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क्या अरब सागर में डिप्रेशन सक्रिय हुआ है और बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बना है?

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क्या अरब सागर में डिप्रेशन सक्रिय हुआ है और बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बना है?

सारांश

अरब सागर में डिप्रेशन और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र के सक्रिय होने से तटीय क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जानिए इन मौसम प्रणालियों का प्रभाव और आगे का पूर्वानुमान।

मुख्य बातें

अरब सागर में सक्रिय डिप्रेशन से बारिश और तेज हवाएं संभव हैं।
मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र भी सक्रिय है।
मौसम विभाग की सलाहों का पालन करना जरूरी है।
तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को जारी अपने नवीनतम बुलेटिन में जानकारी दी है कि देश के समुद्री क्षेत्रों, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, में दो नई मौसम प्रणालियां सक्रिय हो चुकी हैं। इनमें से एक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में उत्पन्न डिप्रेशन है, जबकि दूसरी तमिलनाडु तट के समीप दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में मौजूद है।

मौसम विभाग की सूचना के अनुसार, दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना यह निम्न दबाव क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। यह प्रणाली बुधवार सुबह उसी क्षेत्र में केंद्रित थी।

यह डिप्रेशन अमिनीदीवी (लक्षद्वीप) से लगभग 630 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण और पंजिम (गोवा) से करीब 1,020 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।

आईएमडी के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने वाली है।

अरब सागर में बने इस डिप्रेशन के कारण आने वाले दिनों में लक्षद्वीप, केरल और तटीय कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। समुद्र में ऊंची लहरें

वहीं, बंगाल की खाड़ी में भी मौसम प्रणाली सक्रिय हो चुकी है। आईएमडी के अनुसार, उत्तर श्रीलंका के तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अब तमिलनाडु तट के पास पहुंच चुका है। यह प्रणाली आज सुबह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु तट से सटे समुद्री क्षेत्र में केंद्रित थी।

विभाग ने बताया कि यह प्रणाली अगले 12 घंटों में और मजबूत होकर डिप्रेशन में परिवर्तित हो सकती है जब यह दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर, उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास पहुंचेगी। उसके बाद, अगले 12 घंटों में इसके उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मौसम विभाग की सलाहों का पालन करना आवश्यक है। यह स्थिति न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान देने योग्य है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरब सागर में डिप्रेशन का क्या प्रभाव होगा?
यह डिप्रेशन लक्षद्वीप, केरल और तटीय कर्नाटक में बारिश और तेज हवाओं का कारण बनेगा।
क्या मछुआरों को समुद्र में जाने से रोकना उचित है?
हां, मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र का क्या असर होगा?
यह निम्न दबाव क्षेत्र तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में बारिश की संभावना बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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