12 जुलाई 2026
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अमित शाह लॉन्च करेंगे 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2', राजस्थान के 184 सीमावर्ती गांवों को मिलेगी 4G और सड़क कनेक्टिविटी

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अमित शाह लॉन्च करेंगे 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2', राजस्थान के 184 सीमावर्ती गांवों को मिलेगी 4G और सड़क कनेक्टिविटी

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने बीकानेर के पास भारत-पाकिस्तान सीमा से 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2' की शुरुआत की — राजस्थान के 184 सीमावर्ती गांवों को 4G, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। ऐतिहासिक सांचू चौकी के दौरे और उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा के साथ यह यात्रा सीमा विकास और सुरक्षा दोनों पर केंद्र के दोहरे जोर को दर्शाती है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 27 मई 2025 को बीकानेर के निकट भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र से 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2' लॉन्च किया।
राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्री गंगानगर जिलों के 184 सीमावर्ती गांवों को सड़क, 4G नेटवर्क , बिजली और टेलीविजन कनेक्टिविटी प्राथमिकता से दी जाएगी।
शाह ने सांचू बीएसएफ सीमा चौकी का दौरा किया — यह चौकी अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 5 किलोमीटर दूर है और 1965 व 1971 के युद्धों में ऐतिहासिक भूमिका निभा चुकी है।
दोपहर 2 बजे बीकानेर में 5 सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने नल एयरफोर्स स्टेशन पर गृह मंत्री का स्वागत किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27 मई 2025 को बीकानेर के निकट भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र से 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2' का शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के 4 सीमावर्ती जिलोंबीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्री गंगानगर — के 184 गांवों को सड़क संपर्क, 4G मोबाइल नेटवर्क, बिजली और टेलीविजन कनेक्टिविटी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की केंद्र सरकार की व्यापक नीति का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

गृह मंत्री अमित शाह सोमवार देर रात करीब रात 10:30 बजे एक विशेष विमान से नल एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। उनके स्वागत के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल मौजूद थे। आगमन के तुरंत बाद शाह सीधे बीएसएफ कैंप रवाना हो गए जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया।

अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे में वीवीआईपी काफिला अपेक्षाकृत सीमित रखा गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूनतम प्रोटोकॉल के निर्देश के अनुरूप बताया जा रहा है।

सांचू सीमा चौकी का दौरा

कार्यक्रम के बाद गृह मंत्री ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सांचू बीएसएफ सीमा चौकी का दौरा किया, जो अंतर्राष्ट्रीय सीमा से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां उन्होंने बीएसएफ जवानों से सीधे संवाद किया, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और एक वॉचटावर से भारत-पाकिस्तान सीमा का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा बलों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन भी किया।

गौरतलब है कि सांचू चौकी का ऐतिहासिक महत्व है — 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में इस स्थल ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। 1965 के संघर्ष में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी कब्जे से इस चौकी को पुनः अपने नियंत्रण में लिया था। यहां स्थित एक संग्रहालय में सेना की वीरता और सीमा रक्षा अभियानों का इतिहास संरक्षित है।

उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक

दोपहर 2 बजे शाह ने बीकानेर में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में गृह मंत्रालय, राजस्थान सरकार और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पांच सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।

स्वागत समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, संभागीय आयुक्त और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

आम जनता पर असर

इस योजना से सबसे अधिक लाभ उन परिवारों को मिलेगा जो दशकों से सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं से वंचित रहे हैं। 4G नेटवर्क की उपलब्धता से डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन और सरकारी योजनाओं तक पहुंच सुगम होगी। सड़क संपर्क बेहतर होने से सीमावर्ती गांवों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होने की उम्मीद है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव की पृष्ठभूमि में सरकार सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दे रही है। वाइब्रेंट विलेजेस कार्यक्रम का पहला चरण मुख्यतः उत्तरी सीमाओं पर केंद्रित था; दूसरे चरण में पश्चिमी सीमा को प्राथमिकता दी गई है।

क्या होगा आगे

गृह मंत्री की यह दो दिवसीय यात्रा सीमा सुरक्षा और ग्रामीण विकास दोनों मोर्चों पर केंद्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। 184 चयनित गांवों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और धनराशि का विस्तृत विवरण संबंधित मंत्रालय द्वारा शीघ्र जारी किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — पहले चरण में भी कनेक्टिविटी लक्ष्य कई क्षेत्रों में समय पर पूरे नहीं हो सके थे। 184 गांवों की सूची और बजट आवंटन का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, जो जवाबदेही की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कमी है। भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि में यह यात्रा राजनीतिक संदेश भी देती है, परंतु दूरदराज के सीमावर्ती गांवों में डिजिटल और भौतिक बुनियादी ढांचे की दीर्घकालिक जरूरत निर्विवाद है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम-2' क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे राजस्थान के 184 गांवों में सड़क, 4G मोबाइल नेटवर्क, बिजली और टेलीविजन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इसे गृह मंत्री अमित शाह ने 27 मई 2025 को बीकानेर के निकट सीमा क्षेत्र से लॉन्च किया।
इस योजना में राजस्थान के कौन-से जिले शामिल हैं?
योजना में बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्री गंगानगर — ये चार सीमावर्ती जिले शामिल हैं। इन जिलों के कुल 184 गांवों को प्राथमिकता के आधार पर विकास सुविधाएं दी जाएंगी।
सांचू सीमा चौकी का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
सांचू बीएसएफ सीमा चौकी अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में इस चौकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी — 1965 में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी कब्जे से इसे वापस लिया था। यहां एक संग्रहालय में सेना की वीरता का इतिहास संरक्षित है।
बीकानेर की सुरक्षा समीक्षा बैठक में कौन शामिल हुए?
दोपहर 2 बजे आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में गृह मंत्रालय, राजस्थान सरकार और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, तथा पांच सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
इस योजना से सीमावर्ती गांवों को क्या फायदा होगा?
4G नेटवर्क से डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन और सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। सड़क कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और बिजली-टेलीविजन सुविधा से दशकों से वंचित परिवारों को राहत मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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