बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक: अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में ऐतिहासिक मंथन

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बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक: अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में ऐतिहासिक मंथन

सारांश

बस्तर की धरती पर पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक — यह महज़ एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि नक्सल हिंसा से विकास की ओर बढ़ रहे बस्तर की बदलती पहचान का राष्ट्रीय स्वीकृति-पत्र है। अमित शाह की अध्यक्षता में यह मंथन अंतरराज्यीय समन्वय को नई धार देगा।

मुख्य बातें

19 मई 2026 को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक होगी — बस्तर में पहली बार।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे; कई राज्यों के मुख्यमंत्री होंगे शामिल।
मध्यप्रदेश के CM मोहन यादव और उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी छत्तीसगढ़ पहुँचे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक को बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान का प्रतीक बताया।
मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों के बीच कोई विवाद नहीं — आपसी सहयोग का अनूठा उदाहरण।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई 2026 को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी — और यह पहली बार है जब यह उच्च स्तरीय बैठक बस्तर संभाग की धरती पर हो रही है। इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे, जो अंतरराज्यीय समन्वय, विकास और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

ऐतिहासिक आयोजन की पृष्ठभूमि

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बैठक को बस्तर के इतिहास में मील का पत्थर बताया है। उनके अनुसार, यह आयोजन बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि बस्तर दशकों तक नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझता रहा है और अब यह क्षेत्र तेज़ी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा, 'कभी नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर अब तेज़ी से विकास और विश्वास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में देश के वरिष्ठ नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक है।'

मुख्यमंत्रियों का स्वागत और द्विपक्षीय चर्चा

बैठक से पूर्व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी छत्तीसगढ़ पहुँचे, जहाँ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर तीनों मुख्यमंत्रियों के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा भी हुई।

तैयारियों की समीक्षा

बैठक से पहले मुख्यमंत्री साय ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की और अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपीं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन में किसी प्रकार की कमी न रहे और सभी व्यवस्थाएँ बेहतर समन्वय तथा गंभीरता के साथ सुनिश्चित की जाएँ।

क्षेत्रीय परिषद का महत्व

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद देश की उन परिषदों में से है जहाँ सदस्य राज्यों के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है — यह आपसी सहयोग और समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय परिषदें राज्यों और केंद्र सरकार के बीच संवाद को मज़बूत करने का प्रभावी मंच बन चुकी हैं।

'मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं' — इसी सोच के साथ क्षेत्रीय परिषदें विकास, प्रशासनिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता को नई दिशा दे रही हैं, ऐसा मुख्यमंत्री साय ने कहा।

आगे क्या

यह बैठक न केवल अंतरराज्यीय समन्वय को मज़बूत करने का अवसर है, बल्कि बस्तर की बदलती तस्वीर को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का भी मौका है। बैठक के निष्कर्ष और निर्णय आने वाले महीनों में बस्तर सहित मध्य भारत के विकास की दिशा तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बैठक की प्रतीकात्मक शक्ति तब ही सार्थक होगी जब इससे ठोस नीतिगत निर्णय निकलें जो बस्तर के आदिवासी समुदायों तक पहुँचें। यह देखना ज़रूरी होगा कि बैठक के एजेंडे में बस्तर-विशिष्ट मुद्दे — जैसे आदिवासी अधिकार, वन संसाधन और रोज़गार — कितनी प्रमुखता पाते हैं। केवल उच्च स्तरीय उपस्थिति से विकास नहीं होता; क्रियान्वयन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक कब और कहाँ होगी?
यह बैठक 19 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित होगी। यह पहली बार है जब मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक बस्तर संभाग में हो रही है।
इस बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा?
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे।
बस्तर में यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
बस्तर दशकों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा है और अब विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में पहली बार इतने उच्च स्तरीय राष्ट्रीय आयोजन का होना बस्तर की बदलती पहचान और सुरक्षा स्थिति में सुधार का प्रतीक माना जा रहा है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद में कौन-से राज्य शामिल हैं?
मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड सहित मध्य भारत के राज्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, इस परिषद की विशेषता यह है कि इसके सदस्य राज्यों के बीच कोई विवाद नहीं है।
इस बैठक से बस्तर को क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री साय का मानना है कि यह बैठक अंतरराज्यीय समन्वय को मज़बूत करेगी और सुरक्षित, विकसित एवं आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी। बैठक के निर्णय बस्तर सहित मध्य भारत की विकास नीतियों को दिशा दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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