31 जुलाई 2026
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उधम सिंह के 87वें बलिदान दिवस पर अमित शाह और मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

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उधम सिंह के 87वें बलिदान दिवस पर अमित शाह और मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

31 जुलाई को शहीद सरदार उधम सिंह के 87वें बलिदान दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, नायब सैनी, भजनलाल शर्मा, मोहन यादव और पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि दी। जलियांवाला बाग के शहीदों का लंदन में प्रतिशोध लेने वाले उधम सिंह को राष्ट्र ने नमन किया।

मुख्य बातें

शहीद सरदार उधम सिंह के 87वें बलिदान दिवस पर 31 जुलाई 2026 को राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि दी गई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर उधम सिंह के साहस, गदर पार्टी की भूमिका और जलियांवाला बाग प्रतिशोध को याद किया।
योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, नायब सैनी, भजनलाल शर्मा, मोहन यादव और पुष्कर सिंह धामी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उधम सिंह ने 1940 में लंदन में माइकल ओ'डायर को गोली मारकर 1919 जलियांवाला बाग नरसंहार का प्रतिशोध लिया था।
उन्हें 31 जुलाई 1940 को पेंटनविल जेल में फांसी दी गई थी।

महान क्रांतिकारी शहीद सरदार उधम सिंह के 87वें बलिदान दिवस पर 31 जुलाई 2026 को पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस अवसर पर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शाह ने कहा कि स्वाधीनता के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले उधम सिंह का जीवन धैर्य, संकल्प और राष्ट्रभक्ति का अप्रतिम उदाहरण है।

अमित शाह की श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, 'अमर शहीद उधम सिंह के बलिदान दिवस पर उनके चरणों में नमन करता हूं। अद्वितीय साहस व पराक्रम के प्रतीक उधम सिंह जी ने जलियांवाला बाग नरसंहार में शहीद हुए देशवासियों का लंदन में प्रतिशोध लेकर अंग्रेजी हुकूमत को दहशत में लाने का काम किया।' शाह ने आगे कहा कि गदर पार्टी के माध्यम से उधम सिंह ने विदेशों में रह रहे भारतीयों के मन में आजादी की अलख जगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रियाएँ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले सरदार उधम सिंह का पराक्रम, शौर्य और वीरता सदियों तक अनुकरणीय रहेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जलियांवाला बाग नरसंहार का प्रतिशोध लेकर उन्होंने भारत के स्वाभिमान और न्याय के संकल्प को विश्व के सामने स्थापित किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि शहीद उधम सिंह का बलिदान भारतीय इतिहास का अमर अध्याय है और आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के पथ पर प्रेरित करता रहेगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जलियांवाला बाग के निर्दोष शहीदों को न्याय दिलाने का उनका संकल्प और मातृभूमि के प्रति समर्पण सदैव अमर रहेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उधम सिंह ने अदम्य साहस, धैर्य और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनका त्याग और अडिग संकल्प देशवासियों को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के पथ पर सदैव प्रेरित करता रहेगा।

उधम सिंह का ऐतिहासिक योगदान

सरदार उधम सिंह ने 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार के दो दशक बाद 1940 में लंदन में उस हत्याकांड के जिम्मेदार माइकल ओ'डायर को गोली मारकर उन हजारों निर्दोष भारतीयों का प्रतिशोध लिया जो ब्रिटिश गोलियों के शिकार हुए थे। गौरतलब है कि उन्हें 31 जुलाई 1940 को पेंटनविल जेल, लंदन में फांसी दी गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को लेकर राष्ट्रीय चर्चा एक बार फिर तेज हो रही है।

राष्ट्रीय स्मरण का संदेश

इस बलिदान दिवस पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में उधम सिंह के साहस और देशप्रेम को याद किया गया। नेताओं के संदेशों में एक साझा सूत्र था — कि उनका बलिदान न केवल एक व्यक्तिगत प्रतिशोध था, बल्कि उस पूरी पीढ़ी की आवाज थी जिसने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया। आने वाली पीढ़ियों को उनकी विरासत से प्रेरणा लेते रहने का आह्वान किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इन स्मरणों के साथ उनकी विरासत को पाठ्यक्रम, संग्रहालयों और सार्वजनिक विमर्श में वह स्थान मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं। उधम सिंह केवल प्रतिशोध के प्रतीक नहीं थे — वे औपनिवेशिक अन्याय के विरुद्ध संगठित वैश्विक प्रतिरोध के प्रतिनिधि थे। सोशल मीडिया पोस्ट से परे, उनकी स्मृति को संस्थागत रूप देने की ज़िम्मेदारी उन्हीं नेताओं की है जो आज श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहीद उधम सिंह का बलिदान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
शहीद उधम सिंह को 31 जुलाई 1940 को लंदन की पेंटनविल जेल में फांसी दी गई थी, इसलिए यह दिन उनके बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार के जिम्मेदार माइकल ओ'डायर को 1940 में लंदन में गोली मारकर उन हजारों निर्दोष भारतीयों का प्रतिशोध लिया था।
अमित शाह ने उधम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि उधम सिंह ने जलियांवाला बाग नरसंहार में शहीद हुए देशवासियों का लंदन में प्रतिशोध लेकर अंग्रेजी हुकूमत को दहशत में लाया। उन्होंने यह भी कहा कि गदर पार्टी के माध्यम से उधम सिंह ने विदेशों में रह रहे भारतीयों में आजादी की अलख जगाई।
उधम सिंह का जलियांवाला बाग नरसंहार से क्या संबंध था?
1919 में जलियांवाला बाग नरसंहार के समय उधम सिंह वहाँ मौजूद थे और उन्होंने उस भीषण हत्याकांड को अपनी आँखों से देखा था। उस घटना ने उनके मन में प्रतिशोध की भावना जगाई और दो दशक बाद 1940 में उन्होंने लंदन में उस नरसंहार के जिम्मेदार माइकल ओ'डायर को गोली मारी।
87वें बलिदान दिवस पर किन-किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
31 जुलाई 2026 को 87वें बलिदान दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
गदर पार्टी में उधम सिंह की क्या भूमिका थी?
गदर पार्टी एक प्रवासी भारतीय क्रांतिकारी संगठन था जो विदेशों में रह रहे भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित करता था। उधम सिंह ने इस पार्टी के माध्यम से विदेशों में बसे भारतीयों के मन में आजादी की चेतना जगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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