अमित शाह लॉन्च करेंगे 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2', राजस्थान के 184 सीमावर्ती गांवों को मिलेगी 4G और सड़क कनेक्टिविटी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27 मई 2025 को बीकानेर के निकट भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र से 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2' का शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के 4 सीमावर्ती जिलों — बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्री गंगानगर — के 184 गांवों को सड़क संपर्क, 4G मोबाइल नेटवर्क, बिजली और टेलीविजन कनेक्टिविटी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की केंद्र सरकार की व्यापक नीति का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
गृह मंत्री अमित शाह सोमवार देर रात करीब रात 10:30 बजे एक विशेष विमान से नल एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। उनके स्वागत के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल मौजूद थे। आगमन के तुरंत बाद शाह सीधे बीएसएफ कैंप रवाना हो गए जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया।
अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे में वीवीआईपी काफिला अपेक्षाकृत सीमित रखा गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूनतम प्रोटोकॉल के निर्देश के अनुरूप बताया जा रहा है।
सांचू सीमा चौकी का दौरा
कार्यक्रम के बाद गृह मंत्री ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सांचू बीएसएफ सीमा चौकी का दौरा किया, जो अंतर्राष्ट्रीय सीमा से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां उन्होंने बीएसएफ जवानों से सीधे संवाद किया, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और एक वॉचटावर से भारत-पाकिस्तान सीमा का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा बलों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन भी किया।
गौरतलब है कि सांचू चौकी का ऐतिहासिक महत्व है — 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में इस स्थल ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। 1965 के संघर्ष में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी कब्जे से इस चौकी को पुनः अपने नियंत्रण में लिया था। यहां स्थित एक संग्रहालय में सेना की वीरता और सीमा रक्षा अभियानों का इतिहास संरक्षित है।
उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक
दोपहर 2 बजे शाह ने बीकानेर में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में गृह मंत्रालय, राजस्थान सरकार और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पांच सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।
स्वागत समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, संभागीय आयुक्त और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
आम जनता पर असर
इस योजना से सबसे अधिक लाभ उन परिवारों को मिलेगा जो दशकों से सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं से वंचित रहे हैं। 4G नेटवर्क की उपलब्धता से डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन और सरकारी योजनाओं तक पहुंच सुगम होगी। सड़क संपर्क बेहतर होने से सीमावर्ती गांवों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव की पृष्ठभूमि में सरकार सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दे रही है। वाइब्रेंट विलेजेस कार्यक्रम का पहला चरण मुख्यतः उत्तरी सीमाओं पर केंद्रित था; दूसरे चरण में पश्चिमी सीमा को प्राथमिकता दी गई है।
क्या होगा आगे
गृह मंत्री की यह दो दिवसीय यात्रा सीमा सुरक्षा और ग्रामीण विकास दोनों मोर्चों पर केंद्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। 184 चयनित गांवों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और धनराशि का विस्तृत विवरण संबंधित मंत्रालय द्वारा शीघ्र जारी किए जाने की संभावना है।