26 सितंबर 2026
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सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने श्रीनगर में राष्ट्रीय राइफल्स मुख्यालय का दौरा किया, आतंकवाद-रोधी तैयारियों की समीक्षा

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सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने श्रीनगर में राष्ट्रीय राइफल्स मुख्यालय का दौरा किया, आतंकवाद-रोधी तैयारियों की समीक्षा

सारांश

थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने श्रीनगर में राष्ट्रीय राइफल्स के सेक्टर मुख्यालय का दौरा कर आतंकवाद-रोधी ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। जवानों को सीओएएस प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया और खुफिया-आधारित अभियानों को और तेज़ करने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने 26 सितंबर 2026 को श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय राइफल्स के सेक्टर मुख्यालय का दौरा किया।
दौरे में आतंकवाद विरोधी अभियानों की ऑपरेशनल तैयारियों, खतरे की पहचान और प्रतिक्रिया रणनीति की समीक्षा की गई।
राष्ट्रीय राइफल्स कश्मीर घाटी में चिनार कॉर्प्स (15 कॉर्प्स) के अधीन काम करने वाला विशेष आतंकवाद-रोधी बल है।
वीरता और अनुकरणीय सेवा के लिए योग्य जवानों को सीओएएस प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
सेनाध्यक्ष ने खुफिया-आधारित अभियानों को तेज़ करने और सभी हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया।

थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने 26 सितंबर 2026 को श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स (15 कॉर्प्स) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राइफल्स के सेक्टर मुख्यालय का दौरा कर आतंकवाद विरोधी अभियानों की ऑपरेशनल तैयारियों का जायज़ा लिया। इस दौरे में उन्हें कश्मीर घाटी की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और खतरों से निपटने के लिए अपनाई गई रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

दौरे का उद्देश्य और ब्रीफिंग

सेना के एडीजी पीआई (अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सेनाध्यक्ष को आतंकी खतरों का पता लगाने, उन्हें रोकने और निर्णायक जवाब देने के लिए उठाए गए ठोस कदमों से अवगत कराया गया। यह ब्रीफिंग ऑपरेशनल तैयारी और खुफिया तंत्र की गहन समीक्षा के रूप में थी।

राष्ट्रीय राइफल्स की भूमिका

राष्ट्रीय राइफल्स जम्मू-कश्मीर में तैनात एक विशेष आतंकवाद-रोधी बल है, जो कश्मीर घाटी में चिनार कॉर्प्स के ऑपरेशनल नियंत्रण में काम करती है। यह बल घाटी की सुरक्षा ग्रिड को संभालने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में है जब घाटी में सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद-रोधी अभियानों को लगातार तेज़ किया जा रहा है।

जवानों को संबोधन और सम्मान

जनरल सेठ ने सभी रैंकों के जवानों के व्यावसायिकता, समर्पण और ऑपरेशनल तैयारी के उच्च मानकों की सराहना की। उन्होंने जवानों से लगातार सतर्क रहने, खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उभरते खतरों पर तेज़ और सटीक प्रतिक्रिया देने की क्षमता बनाए रखने का आह्वान किया।

दौरे के दौरान सेनाध्यक्ष ने वीरता और अनुकरणीय सेवा के लिए चुनिंदा जवानों को सीओएएस प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए। यह सम्मान आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके साहस और उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए दिया गया।

समन्वय और रणनीतिक दिशा

जनरल सेठ ने स्थितिजन्य जागरूकता बढ़ाने और समग्र आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया को मज़बूत करने के लिए सभी हितधारकों के साथ समन्वय के महत्व पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने खतरे से हमेशा एक कदम आगे रहने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए संतुलित प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

भारतीय सेना ने कहा कि 'जय से विजय' की भावना के अनुरूप, वह आतंकवाद का मुकाबला करने, तालमेल मज़बूत करने, नागरिकों की रक्षा करने और कश्मीर घाटी में सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरे से यह स्पष्ट होता है कि सेना नेतृत्व ज़मीनी स्तर की तैयारियों पर व्यक्तिगत ध्यान दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'जय से विजय' जैसे आधिकारिक वक्तव्य प्रेरणादायक होते हैं, लेकिन जब तक ऑपरेशनल सफलताओं के ठोस और सत्यापन-योग्य आँकड़े सार्वजनिक नहीं होते, तब तक यह आकलन करना कठिन है कि रणनीति ज़मीन पर कितनी प्रभावी है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्रीय राइफल्स मुख्यालय का दौरा क्यों किया?
जनरल धीरज सेठ ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों की ऑपरेशनल तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने के लिए 26 सितंबर 2026 को यह दौरा किया। इसमें सुरक्षा खतरों का पता लगाने, उन्हें रोकने और निर्णायक जवाब देने की क्षमता का जायज़ा लिया गया।
राष्ट्रीय राइफल्स क्या है और यह कहाँ तैनात है?
राष्ट्रीय राइफल्स जम्मू-कश्मीर में तैनात एक विशेष आतंकवाद-रोधी सैन्य बल है। यह कश्मीर घाटी में चिनार कॉर्प्स (15 कॉर्प्स) के ऑपरेशनल नियंत्रण में काम करती है और घाटी की समग्र सुरक्षा ग्रिड का प्रबंधन करती है।
सीओएएस प्रशस्ति पत्र किसे और क्यों दिया गया?
दौरे के दौरान जनरल सेठ ने उन जवानों को सीओएएस (COAS) प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में वीरता और अनुकरणीय सेवा का प्रदर्शन किया। यह सम्मान उनके साहस और योगदान को मान्यता देने के लिए दिया गया।
सेनाध्यक्ष ने जवानों को क्या निर्देश दिए?
जनरल सेठ ने जवानों को लगातार सतर्क रहने, खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों को और प्रभावी बनाने तथा उभरते खतरों पर तेज़ व सटीक प्रतिक्रिया देने की क्षमता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने सभी हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी विशेष ज़ोर दिया।
चिनार कॉर्प्स और राष्ट्रीय राइफल्स के बीच क्या संबंध है?
चिनार कॉर्प्स (15 कॉर्प्स) भारतीय सेना की वह कमान है जो कश्मीर घाटी की सुरक्षा की देखरेख करती है। राष्ट्रीय राइफल्स की कश्मीर घाटी में स्थित यूनिट्स और सेक्टर मुख्यालय इसी कॉर्प्स के ऑपरेशनल नियंत्रण में काम करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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