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आंध्र प्रदेश ₹60,285 करोड़ राजस्व घाटे के साथ देश में पहले स्थान पर, वाईएसआरसीपी ने नायडू सरकार को घेरा

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आंध्र प्रदेश ₹60,285 करोड़ राजस्व घाटे के साथ देश में पहले स्थान पर, वाईएसआरसीपी ने नायडू सरकार को घेरा

सारांश

CAG की ताज़ा रिपोर्ट ने आंध्र प्रदेश को वित्त वर्ष 2024-25 में ₹60,285 करोड़ के राजस्व घाटे के साथ देश का सबसे बड़ा घाटेदार राज्य घोषित किया है। वाईएसआरसीपी नेता बुग्गना राजेंद्रनाथ ने इसे नायडू सरकार के दो साल की विफलता का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

CAG रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश वित्त वर्ष 2024-25 में ₹60,285 करोड़ के राजस्व घाटे के साथ देश में पहले स्थान पर रहा।
कर राजस्व के मामले में आंध्र प्रदेश देशभर में 22वें स्थान पर है — त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, केरल और सिक्किम से भी पीछे।
राज्य के कर राजस्व में वृद्धि दर मात्र 1.97 प्रतिशत रही।
वाईएसआरसीपी नेता बुग्गना राजेंद्रनाथ ने चंद्रबाबू नायडू सरकार के दो साल के कार्यकाल को 'बेहद निराशाजनक' करार दिया।
नायडू सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है।

आंध्र प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के वरिष्ठ नेता बुग्गना राजेंद्रनाथ ने 18 जुलाई को अमरावती में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सरकार के दो साल के कार्यकाल पर कड़े सवाल उठाए। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में आंध्र प्रदेश ₹60,285 करोड़ के राजस्व घाटे के साथ देश का सर्वाधिक राजस्व घाटे वाला राज्य बन गया है।

मुख्य घटनाक्रम

बुग्गना राजेंद्रनाथ ने कहा कि वित्तीय मामलों पर चर्चा करते समय तथ्यों और आंकड़ों का सहारा लेना ज़रूरी है। उन्होंने CAG रिपोर्ट के आधार पर बताया कि ₹60,285 करोड़ का यह राजस्व घाटा नायडू सरकार की आर्थिक नीतियों और शासन-शैली पर सीधा सवाल खड़ा करता है। उनके अनुसार, यह आंकड़ा राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति को उजागर करता है।

कर राजस्व में भी पिछड़ा आंध्र प्रदेश

राजेंद्रनाथ ने कर संग्रह के मोर्चे पर भी राज्य की स्थिति को चिंताजनक बताया। आंकड़ों के अनुसार, कर राजस्व के मामले में आंध्र प्रदेश देशभर के राज्यों में 22वें स्थान पर है। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, केरल और सिक्किम जैसे अपेक्षाकृत छोटे राज्यों से भी पीछे है। इसके अलावा, राज्य के कर राजस्व में वृद्धि दर मात्र 1.97 प्रतिशत रही है, जिसे उन्होंने 'बेहद चिंताजनक' करार दिया।

सरकार के प्रदर्शन पर विपक्ष का कटाक्ष

चंद्रबाबू नायडू सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर पूछे गए सवाल के जवाब में राजेंद्रनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि जब पत्रकार सरकार के प्रदर्शन, चुनावी वादों या घोषणापत्र के क्रियान्वयन पर सवाल पूछते हैं, तो उनके चेहरे पर 'हल्की मुस्कान' आ जाती है। उनके अनुसार, यही मुस्कान सरकार के कामकाज की असली तस्वीर बयाँ करती है।

उन्होंने कहा, 'अगर आप राज्य के किसी भी बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, कस्बे या गाँव में जाकर आम लोगों से सरकार के दो साल के कामकाज के बारे में पूछेंगे तो आपको एक ही जवाब मिलेगा कि प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। मैं यही कह सकता हूँ कि सरकार का कामकाज बेहद निराशाजनक रहा है।'

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश विभाजन के बाद से ही राजस्व संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। राजस्व घाटे का सीधा असर राज्य की सामाजिक कल्याण योजनाओं, बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ता है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश पहले से ही विशेष राज्य दर्जे की माँग को लेकर केंद्र से संघर्षरत रहा है।

क्या होगा आगे

वाईएसआरसीपी के इस हमले के बाद नायडू सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। विपक्ष के इन आरोपों के मद्देनज़र राज्य सरकार पर वित्तीय पारदर्शिता और राजस्व सुधार के उपायों को सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

285 करोड़ का राजस्व घाटा महज़ एक आँकड़ा नहीं है — यह 2014 के राज्य विभाजन के बाद से आंध्र प्रदेश की संरचनात्मक वित्तीय कमज़ोरी की निरंतरता को दर्शाता है, जिसे किसी एक सरकार पर थोपना अतिसरलीकरण होगा। वाईएसआरसीपी का यह हमला तब आया है जब स्वयं उनकी पार्टी के शासनकाल में भी राज्य की वित्तीय स्थिति विवादास्पद रही थी। असली सवाल यह है कि नायडू सरकार ने दो साल में राजस्व बढ़ाने और व्यय अनुशासन के लिए कौन से ठोस कदम उठाए — और उनके परिणाम क्या रहे। केवल CAG के आँकड़ों से राजनीतिक पूंजी बनाना तब तक अधूरा है, जब तक विपक्ष वैकल्पिक नीतिगत रोडमैप न पेश करे।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश का राजस्व घाटा कितना है और यह कब का आंकड़ा है?
CAG की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में आंध्र प्रदेश का राजस्व घाटा ₹60,285 करोड़ रहा, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है। यह आंकड़ा चंद्रबाबू नायडू सरकार के दो साल के कार्यकाल के दौरान का है।
कर राजस्व के मामले में आंध्र प्रदेश किस स्थान पर है?
वाईएसआरसीपी नेता बुग्गना राजेंद्रनाथ के अनुसार कर राजस्व में आंध्र प्रदेश देशभर के राज्यों में 22वें स्थान पर है। राज्य त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, केरल और सिक्किम जैसे छोटे राज्यों से भी पीछे है और कर राजस्व वृद्धि दर मात्र 1.97 प्रतिशत रही है।
वाईएसआरसीपी ने नायडू सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता बुग्गना राजेंद्रनाथ ने आरोप लगाया है कि चंद्रबाबू नायडू सरकार का दो साल का कार्यकाल 'बेहद निराशाजनक' रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के आम नागरिक — बस स्टैंड से लेकर गाँव तक — सरकार के प्रदर्शन से असंतुष्ट हैं।
राजस्व घाटे का आम जनता पर क्या असर पड़ता है?
राजस्व घाटा बढ़ने से राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे पर खर्च करने की क्षमता सीमित हो जाती है। आंध्र प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ विभाजन के बाद से संसाधनों की कमी है, यह स्थिति और भी गंभीर मानी जाती है।
नायडू सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
अभी तक चंद्रबाबू नायडू सरकार की ओर से वाईएसआरसीपी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष के इस हमले के बाद सरकार से स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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