25 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन पर सेना के जवानों का हमला, 17 RR के CO समेत 30-40 जवानों पर FIR दर्ज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन पर सेना के जवानों का हमला, 17 RR के CO समेत 30-40 जवानों पर FIR दर्ज

सारांश

किश्तवाड़ में एक वाहन जब्ती विवाद उस समय गंभीर रूप ले गया जब 17 RR के 30-40 जवानों ने कथित तौर पर पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया। CO एन. अरुण गांधी समेत कई जवानों पर FIR दर्ज, पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल — सेना ने संस्थागत जांच का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

किश्तवाड़ के एथोली पुलिस स्टेशन में 17 RR के CO एन.
अरुण गांधी समेत 30-40 सेना जवानों के खिलाफ FIR दर्ज।
आरोप: पुलिस स्टेशन की दीवारें फांदकर घुसे, लाठी और लोहे की रॉड से पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
इंस्पेक्टर अमृत कोटाच (SHO), एसडीपीओ विजय कुमार भगत और SPO सुरेश कुमार सहित कई पुलिसकर्मी घायल।
मेजर विकाश शर्मा पर SHO को पीटने और वर्दी फाड़ने का आरोप।
घटना की शुरुआत सेना अधिकारी के निजी वाहन को यातायात उल्लंघन पर जब्त करने से हुई।
सेना ने कहा — मामले की जांच संस्थागत प्रक्रिया के तहत जारी है।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पुलिस ने 17 राष्ट्रीय राइफल्स (17 RR) के कमांडिंग ऑफिसर एन. अरुण गांधी सहित 30 से 40 सेना जवानों के खिलाफ एथोली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन जवानों ने बुधवार को पुलिस स्टेशन पर धावा बोला, पुलिसकर्मियों पर लाठी और लोहे की रॉड से हमला किया तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। सेना ने कहा है कि मामले की जांच संस्थागत प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

घटना का पूरा घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब पुलिस ने एक सेना अधिकारी के निजी वाहन को यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप में रोककर जब्त कर लिया। इसके बाद कथित तौर पर 17 RR कैंप किजाये से 30 से 40 जवान पुलिस स्टेशन पहुंचे।

एफआईआर के अनुसार, जवानों ने पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट और दीवारें फांदकर अंदर प्रवेश किया। उनके हाथों में लाठी, लोहे की रॉड और अन्य हथियार थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह हमला कमांडिंग ऑफिसर एन. अरुण गांधी के निर्देश पर हुआ।

पुलिसकर्मियों पर हमले का विवरण

थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमृत कोटाच उस समय एक बैठक में गए हुए थे। जब वे वापस लौटे, तो मेजर विकाश शर्मा ने कथित तौर पर उन पर हमला किया और उनकी वर्दी फाड़ दीएसडीपीओ विजय कुमार भगत पर भी हमला किया गया।

स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरेश कुमार को सर्विस राइफल के बट से गर्दन पर मारा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि हमलावरों ने किश्तवाड़ के एआरटीओ और उनके सुरक्षाकर्मियों पर भी पुलिस स्टेशन परिसर के भीतर हमला किया।

एफआईआर में लगाए गए आरोप

एथोली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, इन कृत्यों में आपराधिक साजिश, गंभीर चोट पहुंचाने का इरादा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और अन्य अपराध शामिल हैं, जो भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के अंतर्गत आते हैं। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि हमलावरों का कथित मकसद पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट पहुंचाना था।

सेना की प्रतिक्रिया

सेना की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच संबंधित संस्थागत प्रक्रिया के तहत की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। सेना ने अभी तक घटना के विवरण पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

आगे की स्थिति

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के आंतरिक समन्वय पर पहले से ही नज़र रखी जा रही है। पुलिस और सेना के बीच इस तरह की टकराव की घटनाएं संवेदनशील क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती हैं। मामले की आगे की जांच और सेना की आंतरिक कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

संस्थागत संयम की गंभीर विफलता को दर्शाता है। संवेदनशील जम्मू-कश्मीर में, जहाँ पुलिस और सेना का समन्वय राष्ट्रीय सुरक्षा की आधारशिला है, इस तरह की घटनाएं उस विश्वास को कमज़ोर करती हैं। सेना की 'संस्थागत जांच' की प्रतिक्रिया परिचित है — असली परीक्षा यह होगी कि क्या CO स्तर के अधिकारी के खिलाफ FIR के बाद पारदर्शी और दृश्यमान कार्रवाई होती है, या यह मामला भी फाइलों में दब जाता है।
RashtraPress
25 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन पर हमले की घटना क्या है?
बुधवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 17 राष्ट्रीय राइफल्स के 30-40 जवानों ने कथित तौर पर एथोली पुलिस स्टेशन की दीवारें फांदकर अंदर प्रवेश किया और पुलिसकर्मियों पर लाठी व लोहे की रॉड से हमला किया। इस घटना में SHO, SDPO और एक SPO सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
यह विवाद किस कारण शुरू हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने एक सेना अधिकारी के निजी वाहन को यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप में रोककर जब्त कर लिया था। इसी से नाराज होकर कथित तौर पर सेना जवान पुलिस स्टेशन पहुंचे।
FIR में किन-किन पर आरोप लगाए गए हैं?
FIR में 17 RR के कमांडिंग ऑफिसर एन. अरुण गांधी और मेजर विकाश शर्मा समेत 30-40 जवानों के नाम हैं। CO पर हमले का निर्देश देने और मेजर शर्मा पर SHO को पीटने तथा वर्दी फाड़ने का आरोप है।
सेना ने इस मामले पर क्या कहा है?
सेना ने कहा है कि मामले की जांच संबंधित संस्थागत प्रक्रिया के तहत की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। सेना ने घटना के विवरण पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
इस घटना में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है?
एफआईआर के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, गंभीर चोट पहुंचाने का इरादा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले