9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चुनाव आयोग विवाद: आनंद दुबे का CJP पर तंज — 'मक्खी-मच्छर भी आंदोलन कर सकते हैं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चुनाव आयोग विवाद: आनंद दुबे का CJP पर तंज — 'मक्खी-मच्छर भी आंदोलन कर सकते हैं'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन को 'मक्खी-मच्छर-तिलचट्टा' वाली तुलना से नवाज़ा — लेकिन साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार से माँग भी की कि राहुल गांधी को 5 मिनट का समय दें और संवाद से रास्ता निकालें।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।
CJP का विरोध प्रदर्शन 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रस्तावित था।
दुबे ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को आंदोलन का अधिकार है, लेकिन चुनाव आयोग को विपक्ष की मूल माँग पर ध्यान देना चाहिए।
राहुल गांधी और CEC ज्ञानेश कुमार के बीच मुलाकात न होने पर दुबे ने नाराज़गी जताई और 5 मिनट के संवाद की अपील की।
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मिलने का समय भी माँगा है।

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि इस देश में रहने वाली हर प्रजाति — मक्खी से लेकर मच्छर और तिलचट्टा तक — आंदोलन करने की हकदार है। दुबे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच तनातनी चरम पर है।

मुख्य बयान और संदर्भ

दुबे ने कहा कि लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष को आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, संसद से लेकर सड़क तक अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा विपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ खड़ा है और यह लड़ाई चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों की है।

CJP के प्रदर्शन पर दुबे का रुख

कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दुबे ने कहा, 'कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश रहे हैं — जैसे कि कॉकरोच टाइप पार्टियाँ, जिन्हें हम तिलचट्टा कहते हैं, वो भी इसमें घुस रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव आयोग को इसीलिए विपक्ष की मूल माँग को गंभीरता से सुनना चाहिए, ताकि असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रहे।

राहुल गांधी और ज्ञानेश कुमार विवाद

दुबे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को राहुल गांधी को समय देकर मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया, 'इतना अहंकार किस बात का है — 5 मिनट ही समय दीजिए, चाय पीते हुए मामले को सुलझा लेना चाहिए।' उन्होंने यह भी बताया कि विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मिलने का समय भी माँगा है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल

दुबे के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) पहले दिन से यह कहती रही है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल जायज हैं और इन पर खुली चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि ज्ञानेश कुमार स्पष्ट करें कि चुनाव आयोग में क्या गड़बड़ियाँ हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) या केंद्र सरकार का सीधा हस्तक्षेप नहीं है।

आगे का रास्ता

शिवसेना (यूबीटी) के पार्टी-स्तर के आधिकारिक रुख की घोषणा अभी बाकी है, हालाँकि दुबे ने संकेत दिया कि पार्टी विपक्षी एकजुटता की लाइन पर चलेगी। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में अगले चुनावी चक्र की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और चुनाव आयोग की भूमिका केंद्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर CEC ज्ञानेश कुमार से संवाद की गुहार लगाते हैं। यह विरोधाभास बताता है कि मुख्यधारा विपक्ष खुद चाहता है कि मुद्दे की गंभीरता बनी रहे, लेकिन फ्रिंज दलों की सहभागिता से उसकी साख कमज़ोर न हो। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग की संस्थागत स्वायत्तता को लेकर जो बहस उठी है, उसे व्यक्तिगत मुलाकात के फ्रेम में सीमित करना उचित है या नहीं।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आनंद दुबे ने CJP के प्रदर्शन पर क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने कहा कि इस देश में मक्खी, मच्छर और तिलचट्टा — सभी आंदोलन कर सकते हैं, यह लोकतंत्र का अधिकार है। उन्होंने CJP को 'आपदा में अवसर तलाशने वाली' पार्टी करार दिया।
CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन किस माँग को लेकर था?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित किया था।
राहुल गांधी और CEC ज्ञानेश कुमार विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। दुबे के अनुसार राहुल गांधी ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं, लेकिन CEC की ओर से समय नहीं मिला।
शिवसेना (यूबीटी) का इस मुद्दे पर क्या रुख है?
आनंद दुबे के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) पहले दिन से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवालों को जायज मानती है और विपक्षी एकजुटता के साथ खड़ी है। पार्टी का औपचारिक रुख जल्द ही घोषित किया जाएगा।
विपक्ष ने राष्ट्रपति से मिलने का समय क्यों माँगा?
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय माँगा है ताकि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंताएँ और CEC के इस्तीफे की माँग सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचाई जा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले