महाराष्ट्र में किसान राहत सरकार की प्राथमिकता, उद्धव के 'अप्रैल में सरकार गिरेगी' दावे को आनंद दुबे ने बताया कल्पना
सारांश
मुख्य बातें
राजनीतिक विश्लेषक आनंद दुबे ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की दशहरा रैली का बचाव करते हुए उद्धव ठाकरे और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में सूखे जैसी परिस्थितियों के बीच किसानों की आर्थिक सहायता करना मौजूदा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे के इस दावे को 'महज कल्पना' करार दिया कि अप्रैल में सरकार गिर जाएगी।
दशहरा रैली और किसान राहत
दुबे ने बताया कि एकनाथ शिंदे ने अपनी दशहरा रैली में महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं को केंद्र में रखा। उनके अनुसार, विधायकों और मंत्रियों ने मंच पर राहत कोष के लिए चेक सौंपे, जिससे पीड़ित किसानों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुँचाई जा सके। दुबे ने इसे 'सकारात्मक राजनीति का उदाहरण' बताया और शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं के गाँव-गाँव जाकर किसानों की मदद करने का भी उल्लेख किया।
उद्धव के 'सरकार गिरेगी' दावे पर पलटवार
उद्धव ठाकरे के इस अनुमान पर कि अप्रैल में सरकार गिर जाएगी, दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि 'किसी जादू से सरकार गिर जाने जैसी बातें वास्तविकता से परे हैं।' उनके अनुसार, ऐसे बयान कुछ समय के लिए राजनीतिक खुशी दे सकते हैं, लेकिन इनसे परिस्थितियाँ नहीं बदलतीं। दुबे ने यह भी दावा किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 2029, 2034, 2039, 2044 और 2049 तक सत्ता में बनी रहेगी।
सत्ता परिवर्तन की राह चुनाव, सड़क नहीं
दुबे ने यह भी रेखांकित किया कि भारत में सरकार बदलने का एकमात्र रास्ता चुनाव है। उन्होंने दूसरे देशों में हुई राजनीतिक उथल-पुथल का संदर्भ देते हुए सवाल किया कि क्या विपक्ष भारत में भी इसी तरह की अस्थिरता चाहता है। उनके अनुसार, जनता अपने मताधिकार से तय करती है कि किसे सत्ता मिलनी चाहिए।
मोदी-शाह शासन का बचाव, UPA पर आरोप
उद्धव ठाकरे के इस सवाल पर कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने 14 वर्षों में देश के लिए क्या किया, दुबे ने केंद्र सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मज़बूत हुई है और देश के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंजीनियरिंग, कानून, चार्टर्ड अकाउंटेंसी तथा सिविल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप और कारोबार के क्षेत्र में भी भारत की प्रगति का उल्लेख किया और पिछली UPA सरकारों पर भ्रष्टाचार व घोटालों का आरोप लगाया।
उद्धव-कांग्रेस गठबंधन पर सवाल
उद्धव ठाकरे के कांग्रेस नेता राहुल गांधी और जेन-ज़ी के साथ खड़े होने के बयान पर दुबे ने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन उद्धव ठाकरे की राजनीतिक विरासत से मेल नहीं खाता और यदि उन्हें कांग्रेस के साथ ही जाना था, तो उन्हें अपनी दिशा पहले ही स्पष्ट कर देनी चाहिए थी। महाराष्ट्र की राजनीति में यह टकराव ऐसे समय में और तीखा हो गया है जब राज्य में आगामी चुनावी तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं।