23 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: निशिकांत दुबे बोले — 'जंतर-मंतर नहीं, पढ़ाई पर दें ध्यान'; BJP ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया स्वागत

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नीट पेपर लीक: निशिकांत दुबे बोले — 'जंतर-मंतर नहीं, पढ़ाई पर दें ध्यान'; BJP ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया स्वागत

सारांश

नीट पेपर लीक पर जंतर-मंतर में छात्र सड़क पर हैं, लेकिन BJP सांसद निशिकांत दुबे ने उन्हें सीधे कहा — 'पढ़ाई छोड़ी तो 1975 जैसा हाल होगा।' PM मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान को BJP ने सराहा, जबकि दुबे ने आंदोलन में विदेशी हस्तक्षेप के गंभीर आरोप भी लगाए।

मुख्य बातें

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने 23 जुलाई को कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आंदोलन छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।
दुबे ने 1975 के छात्र आंदोलन का उदाहरण दिया, जिसमें कई छात्र दो साल तक डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन पाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक और एक्स पर पेपर लीक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराया।
दुबे ने गुरपतवंत सिंह पन्नू के कथित ₹10,000 करोड़ वाले बयान का हवाला देते हुए विदेशी ताकतों की संलिप्तता का आरोप लगाया।
BJP सांसद अशोक चव्हाण ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का स्वागत किया; सीबीआई की जाँच जारी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने 23 जुलाई को नई दिल्ली में नीट पेपर लीक विवाद के बीच जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों को प्रदर्शन के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा सरकार की गंभीरता का प्रमाण है और पेपर लीक में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

निशिकांत दुबे का छात्रों को सीधा संदेश

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, 'जंतर-मंतर आपके लिए सही जगह नहीं है। अगर आप मेडिकल कॉलेज या इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं, आईएएस या आईपीएस अधिकारी बनना चाहते हैं, तो आपको पढ़ाई का रास्ता चुनना होगा।' उन्होंने 1975 के छात्र आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में आंदोलन में शामिल कई छात्र दो साल तक डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन पाए — कुछ नेता या मुख्यमंत्री ज़रूर बने, लेकिन उनके माता-पिता का सपना अधूरा रह गया।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और PM मोदी की घोषणा

दुबे ने बताया कि एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया था कि पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों को देश के बड़े वकीलों के सामने मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी ने इसके बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी यही बात दोहराई। दुबे के अनुसार, सरकार चाहती है कि दोषियों को ऐसी सज़ा मिले जो भविष्य के लिए नज़ीर बने।

विदेशी ताकतों पर गंभीर आरोप

दुबे ने आंदोलन के संदर्भ में एक विवादास्पद दावा करते हुए कहा कि गुरपतवंत सिंह पन्नू का यह कथित बयान कि वे विरोध प्रदर्शन के लिए ₹10,000 करोड़ देंगे, बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि खालिस्तानी समूह, बांग्लादेश की इस्लामिक पार्टी से जुड़ी ताकतें, पाकिस्तान स्थित तत्व और सोरोस फाउंडेशन से संबद्ध समूह पहले से ही देश में सक्रिय हैं और इस मुद्दे को हवा देने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि ये आरोप दुबे के अपने बयान हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

BJP सांसद अशोक चव्हाण की प्रतिक्रिया

BJP सांसद अशोक चव्हाण ने भी फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'जब देश का सबसे बड़ा अधिकारी कोई बयान देता है या पोस्ट करता है, तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।' चव्हाण ने यह भी कहा कि सीबीआई इस मामले में कार्रवाई कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

आगे क्या होगा

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की जाँच जारी है और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के छात्र परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सड़कों पर हैं। सरकार की अगली कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया की गति पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस मूल प्रश्न को टालता है जो छात्र पूछ रहे हैं — परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही कब और कैसे तय होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान सकारात्मक कदम है, परंतु इसकी समयसीमा और स्वतंत्रता अभी स्पष्ट नहीं है। आंदोलन को विदेशी साज़िश से जोड़ना एक पुरानी रणनीति है जो असली मुद्दे — यानी परीक्षा सुरक्षा तंत्र की विफलता — से ध्यान हटाती है। जब तक नीट जैसी परीक्षाओं की संरचनात्मक खामियाँ नहीं सुधरतीं, तब तक छात्रों का आक्रोश किसी भी बयान से शांत नहीं होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निशिकांत दुबे ने जंतर-मंतर आंदोलन पर क्या कहा?
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि जंतर-मंतर छात्रों के लिए सही जगह नहीं है और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने 1975 के छात्र आंदोलन का उदाहरण दिया जिसमें कई छात्र दो साल तक अपने करियर लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए।
नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य दोषियों को शीघ्र और कठोर सज़ा दिलाना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।
नीट पेपर लीक मामले में CBI क्या कर रही है?
सीबीआई नीट पेपर लीक मामले की जाँच कर रही है और इस सिलसिले में कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। BJP सांसद अशोक चव्हाण के अनुसार, सीबीआई आगे भी कार्रवाई जारी रखेगी।
दुबे ने गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम क्यों लिया?
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि पन्नू ने कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन के लिए ₹10,000 करोड़ देने का बयान दिया है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें इस आंदोलन को हवा देने की कोशिश कर रही हैं, हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने देशभर में छात्रों में भारी आक्रोश पैदा किया है। छात्र परीक्षा की पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग को लेकर जंतर-मंतर सहित कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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