डॉ. सोनेलाल पटेल की पुण्यतिथि: CM योगी, दोनों डिप्टी CM समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और नेताओं ने 17 अक्टूबर 2026 को 'अपना दल' के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्षरत रहे डॉ. पटेल को विभिन्न नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर याद किया।
मुख्यमंत्री योगी की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों की भागीदारी के लिए संघर्षरत रहे अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। समाज के अंतिम पायदान तक अधिकार और अवसर की आवाज पहुंचाने का उनका संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा।' उनके इस संदेश में डॉ. पटेल की विरासत को समाज के सबसे कमज़ोर तबके की आवाज़ के रूप में रेखांकित किया गया।
उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने भी किया नमन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि डॉ. सोनेलाल पटेल ने जनसेवा और समाज के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। दूसरे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें 'सामाजिक न्याय और समरसता के प्रखर प्रणेता' बताते हुए किसानों, अति पिछड़ों, वंचितों और शोषितों के लिए उनके आजीवन संघर्ष को अपनी श्रद्धांजलि का केंद्र बनाया।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने लिखा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्ग के हितों के लिए जीवन-पर्यंत संघर्षरत रहे डॉ. पटेल का योगदान अतुलनीय है। औद्योगिक विकास एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने उन्हें 'राष्ट्रसेवा का अमर प्रेरणापुंज' निरूपित करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उत्तर प्रदेश BJP अध्यक्ष और बिहार के CM ने भी जताया शोक
उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी पोस्ट में डॉ. पटेल को 'सामाजिक न्याय और किसान हितों के लिए समर्पित' बताते हुए कहा कि वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष सदैव प्रेरणादायी रहेगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एक्स पर पोस्ट कर डॉ. पटेल को श्रद्धांजलि दी और समाज के शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए उनके योगदान को चिरस्मरणीय बताया।
डॉ. सोनेलाल पटेल की विरासत
गौरतलब है कि डॉ. सोनेलाल पटेल ने 'अपना दल' की स्थापना मुख्यतः उत्तर प्रदेश के कुर्मी-पटेल समुदाय और अन्य पिछड़े वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के उद्देश्य से की थी। उनकी राजनीति का केंद्र सामाजिक समरसता, ग्रामीण किसान और अति पिछड़े वर्गों के अधिकार रहे। उनके निधन के बाद पार्टी कई धड़ों में विभाजित हो गई, जिसमें 'अपना दल (सोनेलाल)' अब BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी पार्टी है। पुण्यतिथि पर इतने वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय सहभागिता इस गठबंधन के सामाजिक आधार को पुष्ट करने का संकेत भी मानी जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों की राजनीतिक गोलबंदी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। डॉ. पटेल की स्मृति को इस राजनीतिक परिदृश्य में सजीव बनाए रखना सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए सामाजिक समीकरणों की दृष्टि से भी प्रासंगिक है।