चुनाव आयोग दे 'अग्निपरीक्षा': शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे की एसआईआर अनियमितताओं पर खुली बहस की मांग
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने 4 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक साथ कई मुद्दों पर केंद्र और महाराष्ट्र राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने महाराष्ट्र और कर्नाटक के भीषण सूखे को किसान आत्महत्याओं की बड़ी वजह बताते हुए प्रधानमंत्री से विशेष राहत पैकेज की माँग की, और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग से खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये जवाबदेही तय करने की अपील की।
सूखे और किसान संकट पर माँग
दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक की साझा सीमा पर समय पर वर्षा न होने और फसलें बर्बाद होने से दोनों राज्यों के किसान गहरे संकट में हैं। उनके अनुसार, इस भीषण सूखे के कारण कई किसान आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं, जो एक अत्यंत गंभीर मानवीय त्रासदी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के कारण 'डबल इंजन' समन्वय का अभाव है, जबकि जहाँ केंद्र और राज्य दोनों में एक ही दल की सरकार होती है, वहाँ राहत कार्यों में आसानी रहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विषय पर संज्ञान लेंगे और दोनों राज्यों के किसानों के लिए राहत पैकेज एवं पर्याप्त मुआवजे की घोषणा करेंगे।
चुनाव आयोग से 'अग्निपरीक्षा' की माँग
एसआईआर में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर दुबे ने तल्ख लहजे में कहा कि जनता इन खामियों से परेशान है और जगह-जगह विरोध आंदोलन हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त चोकलिंगम ने भी केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चिंताएँ जताई हैं।
दुबे ने माँग की कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी एक साथ खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और बताएँ कि चुनावी प्रक्रिया में क्या सही है और क्या गलत। उन्होंने तुलनात्मक रूप से कहा — 'अग्निपरीक्षा तो हमारे भगवान को भी देनी पड़ी थी, तो आप क्यों नहीं दे रहे हैं।'
महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता
दुबे ने मुंबई, ठाणे, नासिक, पुणे, नागपुर और बीड़ सहित पूरे महाराष्ट्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हत्याएँ, लूटपाट और भ्रष्टाचार खुलेआम हो रहे हैं और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।
उन्होंने प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि अभी तक पुलिस इसके पीछे की साजिश का पर्दाफाश नहीं कर पाई है। इससे पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या, सलमान खान के घर पर फायरिंग और गोविंद गोपालकर की हत्या जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने इन मामलों की एसआईटी, सीबीआई और सीआईडी जाँच की माँग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वे इन मामलों का संज्ञान लें और विपक्ष की बात सुनें, क्योंकि पीड़ित परिजनों का कानून-व्यवस्था पर से भरोसा उठ रहा है।
कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर गर्व
दुबे ने कहा कि यह भारत के लिए गौरव का विषय है कि जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने स्मित की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्होंने संकट के दौरान हनुमान जी का स्मरण किया था।
दुबे ने कहा कि हनुमान जी और राम जी का नाम ही सबसे बड़ी मुश्किल से बाहर निकलने के लिए काफी है और यह सनातन धर्म का भी सम्मान है। उन्होंने कामना की कि स्मित जल्द स्वस्थ हों और देश में उनका भव्य स्वागत हो।
आगे का रुख
दुबे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष सरकार से जवाबदेही माँगना अपना संवैधानिक अधिकार समझता है और सरकार को इसे सम्मान देते हुए गंभीरता से लेना चाहिए। सूखा राहत, चुनावी पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था — तीनों मुद्दों पर शिवसेना (UBT) का दबाव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं।