऐसे बयान क्यों नहीं आए। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिन्दूर के जरिए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत में आतंकवाद किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' शर्मा ने याद दिलाया कि 1947 से लेकर 1965, 1971, 1999 और उसके बाद पहलगाम, उरी तथा पुलवामा जैसे हमलों तक, पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने लगातार भारत को निशाना बनाया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और रक्षा मंत्री अनुभवी और परिपक्व नेतृत्व का हिस्सा हैं और भली-भाँति जानते हैं कि किस परिस्थिति में क्या निर्णय लेना है। पहलगाम हमले का जवाब ऑपरेशन सिन्दूर और ऑपरेशन महादेव के माध्यम से भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने प्रभावी ढंग से दिया है।
जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा — प्राथमिकता बाद में
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की नेशनल कॉन्फ्रेंस की माँग पर सत शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि उचित परिस्थितियाँ आने पर राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में, जब पहलगाम जैसी आतंकी घटनाएँ हुई हैं और पहाड़ियों व जंगलों में आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका बनी हुई है, तब सबसे पहली प्राथमिकता उन्हें समाप्त करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को निश्चित रूप से राज्य का दर्जा मिलेगा।
राम मंदिर चंदा विवाद पर भाजपा का रुख
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में भाजपा पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा लगाए गए आरोपों पर सत शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया है। जाँच जारी है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा जारी है और सुरक्षा बल क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी खतरों से निपटने में लगे हैं। आने वाले दिनों में यात्रा की सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति दोनों पर नजरें टिकी रहेंगी।