अमित शाह बस्तर में 26वीं केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, 4 राज्यों के CM होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार, 20 मई 2025 को बस्तर में केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक मध्य भारत में अंतर-राज्यीय शासन और सहकारी संघवाद के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि बस्तर वह क्षेत्र है जो कभी नक्सल हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित था।
मुख्य घटनाक्रम
इस उच्च-स्तरीय बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। यह परिषद इन राज्यों के बीच साझा चुनौतियों पर संवाद और समन्वय का एक संस्थागत मंच है। गौरतलब है कि केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की इस श्रृंखला की यह 26वीं बैठक है, और पहली बार इसका आयोजन बस्तर जैसे संवेदनशील रहे क्षेत्र में हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की तैयारियाँ
बैठक की मेज़बानी कर रहे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन से पूर्व एक विस्तृत उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस सत्र में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उन विषयों और रणनीतिक प्रस्तावों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया, जिन्हें छत्तीसगढ़ सरकार परिषद की कार्यवाही के दौरान रखने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री साय ने एजेंडे के प्रत्येक बिंदु की गहन समीक्षा करते हुए शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियाँ सौंपीं और निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि व्यवस्थाओं का संचालन अत्यंत गंभीरता और समन्वय के साथ किया जाए।
बस्तर में आयोजन का प्रतीकात्मक महत्व
मुख्यमंत्री साय के अनुसार, बस्तर में इतने बड़े राष्ट्रीय सम्मेलन की मेज़बानी करना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उनका कहना है कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में शांति की सफल बहाली का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में नक्सल उपस्थिति को उल्लेखनीय रूप से कम किया है।
परिषद की भूमिका और महत्व
केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद भारत के संघीय ढाँचे का एक अहम हिस्सा है, जो राज्यों और केंद्र के बीच नीतिगत समन्वय का कार्य करती है। मुख्यमंत्री साय ने इस बात को रेखांकित किया कि यह परिषद पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय आदर्श के रूप में कार्य करती है — इसकी विशेषता आपसी सहयोग का वातावरण और प्रतिभागियों के बीच विवादों की अनुपस्थिति है। उनके अनुसार, केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्य 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आगे क्या
बैठक में चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा अपने-अपने राज्यों के विकास एजेंडे और अंतर-राज्यीय मुद्दों पर प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है। परिषद की कार्यवाही से निकले निर्णय संघीय नीति-निर्माण को दिशा दे सकते हैं। बस्तर में इस बैठक का आयोजन क्षेत्र के विकास और शासन पर केंद्र सरकार के बढ़ते फोकस का संकेत माना जा रहा है।