अमित शाह करेंगे दिल्ली के आरके पुरम अयप्पा मंदिर में 'सबरीसम' भवन का उद्घाटन, शाम 5:30 बजे समारोह
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार, 8 जून 2025 को नई दिल्ली के आरके पुरम स्थित अयप्पा मंदिर परिसर में नवनिर्मित 'सबरीसम' भवन का उद्घाटन करेंगे। यह समारोह शाम 5:30 बजे आयोजित होगा, जिसमें गृह मंत्री औपचारिक रूप से इस भवन को भक्तों और मंदिर समुदाय को समर्पित करेंगे।
सबरीसम भवन का उद्देश्य और स्वरूप
मंदिर अधिकारियों के अनुसार, 'सबरीसम' भवन का निर्माण मंदिर के बुनियादी ढाँचे को विस्तारित करने और उसकी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है। यह भवन वर्षभर आयोजित होने वाले आध्यात्मिक समारोहों, सामुदायिक कार्यक्रमों, धर्मार्थ पहलों और विभिन्न धार्मिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि नया इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ती भागीदारी को समायोजित करने और मंदिर की विस्तारित सामुदायिक पहुँच को और मज़बूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
अयप्पा मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
आरके पुरम स्थित यह अयप्पा मंदिर वर्ष 1980 में स्थापित हुआ था और उत्तर भारत के प्रमुख अयप्पा मंदिरों में इसकी गिनती होती है। पारंपरिक केरल शैली की वास्तुकला के लिए विख्यात यह मंदिर दिल्ली और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
गौरतलब है कि समय के साथ यह मंदिर राष्ट्रीय राजधानी में मलयाली समुदाय और भगवान अयप्पा के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। यहाँ नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, भजन, विशेष पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक सेवा से जुड़े कार्य आयोजित किए जाते हैं।
गृह मंत्री कार्यालय की घोषणा
उद्घाटन से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि अमित शाह नई दिल्ली में अयप्पा मंदिर परिसर के नवनिर्मित 'सबरीसम' भवन का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों और मंदिर समुदाय के सदस्यों के शामिल होने की संभावना है।
आम जनता और समुदाय पर असर
नए भवन के उद्घाटन से मंदिर परिसर में उपलब्ध सुविधाओं के और बेहतर होने की उम्मीद है। धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा, जिससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।
इसे दिल्ली के प्रमुख अयप्पा मंदिरों में से एक के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है — और मंदिर की सामाजिक कल्याण गतिविधियों के विस्तार की दृष्टि से भी यह कदम उल्लेखनीय है।