योगी आदित्यनाथ बोले — जिन्ना के प्रशंसक पटेल के अनुयायी नहीं, जातिवाद और जिन्नावाद से मिलकर लड़ें
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग मोहम्मद अली जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे कभी 'लौह पुरुष' सरदार पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटेल का वास्तविक अनुगामी वही है जो राष्ट्रवाद को हृदय में रखे और भारत की एकता, सुरक्षा एवं संप्रभुता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
समारोह का संदेश और शपथ
मुख्यमंत्री ने पटेल पार्क में सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2014 के बाद से पूरा देश 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मना रहा है। यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का माध्यम है।
रोज़गार क्षेत्रों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के हर जनपद में एक 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल ज़ोन' का गठन किया जा रहा है और इसका शुभारंभ 31 अक्टूबर को ही किया गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से प्रदेश का कोई भी युवा बेरोज़गार नहीं रहेगा और स्किलिंग व रोज़गार की व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित होगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में युवा रोज़गार एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।
पटेल की ऐतिहासिक भूमिका और 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी'
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि सरदार पटेल का जन्म गुजरात के करमसद, नडियाद के एक छोटे से गाँव में हुआ था। उन्होंने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य में विलीन कर देश को एकजुट किया था। आज गुजरात के केवड़िया में सरदार सरोवर के तट पर खड़ी दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' उनके इसी विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है।
मुख्यमंत्री ने जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरदार पटेल की दृढ़ चेतावनी के बाद जूनागढ़ का नवाब अपने परिवार को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया और हैदराबाद के निजाम को भी झुकना पड़ा।
कश्मीर और धारा 370 पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कश्मीर का मामला अपने पास रखा, जिसके फलस्वरूप पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है और वहाँ व्यापक कत्लेआम हुआ। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के कड़े विरोध के बावजूद नेहरू ने धारा 370 लागू की। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 को सदा के लिए समाप्त कर कश्मीर को भारत का पूर्ण अंग बना दिया।
एकता और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन करने वाले तत्व समाज की प्रतिरोधक क्षमता नष्ट कर देते हैं, ठीक वैसे ही जैसे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होने पर बीमारियाँ घेर लेती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और राष्ट्रीय एकता को चुनौती देने के प्रयासों का मिलकर मुकाबला करना ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में विधायक शशांक वर्मा ने प्रसिद्ध चित्रकार शैलेंद्र उत्तम द्वारा गेहूँ के दाने से निर्मित सरदार पटेल का एक अद्भुत चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अन्य अतिथियों के साथ 'पटेल स्मारिका 2026' का विमोचन भी किया। आने वाले समय में 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल ज़ोन' के क्रियान्वयन की स्थिति यह बताएगी कि क्या यह घोषणा प्रदेश के युवाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव ला पाती है।