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डॉ. सोनेलाल पटेल जयंती: अमित शाह और यूपी के नेताओं ने अपना दल संस्थापक को दी श्रद्धांजलि

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डॉ. सोनेलाल पटेल जयंती: अमित शाह और यूपी के नेताओं ने अपना दल संस्थापक को दी श्रद्धांजलि

सारांश

अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर गृह मंत्री अमित शाह सहित उत्तर प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। 2 जुलाई 1950 को कन्नौज में जन्मे पटेल ने जातिगत शोषण के विरुद्ध संघर्ष किया और 2009 में कानपुर में एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हुआ।

मुख्य बातें

सोनेलाल पटेल की जयंती 2 जुलाई को मनाई गई; उनका जन्म 1950 में कन्नौज, उत्तर प्रदेश में हुआ था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह , यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी , डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री नंद गोपाल नंदी ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
पटेल ने चौधरी चरण सिंह के साथ मिलकर राजनीतिक यात्रा शुरू की और पिछड़े व वंचित वर्गों के लिए 'अपना दल' की स्थापना की।
2009 में कानपुर में एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया था।
उनकी विरासत उत्तर प्रदेश की ओबीसी राजनीति में आज भी प्रासंगिक बनी हुई है।

अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती (2 जुलाई) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्य सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी समेत कई नेताओं ने उन्हें नमन किया। सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले पटेल की विरासत आज भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रासंगिक बनी हुई है।

नेताओं की श्रद्धांजलि

गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सामाजिक न्याय के अग्रदूत डॉ. सोनेलाल पटेल ने असमानता व अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, सामाजिक समरसता और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके विचार और वंचितों को न्याय और सम्मान दिलाने का उनका संकल्प सदैव प्रेरणा देता रहेगा।'

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'पिछड़ों, वंचितों और किसानों के अधिकारों व सम्मान के लिए आपका संघर्ष, समर्पण और सेवा भाव सदैव प्रेरणादायी एवं स्मरणीय रहेगा।' उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर लिखा कि 'सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उनका आजीवन संघर्ष सदैव प्रेरणादायी रहेगा।'

मंत्री नंद गोपाल नंदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए डॉ. पटेल को 'सामाजिक न्याय एवं समरसता के अग्रदूत' बताया और कहा कि वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

डॉ. सोनेलाल पटेल: जीवन और संघर्ष

डॉ. सोनेलाल पटेल का जन्म 2 जुलाई 1950 को कन्नौज जिले के बागुलहाई गाँव में एक कुर्मी हिंदू परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ मिलकर शुरू की और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में जातिगत शोषण और सामाजिक असमानता के विरुद्ध अनेक विरोध प्रदर्शनों और रैलियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

उन्होंने जातिवाद का कड़ा विरोध किया और पिछड़े व वंचित वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के उद्देश्य से राजनीतिक दल 'अपना दल' की स्थापना की। यह दल आज उत्तर प्रदेश की राजनीति में एनडीए गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

असामयिक निधन

2009 में कानपुर में एक सड़क दुर्घटना में डॉ. सोनेलाल पटेल का निधन हो गया। उनके जाने के बाद भी 'अपना दल' ने उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्गों की आवाज़ उठाना जारी रखा। उनकी पुण्यतिथि और जयंती पर हर वर्ष विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।

विरासत और प्रासंगिकता

डॉ. पटेल की विचारधारा आज भी उत्तर प्रदेश की ओबीसी और कुर्मी राजनीति को दिशा देती है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब राज्य में पिछड़े वर्गों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व एक केंद्रीय चुनावी मुद्दा बना हुआ है। गौरतलब है कि 'अपना दल' अब दो गुटों में विभाजित है — अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाला 'अपना दल (सोनेलाल)' एनडीए का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश में कुर्मी और ओबीसी मतदाताओं को साधने की राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा है। यह उल्लेखनीय है कि जिस 'अपना दल' को पटेल ने जातिवाद के विरोध में खड़ा किया, वह आज दो गुटों में बँटा है — और दोनों अपनी-अपनी विरासत का दावा करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज श्रद्धांजलि तक सीमित रहती है, लेकिन असली सवाल यह है कि पटेल के सामाजिक न्याय के एजेंडे को उनके उत्तराधिकारी कितना आगे बढ़ा पाए हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. सोनेलाल पटेल कौन थे?
डॉ. सोनेलाल पटेल राजनीतिक दल 'अपना दल' के संस्थापक और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय आंदोलन के प्रमुख नेता थे। उनका जन्म 2 जुलाई 1950 को कन्नौज जिले के बागुलहाई गाँव में हुआ था और उन्होंने जातिगत शोषण व सामाजिक असमानता के विरुद्ध जीवनभर संघर्ष किया।
डॉ. सोनेलाल पटेल का निधन कैसे हुआ?
2009 में कानपुर में एक सड़क दुर्घटना में डॉ. सोनेलाल पटेल का निधन हो गया था। उनके असामयिक निधन के बाद 'अपना दल' का नेतृत्व उनके परिवार के सदस्यों ने संभाला।
'अपना दल' की स्थापना क्यों की गई थी?
'अपना दल' की स्थापना डॉ. सोनेलाल पटेल ने उत्तर प्रदेश में पिछड़े, वंचित और किसान वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने जातिवाद का कड़ा विरोध किया और सामाजिक समरसता को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया।
2 जुलाई को डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
2 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्य सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने एक्स पर पोस्ट कर डॉ. पटेल को श्रद्धांजलि दी।
डॉ. सोनेलाल पटेल ने अपनी राजनीतिक यात्रा कैसे शुरू की?
डॉ. सोनेलाल पटेल ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ मिलकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। उन्होंने उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में सामाजिक असमानता और जातिगत शोषण के विरुद्ध विरोध प्रदर्शनों और रैलियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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