11 अगस्त 2026
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रांची छात्र प्रदर्शन पर आनंद दुबे का निशाना: 'देश को तिलचट्टे नहीं, तितलियाँ चाहिए'

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रांची छात्र प्रदर्शन पर आनंद दुबे का निशाना: 'देश को तिलचट्टे नहीं, तितलियाँ चाहिए'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने रांची के शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन की सराहना करते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके पर तीखा प्रहार किया — 'देश को तिलचट्टे नहीं, तितलियाँ चाहिए।' साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और राहुल गांधी से संसद सत्र सुचारु चलाने की अपील की।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने 11 अगस्त को मुंबई में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में रांची के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना की।
दुबे ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को 'तिलचट्टा' की संज्ञा देते हुए जंतर-मंतर पर हुई हिंसा का हवाला दिया।
'वंदे मातरम' से जुड़ा विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और नया कानून लागू हो गया है।
दुबे ने गृह मंत्री अमित शाह और राहुल गांधी से अपील की कि मानसून सत्र के बचे दिनों में सदन की कार्यवाही बाधित न हो।
मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और केवल दो-तीन दिन शेष हैं।

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने 11 अगस्त को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में झारखंड के रांची में पेपर लीक के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की सराहना की। साथ ही उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि देश को 'तिलचट्टे नहीं, तितलियाँ चाहिए।'

रांची प्रदर्शन की सराहना

दुबे ने कहा कि रांची में छात्रों का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा — न किसी मीडियाकर्मी पर हमला हुआ, न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और न ही किसी प्रकार की हिंसा हुई। उन्होंने कहा, 'चाहे रांची में विरोध प्रदर्शन हो या जंतर-मंतर पर, छात्रों की ओर से जो मुद्दे उठाए जा रहे हैं, वे जायज हैं। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए।'

सीजेपी और अभिजीत दिपके पर निशाना

दुबे ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आड़ में पुलिस और मीडियाकर्मियों पर हुए हमले देश नहीं भूला है। उन्होंने कहा, 'मैं समझता हूँ कि तिलचट्टे और तितली में अंतर होता है — देश को तिलचट्टे नहीं, तितली चाहिए।' दुबे ने यह भी कहा कि दिपके एक आम कार्यकर्ता हैं और उनके समर्थन या विरोध से किसी काम के होने या न होने का फैसला नहीं होता।

'वंदे मातरम' और नए कानून पर बयान

'वंदे मातरम' के मुद्दे पर दुबे ने कहा कि इससे संबंधित विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और अब एक नया कानून अस्तित्व में आ गया है, जिसके तहत बिना किसी रोक-टोक के 'वंदे मातरम' गाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री की अगुवाई में 'वंदे मातरम' गाया जाएगा, तो यह गर्व और खुशी की बात होगी।

संसद सत्र पर अपील

मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए दुबे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेता विपक्ष राहुल गांधी दोनों से अपील की कि वे सत्र के बचे हुए दिनों में सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाएँ। उन्होंने बताया कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और अब केवल दो-तीन दिन शेष हैं। बार-बार कार्यवाही बाधित होने से कई पहली बार निर्वाचित सांसद — चाहे वे राज्यसभा में हों या लोकसभा में — अपने क्षेत्र के मुद्दे नहीं उठा सके। दुबे ने कहा कि बचे हुए दिनों में सदन चलाने से करोड़ों लोगों को फायदा होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई में यह विपक्षी खेमे के भीतर छात्र आंदोलनों को 'वैध' और 'अवैध' में बाँटने की कोशिश है — जो खुद एक राजनीतिक चाल है। रांची के प्रदर्शन की तारीफ और जंतर-मंतर की आलोचना एक साथ करना यह दर्शाता है कि शिवसेना (यूबीटी) झारखंड में अपनी प्रासंगिकता बनाने की कोशिश कर रही है। पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय बयानबाजी 'तिलचट्टे बनाम तितली' तक सिमट जाना, इस बात का संकेत है कि असली जवाबदेही की माँग राजनीतिक शोर में दब रही है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आनंद दुबे ने 'तिलचट्टे और तितली' वाला बयान किस संदर्भ में दिया?
शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने यह बयान रांची के शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन की तुलना जंतर-मंतर पर हुई कथित हिंसा से करते हुए दिया। उन्होंने सीजेपी को 'तिलचट्टा' और रांची के छात्र आंदोलन को 'तितली' की संज्ञा दी।
रांची में छात्र किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं?
झारखंड के रांची में छात्र पेपर लीक के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं, जिनकी आनंद दुबे ने सराहना की।
अभिजीत दिपके कौन हैं और उन पर निशाना क्यों साधा गया?
अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक हैं। आनंद दुबे ने उन पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और मीडियाकर्मियों पर हुए कथित हमलों का हवाला देते हुए निशाना साधा।
'वंदे मातरम' से जुड़े नए कानून के बारे में दुबे ने क्या कहा?
दुबे ने बताया कि 'वंदे मातरम' से संबंधित विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और अब इसे बिना किसी रोक-टोक के गाया जा सकता है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री की अगुवाई में इसे गाए जाने की संभावना को गर्व की बात बताया।
दुबे ने संसद के मानसून सत्र को लेकर क्या अपील की?
दुबे ने गृह मंत्री अमित शाह और नेता विपक्ष राहुल गांधी दोनों से अपील की कि 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के बचे दो-तीन दिनों में सदन की कार्यवाही सुचारु चलाई जाए, ताकि पहली बार निर्वाचित सांसद और आम जनता के मुद्दे उठाए जा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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