अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: झांसी किला मैदान में सीएम योगी आदित्यनाथ ने हजारों लोगों संग किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून 2026 को उत्तर प्रदेश में राज्यव्यापी योग कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी किला मैदान में राज्य स्तरीय समारोह का नेतृत्व करते हुए हजारों नागरिकों के साथ योगाभ्यास किया। राज्यपाल, दोनों उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति और समस्त मंत्रिमंडल ने अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर योग का अभ्यास कर जागरूकता का संदेश दिया।
झांसी में राज्य स्तरीय आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महारानी लक्ष्मीबाई किले के प्रांगण से प्रदेशवासियों, बुंदेलखंड वासियों और देशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की और झांसी की ऐतिहासिक धरती पर उपस्थित होने को अपना सौभाग्य बताया। यह आयोजन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता था।
इस वर्ष की थीम और योग का महत्व
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सदैव यह माना गया है कि स्वस्थ शरीर के माध्यम से ही जीवन के चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति संभव है। उनके अनुसार, स्वस्थ छात्र, शिक्षक, किसान, श्रमिक, वैज्ञानिक और नागरिक ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार बनते हैं।
PM मोदी की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर वर्ष विभिन्न राज्यों में जाकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं और 140 करोड़ भारतीयों को विकसित भारत के सपने को साकार करने का मार्ग दिखा रहे हैं।
प्रदेशव्यापी भागीदारी
लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में भी योग दिवस का आयोजन किया गया। प्रदेश के सभी जिलों, मंडलों, नगर निकायों और पंचायत स्तर तक योग कार्यक्रम आयोजित हुए। मुख्यमंत्री ने इसे भारत की गौरवशाली परंपरा के प्रति सम्मान और जागरूकता का प्रतीक बताया।
आम जनता से आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ नागरिक ही मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आने वाले वर्षों में इस परंपरा को और व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।